मप्र में यात्री परिवहन को आधुनिक, सुलभ और पर्यावरण-अनुकूल बनाने में मील का पत्थर साबित होगी समिट : मंत्री सिंह

WhatsApp Channel Join Now
मप्र में यात्री परिवहन को आधुनिक, सुलभ और पर्यावरण-अनुकूल बनाने में मील का पत्थर साबित होगी समिट : मंत्री सिंह


मप्र में यात्री परिवहन को आधुनिक, सुलभ और पर्यावरण-अनुकूल बनाने में मील का पत्थर साबित होगी समिट : मंत्री सिंह


- इंदौर में दो दिवसीय यात्री परिवहन विज़न समिट-2026 का शुभारंभ

भोपाल, 11 सितम्बर (हि.स.) । मध्य प्रदेश के परिवहन और स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि प्रदेश में सार्वजनिक यात्री परिवहन को आधुनिक, सुलभ और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में यह समिट एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने परिवहन के क्रमिक विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि 17वीं सदी की पारंपरिक व्यवस्था और बाद के पेट्रोल-डीजल युग से आगे बढ़कर आज हम ई-बसों के दौर में प्रवेश कर चुके हैं। सरकार का प्राथमिक उद्देश्य प्रदूषण-मुक्त परिवहन के साथ-साथ सुदूर ग्रामीण अंचलों को शहरों से उत्कृष्ट व सुरक्षित सेवाओं के माध्यम से जोड़ना है।

परिवहन मंत्री सिंह शुक्रवार को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अंतर्गत 'यात्री परिवहन विज़न समिट-2026 के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे। इसके पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने प्रदेश में स्मार्ट, सुरक्षित, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार मोबिलिटी इकोसिस्टम के निर्माण में प्रदेश के नागरिकों, शोधकर्ताओं, शैक्षणिक संस्थानों और नवप्रवर्तकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए रिमोट का बटन दबाकर 'एमपी मोबिलिटी इनोवेशन चैलेंज 2026' का शुभारंभ किया। समिट में तकनीकी नवाचारों और निवेश को लेकर देश के उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार साझा किए।

समिट को संबोधित करते हुए परिवहन मंत्री सिंह ने कहा कि राज्य सरकार निजी बस संचालकों के साथ सहभागी बनकर एक संगठित और पारदर्शी व्यवस्था विकसित कर रही है। 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' के माध्यम से आधुनिक बस टर्मिनलों का निर्माण, डिजिटल ट्रैकिंग, चालकों-परिचालकों की प्रभावी निगरानी और सड़क सुरक्षा को सुनिश्चित किया जाएगा। वर्ष 2004-05 में पुरानी राज्य परिवहन सेवा बंद होने के बाद, मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में इस नवीन सेवा का संकल्प लिया गया है। इस महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर प्रभावी रूप से क्रियान्वित किया जाएगा।

इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य में यात्री परिवहन की समस्या को अपनी दूरदृष्टि सोच के साथ समाधान करने का कार्य किया है। इंदौर और मालवा क्षेत्र को सुगम परिवहन बस योजना का लाभ मिलेगा। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप से निर्मित होने वाला क्लीन और सेफ बस सिस्टम गांवों को शहर से जोड़ेगा। परिवहन में ई-बस के उपयोग से प्रतिवर्ष लगभग 70 हजार टन से अधिक कार्बन उत्सर्जन को रोका जा सकेगा। मध्यप्रदेश में पुन: राज्य परिवहन सेवा की शुरुआत प्रदेश के लिए मील का पत्थर साबित होगी।

