पीएम श्री एयर एम्बुलेंस की सुचारू सेवाओं के लिए तंत्र को सुदृढ़ कर आमजन को करें जागरूक:- उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल, 11 जून (हि.स.)। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा है कि 'पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा' आपातकाल में नागरिकों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने की महत्वपूर्ण पहल है। आपात स्थिति में समय से उचित चिकित्सकीय सेवा की उपलब्धता से कई ज़िंदगियों का संरक्षण किया जा सकेगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंगलवार को मंत्रालय वल्लभ भवन में आयोजित बैठक में विभागीय अधिकारियों को पीएम श्री एम्बुलेंस सेवा के संचालन तंत्र को सुदृढ़ करने और आमजन को सेवा की उपलब्धता के संबंध में जागरूक करने के निर्देश दिये। बैठक में अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मो. सुलेमान, प्रमुख सचिव विवेक पोरवाल और एमडी एनएचएम प्रियंका दास सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक में बताया गया कि पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा प्रदेश में कहीं भी चिकित्सा आपात स्थिति उत्पन्न होने या चिन्हित विशेष प्रकार की चिकित्सा सुविधा या चिकित्सा विशेषज्ञों की आवश्यकता निर्मित होने पर कठिन भौगोलिक परिस्थिति में प्रदेश के दूरस्थ अंचलों तक पहुंचकर उन्नत आपातकालीन चिकित्सा द्वारा मरीजों की स्थिति को स्थिर कर उच्च चिकित्सा केन्द्रों तक एयर लिफ्ट करेगी।

पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा सड़कों एवं औद्योगिक स्थलों में होने वाले हादसों, प्राकृतिक आपदा में गंभीर पीड़ित/घायल व्यक्ति को त्वरित उपचार के लिये हवाई परिवहन सुविधा उपलब्ध करायेगी। हृदय सम्बंधित अथवा अन्य विभिन्न गंभीर बीमारियाँ जिसमें रोगी/पीड़ित को तत्काल इलाज की आवश्यकता होने की स्थिति में मरीजों को अच्छे एवं उच्चतम चिकित्सा संस्थानों में त्वरित उपचार के लिये हवाई परिवहन सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

एयर एम्बुलेंस सेवा के संचालन के लिए 01 'हेली एम्बुलेंस' एवं 01 'फिक्स्ड विंग कनवर्टेड फ्लाइंग एम्बुलेंस' का शुभारंभ किया गया है, जो कि प्रदेश के सभी जिलों एवं प्रशासनिक विभागों के नागरिकों की सेवा में तैनात रहेंगी। एयर एम्बुलेंस में उच्च स्तरीय प्रशिक्षित चिकित्सकीय एवं पैरामेडिकल स्टाफ की टीम हमेशा तैनात रहेगी। चिकित्सकीय आवश्यकता अनुसार प्रदेश के रोगियों को दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद अथवा देश के अन्य उच्च चिकित्सा संस्थानों पर हवाई परिवहन करेगी।

पात्रता

सड़क एवं औद्योगिक दुर्घटना अथवा प्राकृतिक आपदा में पीडित को राज्य के अंदर एवं बाहर शासकीय अथवा निजी चिकित्सालय में निशुल्क परिवहन किया जाएगा। आयुष्मान कार्डधारी के उपचार के लिये राज्य के अंदर एवं राज्य के बाहर सभी शासकीय एवं आयुष्मान सम्बद्ध अस्पतालों में उपचार हेतु निशुल्क परिवहन किया जाएगा। अन्य हितग्राही जो कि आयुष्मान कार्डधारी नहीं हैं, उनके उपचार के लिए राज्य के अंदर स्थित शासकीय अस्पतालों में निःशुल्क परिवहन जबकि राज्य के बाहर के किसी भी अस्पताल में अनुबंधित दर पर सशुल्क परिवहन किया जाएगा।

रोगी/पीड़ित का एयर एम्बुलेंस से परिवहन इमरजेंसी हेल्थ कंडीशन (80 प्रकार) की स्थिति में किया जाएगा। एयर एम्बुलेंस सेवा अनुशंसित चिकित्सालय तक ले जाने के लिए होगी। 'पीएम श्री एयर एम्बुलेंस' सेवा अंतर्गत हवाई परिवहन के दौरान सेवाप्रदाता द्वारा रोगी/पीड़ित के लिए 50 लाख का दुर्घटना बीमा का प्रावधान तथा थर्ड पार्टी के लिए 25 लाख का दुर्घटना बीमा और थर्ड पार्टी डैमेज के लिए 25 लाख का दुर्घटना बीमा प्रावधानित है।

सशुल्क सेवा की स्थिति में सेवाप्रदाता एजेंसी को हेलीकाप्टर के लिये प्रति घंटे (फ्लाइंग ऑवर) के मान से रूपए 1,94,500 एवं फिक्स्ड विंग कनवर्टेड फ्लाइंग एम्बुलेंस के लिये प्रति घंटे (फ्लाइंग ऑवर) के मान से रूपए 1,78,900 का भुगतान करना होगा।

एयर एम्बुलेंस सेवा की सुविधा के लिए नोडल अधिकारी

दुर्घटना/आपदा के प्रकरण में संभाग के अंदर पीड़ित को निःशुल्क परिवहन के लिये जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की अनुशंसा पर जिला कलेक्टर संभाग के अंदर स्वीकृति प्रदान कर सकेंगे तथा संभाग के बाहर जाने के लिये स्वीकृति स्वास्थ्य आयुक्त द्वारा दी जायेगी। मेडिकल कॉलेज में भर्ती गंभीर रोगी/पीड़ित को संभाग के बाहर एयर एम्बुलेंस की स्वीकृति अधिष्ठाता की अनुशंसा पर संभाग आयुक्त द्वारा तथा राज्य के बाहर के लिए संचालक चिकित्सा शिक्षा द्वारा दी जायेगी। अन्य समस्त सशुल्क परिवहन के प्रकरण में एयर एंबुलेंस की उपलब्धता अनुसार स्वीकृति राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यालय स्तर पर दी जायेगी।

हिन्दुस्थान समाचार/ नेहा/मुकेश

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