राजगढ़ में नकली धनिया बनाने का भंडाफोड़, डंठल-चूरा और केमिकल से तैयार हो रहा था मसाला

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राजगढ़ में नकली धनिया बनाने का भंडाफोड़, डंठल-चूरा और केमिकल से तैयार हो रहा था मसाला


राजगढ़, 25 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा शहर में खाद्य विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में नकली धनिया बनाने के बड़े गोरखधंधे का खुलासा हुआ है। गुना नाका क्षेत्र स्थित एक किराए की दुकान में धनिया के डंठल, चूरा और केमिकल रंग मिलाकर नकली धनिया तैयार किया जा रहा था, जिसे असली बताकर बाजार में बेचा जाता था।

शहर थाना प्रभारी शिवराजसिंह चौहान ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर कमला लॉज के पीछे स्थित दुकान पर दबिश दी गई। मौके से नानकराम वर्मा और गोपाल वर्मा को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में दोनों ने मिलावटी धनिया तैयार करने की बात स्वीकार की।

कार्रवाई के दौरान टीम को 52 बोरी धनिया डंठल, 93 बोरी पिसा हुआ चूरा, तैयार मिलावटी धनिये के पैकेट, केमिकल रंग, ग्राइंडर मशीन और तौल कांटा मिला। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत करीब दो लाख रुपये बताई गई है। खाद्य विभाग ने मौके से सैंपल लेकर दुकान को सील कर दिया।

पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 274 और 275 सहित खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा 56 और 59 के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

प्रारंभिक पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपित चार रुपये प्रति किलो की दर से मिलावटी धनिया तैयार करते थे और तैयार माल एक-दो दिन में ग्राहकों को सौंप दिया जाता था। जांच में यह भी सामने आया कि पूरे नेटवर्क का कथित मास्टरमाइंड गिंदौरहाट निवासी हजारीलाल साहू है, जो डंठल और चूरा खरीदकर ब्यावरा में पिसवाता था। बाद में नकली धनिया को गुना और राजगढ़ जिले की मंडियों सहित कुंभराज और चाचौड़ा क्षेत्र में 15 से 20 रुपये किलो तक बेचा जाता था।

बताया जा रहा है कि फुटकर व्यापारी इसी मिलावटी धनिये को असली बताकर ग्राहकों को ऊंचे दामों पर बेच रहे थे। कार्रवाई के बाद शहर में मसालों की गुणवत्ता को लेकर लोगों में चिंता बढ़ गई है। स्थानीय नागरिकों ने खाद्य विभाग से नियमित जांच अभियान चलाने और मसालों के सैंपल की जांच कराने की मांग की है, ताकि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ न हो सके।

हिन्दुस्थान समाचार / मनोज पाठक

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