अनूपपुर: धान उपार्जन घोटाला: महिला स्व-सहायता समूहों के नाम पर करोड़ों का खेल
बीते वर्ष आपात्र समूहों से कराई गई खरीदी, गलत खातों में भुगतान, अधिकारियों की मिलीभगत उजागर
अनूपपुर, 03 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में धान उपार्जन वर्ष 2024-25 के दौरान महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से खरीदी केंद्रों का आवंटन और भुगतान विवादों में घिर गया है। अधिकारियों की मिलीभगत, फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से करोड़ों रुपये का गबन और विभाग की मनमानी ने स्थानीय किसानों और ग्राम संगठनों के विश्वास को हिला कर रख दिया है। आवंटित संगठनों की जगह आपात्र समूहों से खरीदी करवाई गई और भुगतान गलत खातों में किया गया, जिससे यह मामला केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं बल्कि संगठित भ्रष्टाचार का गंभीर उदाहरण बन गया है।
जिले में धान उपार्जन वर्ष 2024-25 के दौरान महिला स्व-सहायता समूहों को आवंटित उपार्जन केंद्रों में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार किए जाने का मामला सामने आया है। गत वर्ष संचनालय भोपाल द्वारा तीन स्व-सहायता समूह को भोपाल द्वारा आपात्र किया गया था। जिसके बाद खाद्य विभाग द्वारा संशोधित सूची भेजी गई, जिसके बाद 18 दिसम्बर को जीवन ज्योति संकुल संगठन अनूपपुर को विपणन परिसर जैतहरी, एकता ग्राम संगठन टकुहली को कृषि उपज मंडी जैतहरी तथा सहारा संकुल संगठन जैतहरी को मैदान ग्राम मनौरा मानिकपुर का खरीदी केन्द्र का आदेश दिया गया, जिसके कारण 1 दिसम्बर 2024 से प्रारंभ होने वाली धान खरीदी 22 दिसम्बदर 2024 को प्रारंभ हुई। लेकिन जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी अनीता सोरते, कनिष्ठप आपूत्रि अधिकारी सहित एनआरएलएम के प्रबंधक शशांक सिंह की मिली भगत से आवंटित हुई संकुल संगठन वा ग्राम संगठन की जगह उसी वर्ष आपात्र हुये प्रिया स्व-सहायता समूह शिवनी, दुर्गा-2 स्व-सहायता समूह बलबहरा तथा संस्कार स्व-सहायता समूह चोरभटी से खरीदी करवाकर नियम विरूद्व तरीके से कार्य कराया गया।
मंडल अध्यक्ष वेंकटनगर के खाते में 7 लाख का भुगतान
जिले के जैतहरी क्षेत्र में धान उपार्जन वर्ष 2024–25 के भुगतान को लेकर गंभीर अनियमितता के आरोप सामने आया हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार खरीदी केन्द्र मैदान ग्राम मनौरा, मानिकपुर में गत वर्ष धान खरीदी का कार्य सहारा संकुल संगठन जैतहरी को स्वीकृत किया गया था। हालांकि इसी वर्ष कथित रूप से अपात्र घोषित संस्कार स्व-सहायता समूह चोरभठी से धान खरीदी कराए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि उपार्जन प्रक्रिया में नियमों को दरकिनार किया गया। उपार्जन के बाद धान वर्ष 2024–25 के देयकों का भुगतान सहारा संकुल संगठन जैतहरी के खाता क्रमांक 3518610917 से चेक क्रमांक 077638, दिनांक 31 अक्टूबर 2025 के माध्यम से किया गया। यह राशि 7,46,294 बताई जा रही है, जो कथित रूप से भाजपा मंडल अध्यक्ष वेंकटनगर विजय सिंह राठौर के खाता क्रमांक 2193684959 में स्थानांतरित की गई है। सूत्रों के अनुसार संस्कार स्व-सहायता समूह चोरभठी की सदस्य सावित्री राठौर के पुत्र विजय सिंह राठौर है। इस पारिवारिक संबंध के चलते पूरे मामले पर और अधिक सवाल खड़े हो रहे हैं। इस पूरे प्रकरण में राजनीतिक प्रभाव और निजी लाभ को प्राथमिकता दी गई, जिससे न केवल सरकारी नियमों की अनदेखी हुई बल्कि वास्तविक पात्र समूहों के अधिकारों का भी हनन हुआ। मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है।
प्रिया स्व-सहायता ने फर्जी दस्तावेज से हासिल किया 8 लाख का भुगतान
