जबलपुर : राष्ट्रपति के हाथों उपाधि मिलने की उम्मीद पर फिरा पानी, दीक्षांत समारोह से पहले स्कॉलर्स में नाराजगी

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जबलपुर : राष्ट्रपति के हाथों उपाधि मिलने की उम्मीद पर फिरा पानी, दीक्षांत समारोह से पहले स्कॉलर्स में नाराजगी


जबलपुर, 18 जून (हि.स.)। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में 21 जून को आयोजित होने वाले दीक्षांत समारोह की तैयारियां जारी हैं। इसी क्रम में विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा डॉक्टरेट, डी.लिट., स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्तकर्ताओं एवं स्वर्ण पदक विजेता विद्यार्थियों को 18, 19 और 20 जून तक प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक रिहर्सल के लिए बुलाया गया है। उपाधि प्राप्त करने हेतु सभी प्रतिभागियों से निर्धारित पंजीयन शुल्क भी जमा कराया गया है।

दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति अथवा राज्यपाल के हाथों उपाधि प्राप्त करने की संभावना को लेकर देश-विदेश से आए स्कॉलर्स में खासा उत्साह था। हालांकि गुरुवार को रिहर्सल के दौरान समारोह प्रभारी संधू सर एवं प्रो. राकेश बाजपेयी द्वारा यह जानकारी दी गई कि राष्ट्रपति द्वारा मंच पर केवल चयनित स्नातकोत्तर स्तर के लगभग 20 विद्यार्थियों को ही उपाधि प्रदान की जाएगी, जबकि शेष लगभग 220 विद्यार्थियों को अपने निर्धारित स्थान पर खड़े होकर केवल अभिवादन करना होगा।

इस सूचना के सामने आते ही उपस्थित स्कॉलर्स में नाराजगी फैल गई। उनका कहना है कि उन्हें इस महत्वपूर्ण व्यवस्था की जानकारी पहले नहीं दी गई और बिना स्पष्ट सूचना के समारोह के लिए बुलाया गया। आक्रोशित विद्यार्थियों ने तत्काल विरोध दर्ज कराया तथा कुछ प्रतिनिधियों ने कुलपति से मुलाकात कर अपनी अपेक्षाओं और अधिकारों को लेकर चर्चा की।

स्कॉलर्स का कहना है कि यदि राष्ट्रपति द्वारा सभी को उपाधि प्रदान करना संभव नहीं है, तो कम से कम प्रोटोकॉल के अनुसार राज्यपाल के हाथों उपाधियां प्रदान की जानी चाहिए। उनका यह भी कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन इस संबंध में स्पष्ट जानकारी तत्काल विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर सार्वजनिक करे।

विद्यार्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि पारदर्शी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई तो वे समारोह का बहिष्कार करने पर विचार करेंगे तथा जमा की गई पंजीयन शुल्क राशि वापस लेने की मांग भी कर सकते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक

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