धार : पाल-पोसकर बड़ा करने वाली मां को बेटों ने घर से निकाला, मकानों पर भी किया कब्जा
धार, 04 फ़रवरी (हि.स.)। कहते हैं कि मां अपने बच्चों के लिए पूरी दुनिया से लड़ जाती है, लेकिन जब वही बच्चे दुनियादारी सीखकर मां को ही बोझ समझने लगें, तो समाज और रिश्तों पर सवाल खड़े होने लाजमी हैं। शहर के नजदीकी ग्राम जेतपुरा ऐसा ही मामला सामने आया है, जहाँ दो बेटों ने अपनी 60 वर्षीय वृद्ध मां को न केवल बेसहारा छोड़ दिया, बल्कि उनके मकानों पर भी कब्जा कर लिया। अब कोर्ट के आदेश की अवहेलना करने पर आज बुधवार को नौगांव पुलिस ने दोनों बेटों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पीड़ित वृद्धा रामकन्याबाई पति बाबूलाल लोहार (60) निवासी जेतपुरा ने बताया कि दो बेटे गोविंद और राधेश्याम ने उन्हें को घर से निकाल दिया और उनके जेतपुरा व सादलपुर स्थित मकानों पर कब्जा कर लिया। जब विधि सहायता शिविर के माध्यम से न्याय की गुहार लगाई तो मामले में एसडीएम कोर्ट ने दोनों बेटों को आदेश दिया था कि वे अपनी मां को प्रति माह पच्चीस सौ -पच्चीस सौ रुपये भरण-पोषण के रूप में देंगे, लेकिन उन्होंने कोर्ट के आदेश को ना मानते हुए मां के खाते में एक रुपया भी जमा नहीं कराया।
जब विधि सहायता को इस बात की सूचना दी गई कि बेटों ने आदेश का पालन नहीं किया है, तो कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए नौगांव पुलिस को सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए। कोर्ट के निर्देश पर नौगांव पुलिस ने आरोपी बेटों गोविंद और राधेश्याम पिता बाबूलाल एवं बहू देवकन्या बाई पति गोविंद निवासी ग्राम जेतपुरा के खिलाफ धारा 296 ए भादवि, व 24 अभिभावक एवं वरिष्ठ नागरिक देखभाल एवं कल्याण अधिनियम 2007 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। मामले में सभी आरोपी फरार है।
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हिन्दुस्थान समाचार / Gyanendra Tripathi