जीवन ज्योति संकुल संगठन अनूपपुर द्वारा वर्ष 2024 में जीवन ज्योति संकुल संगठन को क्रमांक 1 विपणन परिसर जैतहरी में धान खरीदी केंद्र प्रदान किया गया था। लेकिन उक्त खरीदी प्रिया स्व-सहायता समूह शिवनी द्वारा की गई। जानकारी के अनुसार धान खरीदी के पश्चात् उपार्जित धान के भुगतान की राशि सीधे जीवन ज्योति संकुल संगठन अनूपपुर के खाते में फर्जी दस्तावेज पेश कर प्रिया स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष गिरिजा राठौर ने अपने कब्जे में ले ली। संगठन के खाता क्रमांक 3598916113 से 1 दिसंबर 2025 को 8 लाख रुपये का चेक क्रमांक 086865 काटा गया और उक्त राशि प्राप्त कर ली गई। इस मामले में संगठन की पूर्व अध्यक्ष, अहिल्या पटेल की जगह गिरिजा राठौर द्वारा फर्जी दस्तावेज पेश कर भुगतान प्राप्त करने की जानकारी सामने आई है।
एकता ग्राम संगठन टकुहली के अधिकारों की अनदेखी
गत वर्ष एकता ग्राम संगठन टकुहली को धान खरीदी के लिए कृषि उपज मंडी जैतहरी में आवंटित किया गया था। लेकिन आश्चर्यजनक रूप से विभाग ने खरीदी एकता ग्राम संगठन की बजाय दुर्गा 2 स्व-सहायता समूह बलबहरा से करवाई। सूत्रों के अनुसार खरीदी के बाद भुगतान भी गलत खाते में किया गया। एकता ग्राम संगठन टकुहली के खाते क्रमांक 36047024646 के माध्यम से जारी चेक क्रमांक 448257 की राशि 10 लाख रुपये दिनांक 25 नवंबर 2025 को दुर्गा 2 स्व-सहायता समूह बलबहरा के खाते क्रमांक 3898273361 में प्राप्त हुई। इस मामले में सबसे बड़ी चिंता यह है कि विभाग ने कार्य को आपात्र संगठन से क्यों करवा दिया, इसका जवाब संबंधित अधिकारियों के पास भी नहीं है। स्थानीय किसानों और ग्राम संगठनों में इस घटना को लेकर गहरा असंतोष है और वे उचित जवाब की मांग कर रहे हैं।
महिला समूहों की धान खरीदी में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार
जिले में धान उपार्जन वर्ष 2024-25 के दौरान महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से खरीदी केंद्रों और भुगतान में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। यह केवल वित्तीय हेराफेरी तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थानीय प्रशासन और राजनीतिक प्रभाव वाले अधिकारियों द्वारा नियमों की पूरी तरह अनदेखी कर शासकीय धन का गलत वितरण करने का खुलासा है। महिला स्व-सहायता समूहों को सशक्त बनाने और किसानों के हित में कार्य करने का जो उद्देश्य था, वह पूरी तरह विफल साबित हुआ है। विभाग और अधिकारियों की मनमानी के कारण आवंटित संगठनों की जगह आपात्र समूहों से खरीदी करवाई गई और भुगतान गलत खातों में ट्रांसफर किया गया। इस प्रक्रिया में फर्जी दस्तावेजों और राजनीतिक रिश्तों का खुला दुरुपयोग हुआ। महिला स्व-सहायता समूहों के नाम पर होने वाली इस खरीदी में महिलाओं से ज्यादा पुरुषों की सक्रियता दिखाई देती है, जो महिलाओं को सशक्त बनाने के मूल उद्देश्य का पूर्ण हनन है। इस मामले में उच्च स्तर पर जांच कर संबंधित अधिकारियों और फर्जी भुगतान में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए थी, लेकिन विभाग ने स्वयं के भ्रष्टाचार को छिपाते हुए महिला समूहों में हुई अनियमितताओं को दबाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
इनका कहना है
यदि गत वर्ष धान खरीदी का कार्य सहारा संकुल संगठन जैतहरी को स्वीकृत किया गया था, तो अपात्र घोषित संस्कार स्व-सहायता समूह चोरभठी से धान खरीदी कराया जाना गलत है। उसकी पूरी जांच करना शासन प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है। इस प्रक्रिया में जो भी दोषी पाया जाए, उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, चाहे वह कोई भी हो।
फुन्देलाल सिंह मार्को, विधायक पुष्पराजगढ़
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

