दिव्यांगजनों की समस्याओं और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर प्रमुख सचिव से हुई महत्वपूर्ण बैठक

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दिव्यांगजनों की समस्याओं और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर प्रमुख सचिव से हुई महत्वपूर्ण बैठक


भोपाल, 02 जनवरी (हि.स.)। दिव्यांगजनों की विभिन्न समस्याओं के समाधान और उनके लिए संचालित शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आज सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, मध्य प्रदेश की प्रमुख सचिव सोनाली वायगकर के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में दिव्यांगजनों से जुड़े जमीनी मुद्दों, योजनाओं की खामियों और भविष्य की जरूरतों पर विस्तार से चर्चा की गई।

इस संबंध में स्वयंसेवी संस्था प्रगति के सचिव रविन्द्र चौहान ने जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में मध्य प्रदेश विकलांग मंच एवं प्रगति दिव्यांग सेवा समिति, खंडवा के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। प्रतिनिधिमंडल ने प्रमुख सचिव के समक्ष दिव्यांगजनों की समस्याओं को क्रमवार रखा और ठोस समाधान की मांग की।

बैठक के दौरान सबसे पहले आधार कार्ड और UDID कार्ड से जुड़ी समस्याओं का मुद्दा उठाया गया। प्रतिनिधियों ने बताया कि बड़ी संख्या में दिव्यांगजन आज भी UDID कार्ड से वंचित हैं, जिसके कारण वे कई शासकीय योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। इस पर शीघ्र निराकरण की मांग की गई।

इसके बाद दिव्यांग पेंशन का विषय प्रमुखता से उठाया गया। प्रतिनिधिमंडल ने पेंशन राशि को वर्तमान स्तर से बढ़ाकर ₹1500 प्रतिमाह किए जाने की मांग रखी। साथ ही दिव्यांग महिलाओं को अलग से लाड़ली बहना योजना का लाभ दिए जाने का आग्रह किया गया, ताकि वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।

बैठक में रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों की कमी पर भी चिंता जताई गई। प्रतिनिधियों ने कहा कि दिव्यांगजनों के लिए विशेष रोजगार योजनाएं और प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जाने चाहिए, जिससे वे सम्मानजनक जीवन यापन कर सकें। इसके साथ ही दिव्यांग अधिकार अधिनियम 2016 के पूर्ण और प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया गया।

प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर भी महत्वपूर्ण मांगें रखी गईं। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि दिव्यांगजनों को इस योजना में प्राथमिकता दी जाए और अविवाहित दिव्यांगजनों को भी इसका लाभ सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा राशन और स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ हर पात्र दिव्यांग तक पहुंचे, इसके लिए विशेष निगरानी व्यवस्था बनाने की मांग की गई।

बैठक में दिव्यांगजनों को दी जाने वाली ट्राईमोटर साइकिल की गुणवत्ता में सुधार का मुद्दा भी उठाया गया। प्रतिनिधियों ने कहा कि वर्तमान में मिलने वाले उपकरण कई बार उपयोग योग्य नहीं होते, जिससे दिव्यांगजनों को परेशानी होती है। साथ ही शासकीय दिव्यांग कर्मचारियों को मिलने वाले परिवहन भत्ते को 300 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये किए जाने की मांग भी रखी गई।

इसके अलावा जिला और ब्लॉक स्तर पर विशेष सहायता केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया, ताकि दिव्यांगजनों को एक ही स्थान पर सभी जरूरी सेवाएं और जानकारी मिल सके। प्रतिनिधिमंडल ने प्रमुख सचिव को अवगत कराया कि जिले और ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में दिव्यांगजन आज भी शासकीय योजनाओं से वंचित हैं, जिससे उन्हें आर्थिक और सामाजिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

प्रमुख सचिव सोनाली वायगकर ने सभी विषयों को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों के अधिकारों और सुविधाओं को लेकर शासन संवेदनशील है और समस्याओं के शीघ्र समाधान के लिए आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।

बैठक में मध्य प्रदेश विकलांग मंच के अध्यक्ष आनंद मालाकार, सचिव किरण पाटीदार, प्रगति दिव्यांग सेवा समिति के सचिव रविन्द्र चौहान, सहसचिव मंजू तंवर वकील, जमुना मालाकार सहित मंच के ओमप्रकाश, अखिलेश मिश्रा, मनोहर, अजय मांझी एवं समिति के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. मयंक चतुर्वेदी

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