नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता की प्रेस कॉन्फ्रेंस
उमरिया, 24 अप्रैल (हि.स.)। मध्यप्रदेश के उमरिया जिला मुख्यालय स्थित सर्किट हाउस में भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता डॉ. वाणी अहलूवालिया ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में शुक्रवार काे एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस दौरान उन्होंने इस ऐतिहासिक कानून को महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर बताते हुए विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा।
डॉ. अहलूवालिया ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश की आधी आबादी को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने का एक सशक्त प्रयास है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), डीएमके और समाजवादी पार्टी जैसे दलों ने इस महत्वपूर्ण पहल का विरोध कर महिलाओं के अधिकारों का अपमान किया है। उनके अनुसार, इन दलों की मानसिकता शुरू से ही महिला नेतृत्व को आगे बढ़ाने के खिलाफ रही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा का स्पष्ट लक्ष्य है कि देश के विकास में महिलाओं की भागीदारी बढ़े और वे कम से कम 33 प्रतिशत नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालें। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश “विकसित भारत” की ओर तेजी से अग्रसर है और इसमें महिलाओं की भूमिका को मजबूत करना बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम केवल एक कानून नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की गारंटी है।
प्रवक्ता ने बताया कि पार्टी इस मुद्दे को लेकर पूरे प्रदेश में व्यापक जनजागरण अभियान चलाएगी। जिले-जिले में महिलाओं के रोष और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि विपक्ष की कथित महिला विरोधी सोच को उजागर किया जा सके और आम जनता को सच्चाई से अवगत कराया जा सके।
प्रेस वार्ता के दौरान जब उनसे विभिन्न राजनीतिक सवाल पूछे गए, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा सिद्धांतों और सत्य की राजनीति में विश्वास रखती है। बंगाल जैसे राज्यों में भी उन्होंने विश्वास जताया कि अंततः सत्य और सुशासन की जीत होगी, जिसमें महिला नेतृत्व की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
भाजपा पर लगाए गए तुष्टिकरण के आरोपों को खारिज करते हुए डॉ. अहलूवालिया ने कहा कि भाजपा “ज्ञान और विकास” की राजनीति करती है, न कि विभाजन की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाए गए विभिन्न सुधारात्मक कदमों को विपक्ष जानबूझकर गलत तरीके से प्रस्तुत कर रहा है, जबकि वास्तविकता यह है कि ये निर्णय देशहित और समाज के समग्र विकास के लिए हैं।
महिला आरक्षण के ऐतिहासिक संदर्भ पर उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा से महिलाओं के अधिकारों की पक्षधर रही है और वर्तमान सरकार ने इसे कानून का रूप देकर अपनी प्रतिबद्धता सिद्ध की है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पूर्ववर्ती सरकारें इस विषय पर केवल चर्चा तक सीमित रहीं, जबकि भाजपा ने ठोस कदम उठाया।
डॉ. अहलूवालिया ने अंत में कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश की राजनीति में एक नया अध्याय लिखेगा और आने वाले समय में महिलाएं नीति-निर्माण में अधिक सक्रिय भूमिका निभाएंगी। उन्होंने विपक्ष से भी आग्रह किया कि वे राजनीति से ऊपर उठकर महिलाओं के हित में इस तरह के कदमों का समर्थन करें।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुरेन्द्र त्रिपाठी