सचिव परिवहन मनीष सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में सुरक्षित, सुविधाजनक, किफायती और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करने की दिशा में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा प्रारंभ की गई है। उन्होंने समिट के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की आवश्यकता, पृष्ठभूमि, नवीन व्यवस्था के सृजन, व्यवस्था के तीन प्रमुख स्तंभ और संस्थागत संरचना का अपने संबोधन में प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एमपीवाईपीआईएल) की स्थापना कर बस संचालन, आईटीएमएस और परिवहन अधोसंरचना को पीपीपी मॉडल पर एकीकृत रूप से विकसित किया जा रहा है। प्रदेश के 55 जिलों का रूट सर्वे किया जा चुका है तथा डेटा आधारित लगभग 150 सिटी, 450 इंटरसिटी और 436 इंटरस्टेट मार्ग विकसित किए जाएंगे। बसों में सीसीटीवी, जीपीएस, पैनिक बटन एवं रियल टाइम मॉनिटरिंग के साथ ईवी और सीएनजी बसों को प्राथमिकता दी जाएगी।

सचिव सिंह ने कहा कि समिट के माध्यम से बस ऑपरेशन, अधोसंरचना, यात्री सुरक्षा, ग्रीन मोबिलिटी, एकीकृत टिकटिंग और ऑपरेटरों की वित्तीय साध्यता पर विभिन्न हितधारकों के साथ मंथन कर PPP आधारित स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग मॉडल और आधुनिक ITMS का रोडमैप तैयार किया जाएगा। हमारा लक्ष्य प्रदेशवासियों को “सही बस, सही मार्ग और सही समय” के अनुरूप विश्वसनीय परिवहन सेवा उपलब्ध कराना है।

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के विजन को प्रस्तुत करने और मध्य प्रदेश में सुरक्षित, विश्वसनीय, किफायती एवं प्रौद्योगिकी-सक्षम सार्वजनिक परिवहन प्रणाली के विकास पर विचार-विमर्श करने के लिए 11-12 सितंबर 2026, दो दिवसीय राज्य स्तरीय समिट का आयोजन किया गया है। इसमें 2,000 से अधिक प्रतिनिधि और 100 प्रमुख उद्योग विशेषज्ञ भाग लें रहे है, जिनमें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के प्रतिनिधि, ई-बस और बड़े वाहन निर्माता, सॉफ्टवेयर कंपनियां व आईटीएमएस एजेंसियां, वित्तीय संस्थान, ऊर्जा कंपनियाँ और निजी बस संचालक जैसे प्रमुख हितधारक शामिल हैं।

यात्री परिवहन विज़न समिट 2026 स्मारिका

यात्री परिवहन विज़न समिट 2026 स्मारिका प्रदेश में एक कनेक्टेड, तकनीक-सक्षम, सतत और भविष्य के लिए तैयार यात्री परिवहन तंत्र के निर्माण के लिए एक महत्वपूर्ण ज्ञान दस्तावेज़ और नीतिगत रोडमैप प्रस्तुत करती है। इसमें जनप्रतिनिधियों, शासन और उद्योग जगत के वरिष्ठ नेतृत्व के प्रेरक विचार एवं साक्षात्कार संकलित किए गए हैं।

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा पुस्तिका

‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा पुस्तिका’ इस महत्वाकांक्षी पहल की रूपरेखा और भावी कार्ययोजना को रेखांकित करती है। पुस्तिका में योजना के तीन मुख्य स्तंभों—पीपीपी मॉडल के तहत पेशेवर बस संचालन, इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस ) तथा आधुनिक परिवहन अधोसंरचना के विकास को प्रमुखता से शामिल किया गया है। इसके अलावा, मध्य प्रदेश यात्री परिवहन और अधोसंरचना लिमिटेड (एमपीवाईपीआईएल), सात क्षेत्रीय सहायक कंपनियों और ज़िला स्तरीय समितियों पर आधारित त्रि-स्तरीय प्रशासनिक ढांचे को समझाया गया है। इसके साथ-साथ डेटा-आधारित रूट प्लानिंग, रियल-टाइम बस ट्रैकिंग, डिजिटल टिकटिंग, यात्री सुरक्षा और स्वच्छ मोबिलिटी तकनीकों के विस्तृत प्रावधानों को इसमें स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किया गया है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत

Share this story