अनूपपुर: मिलर्स की हड़ताल, धान की मिलिंग अटकी, ओपन कैप में 35 हजार मीट्रिक टन धान भीगी

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अनूपपुर: मिलर्स की हड़ताल, धान की मिलिंग अटकी, ओपन कैप में 35 हजार मीट्रिक टन धान भीगी


अनूपपुर, 10 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में करोड़ों रुपए का खाद्यान्न सुरक्षित भंडारण के अभाव में बारिश के बीच खतरे में पड़ गया है। धान खरीदी के कई महीने बाद भी धान की मिलिंग का कार्य पूरा नहीं हो सका है। इसके चलते जिले के विभिन्न गोदामों और ओपन कैप में बड़ी मात्रा में खाद्यान्न पड़ा हुआ है। लगातार हो रही बारिश से खुले में रखे अनाज के भीगने और उसकी गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।

जिले में वर्तमान में लगभग 1.35 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न का भंडारण किया गया है। इसमें गेहूं, धान, चावल, मसूर, चना, नमक और शक्कर शामिल हैं। यह खाद्यान्न सार्वजनिक वितरण प्रणाली सहित अन्य शासकीय योजनाओं के लिए सुरक्षित रखा गया है, लेकिन पर्याप्त सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था नहीं होने से इसके बारिश में भीगकर खराब होने का डर बना हुआ है। लगभग चार दिनों पूर्व कोतमा के मार्कफेड ओपन कैप में भंडारित धान भीग गई थी। धान को बारिश से बचाने के लिए यहां तिरपाल तो लगाया गया है लेकिन नमी आने के कारण दोपहर में धूप होने पर हटाया गया था और इसी दौरान बारिश होने से कई बोरी अनाज इसमें भीग गया था।

40 गोदामों में किया गया भंडारण

जिले में कुल 40 गोदामों में 1.35 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न का भंडारण किया गया है। इनमें चार शासकीय गोदाम हैं, जिनमें एक राजेंद्रग्राम तथा तीन कोतमा में स्थित हैं। इसके अलावा निजी गोदामों और राइस मिलों में भी खाद्यान्न रखा गया है। इन सभी गोदामों की कुल भंडारण क्षमता करीब 1 लाख मीट्रिक टन है। इसके बावजूद करीब 35 हजार मीट्रिक टन खाद्यान्न कोतमा स्थित मार्केड ओपन कैप में खुले आसमान के नीचे रखा गया है। बारिश के दौरान तिरपाल और अन्य सुरक्षा उपायों के बावजूद खुले में रखे अनाज के नमीकी चपेट में आने की आशंका है।

मिलिंग कार्य में देरी से हो रही समस्या

धान खरीदी पूरी होने के बाद निर्धारित समय में मिलिंग कर चावल तैयार किया जाना था, लेकिन मिलर्स की हड़ताल के कारण यह प्रक्रिया प्रभावित हुई। परिणामस्वरूप बड़ी मात्रा में धान अब भी गोदामों और ओपन कैप में पड़ी हुई है। पुराना भुगतान नहीं होने और मिलिंग की दर में बढ़ोत्तरी नहीं होने के कारण पूरे प्रदेश में यह हड़ताल जारी है, जिसमें जिले के मिलर्स भी शामिल हैं।

प्रबंधक प्रियंका पठारिया ने बताया कि सभी गोदाम में अनाज रखी हुई है, कुछ ओपन कैप में भी रखी है जिसमें सुरक्षा के पूरे इंतजाम किए गए हैं। मिलर्स की हड़ताल के कारण मिलिंग कार्य नहीं हो पाया है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

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