अनूपपुर: स्वामित्व योजना से पटवारी रहेंगे विरत, दबाव बना तो कलमबंद आंदोलन की चेतावनी

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अनूपपुर: स्वामित्व योजना से पटवारी रहेंगे विरत, दबाव बना तो कलमबंद आंदोलन की चेतावनी


अनूपपुर, 15 सितंबर (हि.स.)। स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026 योजना को लेकर मध्य प्रदेश पटवारी संघ ने सख्त रुख अपनाते हुए योजना के निष्पादन, ई केवासी, पंजीयन और व्यक्तिगत दायित्व वाले कार्यों से पटवारी संवर्ग को पूरी तरह अलग रखने की मांग को लेकर मंगलवार को मुख्यमंत्री के नाम अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।

संघ ने स्पष्ट किया है कि 15 सितंबर 2026 से पटवारी स्वामित्व योजना में निष्पादक के कार्यदायित्वों से विरत रहेंगे। यदि दबाव बनाया गया तो प्रदेश स्तर पर कलमबंद आंदोलन होगा।

अनूपपुर इकाई पटवारी संघ ने लंबित मानदेय का तत्काल भुगतान मांगा

पटवारी संघ ने राजस्व विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन के 2 अगस्त 2026 के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए राजस्व अमले को लंबित राशि का भुगतान यथाशीघ्र किया जाना चाहिए। अनूपपुर जिले में स्वामित्व योजना के तहत प्रति ग्राम ₹7,500, 11वीं कृषि संगणना वर्ष 2020-21 तथा 6वीं लघु सिंचाई संगणना वर्ष 2017-18 का मानदेय अभी तक अप्राप्त है। संघ ने इन लंबित भुगतानों को तत्काल किए जाने की मांग की है। संघ ने कहा कि स्वामित्व योजना ग्रामीण नागरिकों को अधिकार अभिलेख उपलब्ध कराने की महत्वपूर्ण पहल है और इससे ग्रामीणों को ऋण संबंधी सहायता मिल सकती है। पटवारी संघ योजना के उद्देश्य के विरोध में नहीं है, लेकिन योजना के निष्पादन एवं पंजीयन में पटवारियों को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार बनाए जाने पर आपत्ति है।

ई-हस्ताक्षर बना तो कानूनी जिम्मेदारी का डर

ज्ञापन में पंजीयन दस्तावेजों पर पटवारी का नाम, पद, पहचान और ई-हस्ताक्षर निष्पादक के रूप में दर्ज किए जाने को लेकर चिंता जताई गई है। संघ का कहना है कि भविष्य में सीमा, क्षेत्रफल, नाम, वारिसान, हिस्सेदारी, कब्जा अथवा पुराने सर्वे-अभिलेखों में किसी त्रुटि के कारण विवाद होने पर पटवारी को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराए जाने की आशंका है। पटवारी संघ के अनुसार ग्रामीण आबादी क्षेत्र में सर्वेक्षण एवं मानचित्रण का कार्य पंचायत राज व्यवस्था के मार्गदर्शन में किया गया है और पटवारियों की भूमिका सहयोगात्मक, अभिलेखीय एवं मैदानी सहायता तक रही है। योजना का मूल निष्पादन एवं संबंधित प्रशासनिक जिम्मेदारियां पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से कराया जाएं। जिसमे आवश्यक सहयोग रहेगा।

संघ ने पटवारियों ने कम समय में बड़ी संख्या में किसान आईडी बनाकर शासन की योजना को आगे बढ़ाने में योगदान दिया है। वहीं जियो टैग गिरदावरी को संघ ने अव्यवहारिक बताते हुए इसके हटने तक गिरदावरी का कार्य नहीं करने की बात कही है। संघ ने यह भी चेतावनी दी है कि कार्रवाई की स्थिति में प्रदेश के पटवारी तत्काल आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

पुरानी मांगें लंबित, नए काम के बढ़ते बोझ का विरोध

पटवारी संघ ने वेतन विसंगति, ग्रेड-पे, कैडर रिव्यू, पदोन्नति सहित सेवा संबंधी समस्याओं के लंबे समय से लंबित होने का मुद्दा भी उठाया है। संघ का कहना है कि इन समस्याओं का स्थायी समाधान किए बिना पटवारी संवर्ग पर लगातार नई योजनाओं का अतिरिक्त तकनीकी और प्रशासनिक कार्यभार डाला जा रहा है।

दबाव बनाया तो प्रदेश स्तर पर कलमबंद आंदोलन

ज्ञापन में संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि 15 सितंबर से स्वामित्व योजना में निष्पादक के कार्यदायित्व से पटवारी विरत रहेंगे। यदि अत्यधिक दबाव बनाया गया तो प्रदेश स्तर पर कलमबंद आंदोलन किया जा सकता है। संघ ने आंदोलन की स्थिति में उत्पन्न होने वाली कठिनाइयों के लिए शासन को जिम्मेदार ठहराया है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

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