चार साल से अधूरा जलाशय, पानी के लिए सड़क पर उतरे ग्रामीण; चक्का जाम से थमा यातायात
सागर, 01 जून (हि.स.)। भीषण गर्मी और लगातार गहराते पेयजल संकट से परेशान मध्य प्रदेश के सागर जिले के केसली विकासखंड अंतर्गत ग्राम पठाखुर्द के ग्रामीणों का आक्रोश सोमवार को सड़क पर फूट पड़ा। गांव में पेयजल व्यवस्था सुधारने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने चक्का जाम कर प्रदर्शन किया, जिससे मार्ग पर लंबे समय तक यातायात प्रभावित रहा और वाहनों की कतारें लग गईं।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव की जल समस्या के स्थायी समाधान के लिए वर्ष 2022 में जलाशय निर्माण कार्य शुरू किया गया था। निर्धारित समय-सीमा 18 माह होने के बावजूद परियोजना आज तक पूरी नहीं हो सकी है। उनका कहना है कि यदि जलाशय का निर्माण समय पर पूरा हो जाता तो गांव को मौजूदा जल संकट का सामना नहीं करना पड़ता।
ग्रामीणों के अनुसार, बढ़ती गर्मी के बीच गांव के अधिकांश पारंपरिक जल स्रोत सूख चुके हैं। हालात ऐसे हैं कि महिलाओं और बच्चों को पीने के पानी के लिए दूर-दूर तक जाना पड़ रहा है। कई बार प्रशासन से शिकायत और मांग करने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने पर ग्रामीणों ने आंदोलन का रास्ता अपनाया।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि अधूरे जलाशय निर्माण कार्य को तत्काल पूरा कराया जाए और गांव में नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि पानी जैसी बुनियादी सुविधा के अभाव में ग्रामीणों का जीवन प्रभावित हो रहा है।
मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री हर्ष यादव ने ग्रामीणों के आंदोलन का समर्थन करते हुए प्रदेश सरकार और प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अपने कार्यकाल में पठाखुर्द की पेयजल समस्या के समाधान के लिए पाइपलाइन निर्माण हेतु 15 लाख रुपये की राशि स्वीकृत कराई गई थी तथा क्षेत्र में कई हैंडपंप भी स्थापित कराए गए थे। इसके बावजूद आज ग्रामीणों को पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
हर्ष यादव ने शासन-प्रशासन से जलाशय निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा कराने और गांव में स्थायी पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
चक्का जाम के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग और युवा शामिल रहे। मौके पर पुलिस और प्रशासनिक अमला भी मौजूद रहा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जल संकट का समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार चौबे

