अनूपपुर: बिना फाटक की रेलवे क्रॉसिंग पर ट्रेन से टकराई पिकअप, एक का सिर धड़ से अलग, 6 घायल
अनूपपुर, 23 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के चचाई थाना क्षेत्र में गुरूवार-शुक्रवार की रात लोको ट्रेन और पिकअप की टक्कर में पिकअप सवार हेल्पर की मौके पर मौत हो गई, जबकि 6 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा संजय नगर डबल स्टोरी के पास हुआ। घायलों को पुलिस की मदद से जिला चिकित्सालय अनूपपुर में भर्ती कराया गया।
टक्कर इतनी भीषण थी कि हेल्पर का सिर धड़ से अलग हो गया। पिकअप में फंसे शव को जेसीबी की मदद से बाहर निकाला गया। घटना के बाद लोको ट्रेन के संचालन और रेलवे क्रॉसिंग पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार लोको के चालक इंजन छोड़कर भाग गया हैं।
कोयला लेने जा रही थी लोको ट्रेन
जानकारी के अनुसार, अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई से लोको ट्रेन कोयला लेने के लिए संगवा साइडिंग जा रही थी। इसी दौरान संजय नगर डबल स्टोरी के पास पिकअप में सवार सभी सात लोग डीजे का सामान संजय नगर में छोड़कर वापस अपने गांव जा रहे थे। तभी यह हादसा हो गया। तेज रफ्तार से आ रही पिकअप से उसकी टक्कर हो गई। इसके बाद काफी दूर तक पिकअप घिसटती रही और पेड़ से टकराकर ट्रैक से बाहर जा गिरी। हादसे में पिकअप सवार हेल्पर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चालक सहित 6 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को पुलिस की मदद से जिला चिकित्सालय अनूपपुर भिजवाया गया। वहीं, पिकअप में फंसे हेल्पर के शव को जेसीबी की मदद से बाहर निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।
टक्कर से युवक का सिर धड़ से हुआ अलग
दुर्घटना में चकेठी निवासी 25 वर्षीय रवि पुत्र स्वर्गीय लाल बर्मन की मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक का सिर धड़ से अलग हो गया। पिकअप में फंसे शव को जेसीबी की मदद से बाहर निकाला गया। वहीं 17 वर्षीय अर्जुन पुत्र बाबूलाल कोल, 22 वर्षीय विकास पुत्र ओमप्रकाश सिंह, 18 वर्षीय शिवम पुत्र रामकुमार बैगा, 25 वर्षीय कन्हैया पुत्र रामखेलावन बर्मन,19 वर्षीय करन पुत्र काशीराम कोल और 26 वर्षीय राजेश पिता सरजू सिंह, सभी निवासी चकेठी, घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटनास्थल पर अंधेरा था और लोको ट्रेन की ओर से हॉर्न भी नहीं बजाया।
गर्दन फंसने से वाहन से नहीं निकल पाया
पिकअप चालक कन्हैया वर्मा के अनुसार, क्रॉसिंग के आसपास घना जंगल और झाड़ियां हैं। वहां न रेलवे फाटक था और न ही गेटमैन तैनात था। अचानक मालगाड़ी सामने आने पर वाहन में सवार कई लोग कूद गए, लेकिन रवि की गर्दन वाहन में फंस गई। वह बाहर नहीं निकल सका और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
फाटक नहीं होने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
हादसे के बाद रेल लाइन पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। जानकारी के अनुसार, अमरकंटक ताप विद्युत गृह से कोयला परिवहन के लिए संचालित लोको ट्रेन का संचालन निजी कंपनी करती है। सुरक्षा की दृष्टि से कंपनी को विभिन्न स्थानों पर फाटक लगाने की स्वीकृति दी गई है। आरोप है कि इसके बावजूद कई स्थानों पर फाटक नहीं लगाए गए। जिस स्थान पर दुर्घटना हुई, वहां रेल लाइन के दोनों ओर कोयला कर्मचारियों के आवास हैं। यहां बड़ी संख्या में लोग रहते हैं और रेल लाइन पार करने के लिए लोगों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में फाटक और अन्य सुरक्षा इंतजामों का अभाव स्थानीय लोगों के लिए गंभीर खतरा बन गया है।
चालक फरार, परिजनों ने की मुआवजा और नौकरी की मांग
दुर्घटना के बाद लोको ट्रेन का चालक मौके से फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलने पर एसडीएम प्राशी अग्रवाल ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल लाया गया है। परिजन मुआवजा राशि देने और मृतक के एक भाई को पावर हाउस में नौकरी दिलाने की मांग कर रहे हैं। मांगों को लेकर परिजनों के अड़े रहने के कारण पोस्टमार्टम की प्रक्रिया प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है।
अधिकारियों से चर्चा के बाद मिला आश्वासन
जानकारी के अनुसार, घटना के बाद लोको पायलट इंजन चालू हालत में छोड़कर चले गए। सुबह से पावर प्लांट के अधिकारियों के जिला अस्पताल नहीं पहुंचने पर ग्रामीणों और पुलिस अधिकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी। बाद में सुबह करीब 11 बजे पावर प्लांट के अधिकारी पहुंचे। जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और ग्रामीणों के बीच बैठक हुई। इसमें घायलों को बेहतर इलाज के लिए जबलपुर भेजने, फैक्ट्री एक्ट के अनुसार नियमानुसार मुआवजा देने और रेलवे क्रॉसिंग पर सुरक्षा के लिए गेट लगाने का आश्वासन दिया गया।
एक वर्ष पहले भी हो चुका है हादसा
ग्रामीणों के अनुसार, इसी क्रॉसिंग पर करीब एक साल पहले भी मालगाड़ी ने एक कार को टक्कर मार दी थी। ट्रेन कार को करीब 100 मीटर तक घसीटती ले गई थी, हालांकि उस घटना में किसी की जान नहीं गई थी। उस समय भी ग्रामीणों ने बैरिकेडिंग करने या गेटमैन तैनात करने की मांग की थी।
एसडीओपी अनूपपुर सुजीत कुमार ने बताया कि पुलिस शव का पोस्टमार्टम कराकर मर्ग कायम करेगी। मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

