भोपाल में नर्सिंग छात्रों का बड़ा प्रदर्शन, डिग्री, परीक्षा और छात्रवृत्ति को लेकर ठोस और लिखित आश्वासन की मांग

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भोपाल में नर्सिंग छात्रों का बड़ा प्रदर्शन, डिग्री, परीक्षा और छात्रवृत्ति को लेकर ठोस और लिखित आश्वासन की मांग


भोपाल में नर्सिंग छात्रों का बड़ा प्रदर्शन, डिग्री, परीक्षा और छात्रवृत्ति को लेकर ठोस और लिखित आश्वासन की मांग


भोपाल में नर्सिंग छात्रों का बड़ा प्रदर्शन, डिग्री, परीक्षा और छात्रवृत्ति को लेकर ठोस और लिखित आश्वासन की मांग


भोपाल, 17 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए हजारों नर्सिंग छात्र-छात्राओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सोमवार को राजधानी भोपाल के नीलम पार्क में उग्र राज्य स्तरीय धरना प्रदर्शन किया। छात्रों का आरोप है कि कॉलेजों की मान्यता और अदालती प्रक्रिया के चक्कर में पिछले 6 सालों से उनका भविष्य अधर में लटका हुआ है। उन्होंने कहा है कि जब तक सरकार की ओर से ठोस और लिखित आश्वासन नहीं मिलता, उनका आंदोलन जारी रहेगा।

प्रदर्शन में शामिल बीएससी नर्सिंग और जीएनएम के विद्यार्थियों ने सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। छात्रों का कहना है कि नर्सिंग कॉलेजों की गलत मान्यता और उनसे जुड़ी धांधलियों में विद्यार्थियों की कोई गलती नहीं है, लेकिन इसकी सजा उन्हें पिछले 6 वर्षों से भुगतनी पड़ रही है। समय पर परीक्षाएं न होना, परिणाम अटकना, डिग्री व रजिस्ट्रेशन नंबर न मिलना और छात्रवृत्ति में अत्यधिक विलंब के कारण हजारों युवाओं की आगे की पढ़ाई और रोजगार के अवसर पूरी तरह ठप्प हो गए हैं।

लिखित आश्वासन मिलने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान

छात्र नेता मनोज रजक व अन्य प्रदर्शनकारियों ने बताया कि अब तक उन्हें केवल आश्वासन ही मिले हैं, जिससे समस्या का कोई समाधान नहीं निकला। इसीलिए इस बार जब तक शासन-प्रशासन की ओर से सभी मांगों पर समयबद्ध और लिखित आदेश जारी नहीं किया जाता, तब तक वे नीलम पार्क से नहीं हटेंगे। छात्रों ने कहा कि नर्सिंग की पढ़ाई पूरी होने के बावजूद डिग्री और रजिस्ट्रेशन न मिलने से वे न तो सरकारी/निजी अस्पतालों में नौकरी के लिए आवेदन कर पा रहे हैं और न ही उच्च शिक्षा प्राप्त कर पा रहे हैं।

नर्सिंग छात्रों की 5 प्रमुख मांगें

विशेष बेंच का गठन: हाईकोर्ट में लंबित नर्सिंग मामले की सुनवाई के लिए स्पेशल बेंच बनाकर जल्द से जल्द छात्रों के हित में अंतिम फैसला सुनाया जाए।

समान परीक्षा का आयोजन: बीएससी नर्सिंग और जीएनएम के सभी श्रेणियों के विद्यार्थियों की परीक्षाएं बिना किसी विलंब के एक साथ कराई जाएं।

समयबद्ध डिग्री और रजिस्ट्रेशन: बैच 2020-21 के छात्रों को दिसंबर 2026 तक हर हाल में डिग्री और रजिस्ट्रेशन नंबर आवंटित किया जाए।

छात्रवृत्ति का शीघ्र भुगतान: विद्यार्थियों की अटकी हुई छात्रवृत्ति और उससे जुड़ी तकनीकी समस्याओं का तुरंत निराकरण किया जाए।

प्रशासनिक जवाबदेही तय हो: कॉलेजों की फर्जी/गलत मान्यता से जुड़ी गड़बड़ियों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और प्रबंधनों पर कार्रवाई कर निर्दोष छात्रों के भविष्य को सुरक्षित किया जाए।

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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत

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