अनूपपुर: सरकारी पट्टे की जमीन पर बना था पीएम आवास,पटवारी पर सीमांकन में छेड़छाड़, रोते हुए महिला ने बया किया दर्द

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अनूपपुर: सरकारी पट्टे की जमीन पर बना था पीएम आवास,पटवारी पर सीमांकन में छेड़छाड़, रोते हुए महिला ने बया किया दर्द


अनूपपुर, 14 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिला मुख्यालय में मंगलवार को जनसुनवाई में अनूपपुर तहसील के ग्राम छिल्पा संजय नगर की रहने वाली भगवनिया कोल ने रोते हुए कलेक्टर से अपने आशियाने को बचाने की गुहार लगाई।

बताया कि उनके ससुर को शासन से मिले पट्टे की जमीन पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर मिला था। लेकिन अब पटवारी की कथित गड़बड़ी के कारण उनके घर की जमीन प्राथमिक स्कूल के नाम दर्ज हो गई है, जिससे परिवार पर बेघर होने का संकट मंडरा रहा है। वहीं जनसुनवाई में सीईओ जिला पंचायत ने 80 आवेदनों में की सुनवाई करते हुए शीध्र निराकरण करने के आदेश दियें।

पट्टे की जमीन को स्कूल के नाम दर्ज करने का आरोप

पीड़ित महिला भगवनिया कोल के मुताबिक, उनके ससुर को साल 2010 में इंदिरा आवास और साल 2022 में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के घर का लाभ मिला था। उस समय यह घर मध्य प्रदेश शासन द्वारा आवंटित पट्टे की जमीन (खसरा नंबर 300/3/1) पर बना था। आरोप है कि साल 2025 में हलका पटवारी ने बिना किसी सूचना के चोरी-छिपे सीमांकन कर दिया। इस हेरफेर के बाद अब यह जमीन मध्य प्रदेश प्राथमिक पाठशाला के नाम पर खसरा नंबर 300/3/2 के रूप में दर्ज हो गई है।

बिना जांच और रोक के बना था पक्का मकान

पीड़ित परिवार का कहना है कि जब इस जमीन पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान बन रहा था, तब प्रशासन की तरफ से कोई रोक-टोक नहीं की गई और न ही कोई जांच हुई। अब अचानक खसरा नंबर बदले जाने से पूरा परिवार खुद को भूमिहीन महसूस कर रहा है और उन्हें कभी भी बेदखल किए जाने का डर सता रहा है।

100% दिव्यांगता सर्टिफिकेट के फेर में फंसा युवक, नहीं मिली ट्राईसाइकिल

जनसुनवाई में एक अन्य मामले में जन्म से दिव्यांग रमेश प्रसाद त्रिपाठी ने भी अपनी आपबीती सुनाई। 50 फीसदी दिव्यांगता प्रमाण पत्र धारक रमेश का दो साल पहले दूसरा पैर भी टूट गया, जिससे वे चलने-फिरने में पूरी तरह लाचार हो गए।

उन्होंने बैटरी वाली ट्राईसाइकिल के लिए जनपद पंचायत कोतमा में आवेदन किया था, लेकिन अधिकारियों ने यह कहकर उनका आवेदन निरस्त कर दिया कि इसके लिए 100% दिव्यांगता का सर्टिफिकेट चाहिए।

'अगले गुरुवार आना' कहकर टाल देते हैं डॉक्टर

रमेश ने बताया कि जनपद कार्यालय से उन्हें अनूपपुर जिला अस्पताल के दिव्यांग वार्ड में जाकर नया सर्टिफिकेट बनवाने को कहा गया था। उन्होंने दिसंबर महीने में ही इसके लिए आवेदन कर दिया था, लेकिन जिला अस्पताल के डॉक्टर हर बार 'अगले गुरुवार आना' कहकर टाल देते हैं। कई सप्ताह बीत जाने के बाद भी डॉक्टरों की टालमटोल के कारण उनका सर्टिफिकेट नहीं बन पाया है, जिससे उन्हें सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

जनसुनवाई में 80 आवेदकों ने बताई समस्याएं

जिला स्तरीय जनसुनवाई में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अर्चना कुमारी ने 80 आवेदनों पर जनसुनवाई करते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को निराकरण करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में अपर कलेक्टर बलवीर रमन, अनुविभागीय अधिकारी अनूपपुर प्राशी अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भी आवेदकों की समस्याएं सुनी।

जनसुनवाई में तहसील पुष्पराजगढ़ के ग्राम पंचायत जरहा निवासी कोमल सिंह ने नक्शा तरमीम कराए जाने, ग्राम पंचायत वेंकटनगर तहसील जैतहरी निवासी भारत लाल प्रजापति ने गंभीर बीमारी के उपचार हेतु आर्थिक सहायता प्रदान कराए जाने, तहसील अनूपपुर के ग्राम चंदवार निवासी रामजी सोनी ने मोटराइज्ड ट्राई-साइकिल दिलाए जाने, ग्राम लामा टोला तहसील कोतमा निवासी राम प्रसाद त्रिपाठी ने दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाए जाने के संबंध में, ग्राम पंचायत वेंकटनगर तहसील जैतहरी आवास योजना का लाभ दिलाए जाने, वार्ड नंबर 3 कोतमा निवासी नरेंद्र सोनी ने अपनी पत्नी के उपचार हेतु सहायता राशि दिलाए जाने , तहसील अनूपपुर के ग्राम कोला निवासी मंगलू बैगा ने जाति प्रमाण पत्र बनाए जाने, तहसील अनूपपुर के ग्राम भाद निवासी कुंवर ने किसान सम्मान निधि का लाभ दिलाए जाने,तहसील पुष्पराजगढ़ की ग्राम अल्हवार निवासी श्रीमती छाया चावले ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाए जाने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

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