अनूपपुर: अदाणी थर्मल एनर्जी के जलाशय और एनीकट प्रोजेक्ट को मिली ग्रामीणों की सहमति, विकास की राह हुई आसान

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अनूपपुर: अदाणी थर्मल एनर्जी के जलाशय और एनीकट प्रोजेक्ट को मिली ग्रामीणों की सहमति, विकास की राह हुई आसान


अनूपपुर, 25 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के कोतमा क्षेत्र में जल संरक्षण और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने वाली प्रस्तावित जलाशय (रिजर्वायर) एवं एनीकट निर्माण परियोजना को लेकर आयोजित लोक सुनवाई सकारात्मक माहौल में संपन्न हुई। अदाणी अनूपपुर थर्मल एनर्जी (म.प्र.) लिमिटेड द्वारा प्रस्तावित इस परियोजना में प्रभावित ग्रामीणों, भू-स्वामियों और जनप्रतिनिधियों ने विकास कार्यों का समर्थन करते हुए इसे क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।

कोतमा तहसील के 10 गांवों—छतई, गुलीडांड, पचखुरा, छूलहा, मैनटोला, पथरौढ़ी, भाटाडांड, चंगेरी, कटकोना और पयारी में प्रस्तावित इस परियोजना के लिए कुल 72.73 हेक्टेयर निजी भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। भूमि स्वामियों की सहमति, आपत्तियों और सुझावों को जानने के लिए ग्राम मझौली और करकोना पंचायत परिसरों में लोक सुनवाई आयोजित की गई। यह प्रक्रिया ‘भूमि अर्जन, पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम-2013’ के प्रावधानों के तहत पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही है।

लोक सुनवाई में जिला पंचायत सदस्य रिंकू रामजी मिश्रा सहित क्षेत्र के सरपंच, उप सरपंच और ग्रामीणों ने परियोजना का समर्थन किया। ग्रामीणों ने कहा कि जलाशय और एनीकट बनने से क्षेत्र में जलस्तर सुधार होगा, सिंचाई सुविधाएं बढ़ेंगी और कृषि क्षेत्र को लाभ मिलेगा।

ग्रामीणों का कहना था कि परियोजना से गर्मियों में होने वाली जल समस्या से राहत मिलेगी और आने वाले समय में क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी। इसके साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ने की उम्मीद जताई गई।

लोक सुनवाई के दौरान कोतमा एसडीएम सतीश वर्मा और डिप्टी कलेक्टर कमलेश पुरी मौजूद रहे। अधिकारियों ने प्रभावित भू-स्वामियों को नियमानुसार उचित मुआवजा और पुनर्वास लाभ उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।

प्रशासन की निगरानी में पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। कंपनी अधिकारियों ने बताया कि परियोजना का उद्देश्य जल संरक्षण, क्षेत्रीय विकास और स्थानीय सुविधाओं को मजबूत करना है।

लोक सुनवाई में बड़ी संख्या में किसान, भू-स्वामी, महिलाएं, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे। सकारात्मक संवाद और आपसी सहमति के साथ हुई इस प्रक्रिया को क्षेत्र के विकास की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

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