पातालपानी-कालाकुंड हेरिटेज ट्रेन की वापसी जल्द, 12 कोच इंदौर पहुंचे

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पातालपानी-कालाकुंड हेरिटेज ट्रेन की वापसी जल्द, 12 कोच इंदौर पहुंचे


इंदौर, 17 अगस्त (हि.स.)। पातालपानी-कालाकुंड के बीच लंबे समय से बंद हेरिटेज ट्रेन के दोबारा संचालन का इंतजार अब खत्म होने वाला है। मरम्मत के बाद ट्रेन के 12 कोच बीकानेर से लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन पहुंच गए। अब इन्हें महू के रास्ते पातालपानी ले जाकर ट्रैक पर उतारा जाएगा। रेलवे की तैयारियों के अनुसार इसी सप्ताह ट्रेन का संचालन शुरू किया जा सकता है।

पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल के मंडल रेल प्रबंधक अश्विनी कुमार के अनुसार लक्ष्मीबाई नगर पहुंच चुके कोचों को पातालपानी ले जाने के बाद क्रेन की सहायता से ट्रैक पर उतारा जाएगा। इसके बाद सभी कोचों को इंजन से जोड़कर रैक तैयार किया जाएगा। ट्रेन का परीक्षण भी किया जाएगा। परीक्षण के दौरान ट्रैक, रैक और सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मानकों की जांच की जाएगी। सभी व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए जाने पर यात्रियों के लिए ट्रेन का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।

रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि सोमवार से कोचों को उतारने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके बाद इन्हें पातालपानी ले जाकर ट्रैक पर स्थापित किया जाएगा। आवश्यक परीक्षण और सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद नियमित संचालन की दिशा में आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

हेरिटेज ट्रेन के कोच लंबे समय से रखरखाव के लिए बीकानेर भेजे गए थे। रेलवे ने पहले अगस्त में ट्रेन दोबारा चलाने की तैयारी की थी और जुलाई के अंत तक कोचों की वापसी की उम्मीद थी। अब 12 कोचों के इंदौर पहुंचने के बाद ट्रेन के जल्द शुरू होने की संभावना बढ़ गई है।

पातालपानी-कालाकुंड के बीच चलने वाली हेरिटेज ट्रेन पर्यटकों के बीच खासा लोकप्रिय रही है। विशेष रूप से वर्षा ऋतु में इस रेल सफर का आनंद लेने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। करीब 10 किलोमीटर लंबा मीटरगेज रेलखंड पहाड़ियों, घने जंगल, घाटियों, झरनों और सुरंगों के बीच से गुजरता है, जिससे यह यात्रा अपने आप में अनूठा अनुभव बन जाती है।

पातालपानी-कालाकुंड रेलखंड करीब 155 वर्ष पुराना है। इसकी योजना इंदौर रियासत के महाराजा तुकोजीराव होलकर द्वितीय के शासनकाल में बनाई गई थी और वर्ष 1878 में रेल लाइन का निर्माण पूरा हुआ था। यह मार्ग ऐतिहासिक डॉ. अंबेडकर नगर (महू)-खंडवा मीटरगेज रेलखंड का हिस्सा रहा है।

ऐतिहासिक रेलखंड को संरक्षित कर पर्यटन से जोड़ने के उद्देश्य से रेलवे ने वर्ष 2018 में हेरिटेज ट्रेन की शुरुआत की थी। पहली हेरिटेज ट्रेन 25 दिसंबर 2018 को पातालपानी से कालाकुंड के बीच चली थी। इसके बाद यह ट्रेन इंदौर और आसपास के क्षेत्रों के पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण बन गई।

पातालपानी-कालाकुंड रेलखंड की सबसे बड़ी विशेषता इसका प्राकृतिक और ऐतिहासिक परिवेश है। करीब 10 किलोमीटर के इस मार्ग में चार सुरंगें और 24 मोड़ हैं। रेलखंड पर छह बड़े और 35 छोटे पुल भी बने हुए हैं। यात्रा के दौरान एक ओर ऊंची पहाड़ियां और घना जंगल दिखाई देता है, तो दूसरी ओर गहरी घाटियां और झरने पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजू विश्वकर्मा

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