सागर में भाजपा की हुंकार, नारी शक्ति वंदन अधिनियम के विरोध में कांग्रेस के खिलाफ निकलेगी आक्रोश रैली
सागर, 22 अप्रैल (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष अश्विनी परांजपे ने बुधवार को सागर में आयोजित एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि कांग्रेस और 'इंडी' (I.N.D.I.A.) गठबंधन हमेशा से ही महिलाओं को उनके संवैधानिक अधिकारों से वंचित रखने के पक्ष में रहे हैं।
अश्विनी परांजपे ने कहा कि संसद और राज्यों की विधानसभाओं में देश की आधी आबादी को 33 प्रतिशत आरक्षण देना उनका अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी दलों ने अपनी संकीर्ण राजनीति के चलते 'नारी शक्ति वंदन' विधेयक को रोकने का काम किया है। उन्होंने इसे संसदीय इतिहास का एक दुर्भाग्यपूर्ण अध्याय बताते हुए कहा कि यह सिर्फ एक कानून नहीं, बल्कि करोड़ों महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण से जुड़ा विषय था।
महिला प्रदेश अध्यक्ष ने याद दिलाया कि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी के समय भी महिला आरक्षण के प्रयास हुए थे, जिसे कांग्रेस ने बाधित किया था। उन्होंने कहा: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में भाजपा सरकारें महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में भागीदार बनाने के लिए संकल्पित हैं। विपक्षी दलों ने 2024 के चुनाव के डर से पहले समर्थन का ढोंग किया, लेकिन जब इसे प्रभावी रूप से लागू करने की बारी आई, तो उन्होंने अपना असली महिला विरोधी चेहरा दिखा दिया।
विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम और महिलाओं के अधिकारों के हनन के विरोध में भारतीय जनता पार्टी ने बड़े आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है।
भाजपा का कहना है कि वे जनता की अदालत में जाकर कांग्रेस और अन्य क्षेत्रीय दलों (सपा, टीएमसी, डीएमके) के झूठ का पर्दाफाश करेंगे।
इस प्रेस वार्ता का कुशल संचालन जिला मीडिया प्रभारी श्रीकांत जैन ने किया एवं आभार प्रदर्शन जिला सह मीडिया प्रभारी आलोक केसरवानी द्वारा किया गया।
भाजपा ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक महिलाओं को उनका 33 प्रतिशत आरक्षण का हक नहीं मिल जाता, पार्टी चुप नहीं बैठेगी। 24 अप्रैल की रैली इसी संघर्ष की एक बड़ी कड़ी साबित होगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार चौबे

