अनूपपुर: अमरकंटक के वास्तविक स्वरूप को बनाए रखना सभी अधिकारियों की सामूहिक जिम्मेदारी- कलेक्टर

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अनूपपुर: अमरकंटक के वास्तविक स्वरूप को बनाए रखना सभी अधिकारियों की सामूहिक जिम्मेदारी- कलेक्टर


अनूपपुर, 26 सितंबर (हि.स.)। धार्मिक एवं पर्यटन नगरी अमरकंटक को उसके वास्तविक, प्राकृतिक एवं व्यवस्थित स्वरूप में विकसित करना सभी अधिकारियों की सामूहिक जिम्मेदारी है। अमरकंटक से निकलने वाली नदियों का संरक्षण एवं संवर्धन वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

यह बात शनिवार को नगर पालिका अमरकंटक के सभागार में आयोजित नर्मदा समग्र मिशन की बैठक में कलेक्टर रत्नाकर झा ने अधिकारियों से कही। इस अवसर पर उन्होंने निर्देश दिए कि नदियों के प्राकृतिक स्वरूप को बनाए रखते हुए उनके संरक्षण के लिए सभी संबंधित विभाग समन्वित रूप से कार्य करें। नर्मदा नदी तट के 300 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं होना चाहिए। नर्मदा नदी के आसपास किए गए अतिक्रमण को प्राथमिकता के आधार पर हटाने की कार्यवाही की जाए तथा नदी के आसपास निर्धारित स्थानों पर फलदार एवं चिन्हित प्रजातियों के पौधों का रोपण कराया जाए।

कलेक्टर ने कहा कि नर्मदा उद्गम क्षेत्र एवं नदी के आसपास स्वच्छता, सौंदर्यीकरण और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाए। श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की सुविधा के लिए क्षेत्र में बेहतर प्रकाश व्यवस्था की जाए तथा आवश्यक स्थानों पर बैठक के लिए बेंच की व्यवस्था की जाए, जिससे लोग शांत एवं सुखद वातावरण में कुछ समय बैठ सकें। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अमरकंटक के प्राकृतिक एवं धार्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए सभी विकास कार्य सुनियोजित तरीके से किए जाएं। उन्होंने कहा कि अमरकंटक की पहचान उसकी प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक आस्था और नदियों से जुड़ी है, इसलिए विकास कार्यों में पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

कलेक्टर ने अमरकंटक क्षेत्र में निजी एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से निकलने वाले कचरे के संबंध में जानकारी प्राप्त कर उन्होंने अधिकारियों को नवीन डंपिंग साइट चिन्हित करने तथा इसके लिए आवश्यक आवेदन की प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कचरे से कंपोस्ट खाद तैयार कराने तथा निर्मित खाद का उपयोग बगीचों एवं हरित क्षेत्रों में किए जाने के संबंध में भी जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर श्री झा ने अमरकंटक क्षेत्र के होटल, धर्मशालाओं एवं अन्य प्रतिष्ठानों से निकलने वाले सीवरेज के गंदे पानी के समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने वाटर बॉडी का नियमित निरीक्षण करने तथा यह सुनिश्चित करने को कहा कि किसी भी स्थिति में सीवरेज का दूषित पानी नदियों में प्रवाहित न हो। इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

कलेक्टर ने अमरकंटक क्षेत्र के स्थानों पर स्थित तालाबों की समुचित साफ-सफाई एवं स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने अमरकंटक क्षेत्र में पारंपरिक पत्थरों की पुनर्स्थापना पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने अमरकंटक मंदिर में लगी टाइल्स एवं कंक्रीट को हटाकर पारंपरिक पत्थरों की पुनर्स्थापना कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। कलेक्टर श्री झा ने अमरकंटक मंदिर परिसर में मुख्य प्रवेश द्वार के अतिरिक्त निकासी द्वार का निर्माण कराने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निकासी की समुचित व्यवस्था आवश्यक है, ताकि भीड़ की स्थिति अथवा किसी आपात परिस्थिति में श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं समय पर मंदिर परिसर से बाहर निकाला जा सके। नर्मदा नदी के जल की गुणवत्ता के संबंध में नगर पालिका अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की। नगर पालिका अधिकारी ने बताया कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा समय-समय पर नर्मदा जल का परीक्षण कराया जाता है। इस पर कलेक्टर ने माह में दो बार जल का परीक्षण कराने तथा परीक्षण से संबंधित जानकारी का विधिवत पंजी संधारित करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने अमरकंटक क्षेत्र में मांस एवं मदिरा के विक्रय के संबंध में नगर पालिका अधिकारी ने बताया कि अमरकंटक क्षेत्र में मांस एवं मदिरा का क्रय-विक्रय प्रतिबंधित है तथा यहां किसी प्रकार का मांस एवं मदिरा विक्रय नहीं होता है। कलेक्टर ने कपिलधारा, सोनमुड़ा, नर्मदा मंदिर के आसपास सहित अन्य प्रमुख स्थलों पर दुकानदारों द्वारा किए गए अतिक्रमण के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही दुकानदारों के लिए हॉकर्स जोन विकसित कर उन्हें व्यवस्थित रूप से दुकान संचालन की सुविधा उपलब्ध कराने तथा पात्र हितग्राहियों को पीएम स्वनिधि योजना का लाभ दिलाने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने कहा कि अमरकंटक क्षेत्र में यातायात के समुचित एवं बेहतर प्रबंध किए जाएं। नर्मदा मंदिर के आसपास किसी भी प्रकार का पार्किंग एरिया विकसित नहीं किया जाए। उन्होंने अमरकंटक को और अधिक स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं की भी समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य कार्यपालिका अधिकारी जिला पंचायत अर्चना कुमारी, वन मंडलाधिकारी डेविड व्यंकटराव चनाप,अनुविभागीय अधिकारी राजस्व वसीम अहमद भट, नगर पालिका अधिकारी अमरकंटक चैन सिंह परस्ते सहित विभिन्न विभागों के संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

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