राजगढ़ःसाइबर जागरूकता एवं महिला सुरक्षा को लेकर पुलिस ने किए कार्यक्रम आयोजित

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राजगढ़ःसाइबर जागरूकता एवं महिला सुरक्षा को लेकर पुलिस ने किए कार्यक्रम आयोजित


राजगढ़, 25 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी के निर्देश पर बुधवार को महिला सुरक्षा और साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए जिलेभर में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया गया।

इस अभियान के अंतर्गत जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में छात्राओं एवं महिलाओं को सुरक्षा संबंधी जानकारी देने,जागरूक करने और आत्मरक्षा के प्रति सक्षम बनाने के उद्देश्य से विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। एसपी अमित तोलानी ने नर्सिंग महाविद्यालय एवं छात्रावास में छात्राओं के लिए विशेष काउंसलिंग सत्र आयोजित किया।

इस अवसर पर थानाप्रभारी मंजू मखेनिया एवं एसआई सरिता मिश्रा ने छात्राओं को महिला अपराधों के प्रकार, उनसे बचाव,साइबर फ्रॉड,सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग तथा आत्मरक्षा के उपायों की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही डायल-112, महिला हेल्पलाइन 1090/1091 और साइबर हेल्पलाइन 1930 जैसे महत्वपूर्ण आपातकालीन नंबरों के उपयोग के बारे में जागरूक किया। छात्राओं की समस्याएं सुनकर उनका समाधान किया गया और छात्रावास की सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश भी दिए गए।

थाना नरसिंहगढ़ में एसडीओपी मिनी शुक्ला (आईपीएस), थानाप्रभारी निरीक्षक शिवराजसिंह चौहान एवं पुलिस टीम ने छात्राओं को महिला सुरक्षा एवं साइबर जागरूकता संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी। इसी प्रकार थाना सारंगपुर क्षेत्र में एसडीओपी अरविंदसिंह एवं थाना स्टाफ ने यादव नर्सिंग कॉलेज में छात्राओं को साइबर अपराधों से बचाव के उपाय समझाए।

थाना ब्यावरा में एसडीओपी प्रकाश शर्मा और थानाप्रभारी निरीक्षक वीरेंद्रसिंह धाकड़ ने विद्यालय में छात्राओं को साइबर क्राइम व महिला सुरक्षा के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान किया। थाना खिलचीपुर में थानाप्रभारी उमाशंकर मुकाती एवं स्टाफ द्वारा सरदार पटेल स्कूल में छात्राओं को “गुड टच-बैड टच”, आत्मरक्षा के तरीके, ऑनलाइन ठगी से बचाव, फर्जी कॉल/लिंक से सावधानी जैसे विषयों पर जागरूक किया गया। सभी कार्यक्रमों में महिलाओं एवं बालिकाओं को किसी भी आपातस्थिति में तत्काल पुलिस की सहायता लेने के लिए प्रेरित किया गया। राजगढ़ पुलिस द्वारा इस तरह के जनजागरूकता कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जा रहे हैं,जिनका मुख्य उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं में सुरक्षा, आत्मविश्वास और जागरूकता को बढ़ाना है, ताकि वे स्वयं को सुरक्षित रखने में सक्षम बन सकें।

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हिन्दुस्थान समाचार / मनोज पाठक

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