अनूपपुर: जिले में 10 हजार से अधिक प्राचीन पांडुलिपियों का हुआ दस्तावेजीकरण, खोज जारी

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अनूपपुर: जिले में 10 हजार से अधिक प्राचीन पांडुलिपियों का हुआ दस्तावेजीकरण, खोज जारी


अनूपपुर, 25 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में प्राचीन ज्ञान, दुर्लभ अभिलेखों और ऐतिहासिक ताड़पत्रों के संरक्षण तथा उन्हें भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित करने के उद्देश्य से 'ज्ञान भारतम मिशन' के तहत राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण का कार्य जिला पुरातत्व, पर्यटन एवं संस्कृति परिषद् तीव्र गति से चल रहा है।

जिला प्रशासन द्वारा गुरुवार को जानकारी दी गई कि विशेष टीम ने अब तक जिले में 10,544 प्राचीन पांडुलिपियों को खोजकर उनकी जानकारी आधिकारिक ऐप पर अपलोड कर दी है। सर्वेक्षण टीम द्वारा अमरकंटक और उसके आस-पास के क्षेत्रों में सघन अभियान चलाकर इन बहुमूल्य धरोहरों को संकलित किया जा रहा है, और आने वाले दिनों में इस आंकड़े में और बड़ी वृद्धि होने की संभावना है।

सर्वेक्षण के दौरान टीम ने क्षेत्र के प्रतिष्ठित विद्वान पंडित कामता प्रसाद द्विवेदी के पास सुरक्षित उनके पूर्वजों द्वारा लिखित अत्यंत दुर्लभ पांडुलिपियों को खोज निकाला है। इन ऐतिहासिक दस्तावेजों में देवी तंत्र, हनुमत तंत्र, और कर्मकांड के विशिष्ट तंत्र प्रयोगों के साथ-साथ महर्षि वाल्मीकि कृत प्राचीन शास्त्रों का अनूठा संग्रह शामिल है।

भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा संचालित इस महत्वपूर्ण मिशन के तहत पूरे देश में 16 मार्च 2026 से 30 जून 2026 तक यह विशेष डिजिटलीकरण और दस्तावेजीकरण अभियान चलाया जा रहा है, ताकि देश की इस अमूर्त सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पटल पर संरक्षित किया जा सके।

कलेक्टर हर्षल पंचोली ने इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य में जिले के नागरिकों से सक्रिय सहभागिता की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी नागरिक, प्राचीन आश्रम, धार्मिक स्थल या निजी पुस्तकालय के पास 75 वर्ष या उससे अधिक पुरानी हस्तलिखित कृतियाँ, ताम्रपत्र, भोजपत्र या दस्तावेज उपलब्ध हैं, तो वह इसकी सूचना प्रशासन को अवश्य दें। इन पांडुलिपियों की पहचान अत्यंत सरल है; ये आमतौर पर लाल या मैरून रंग के कपड़ों में अत्यंत सुरक्षित ढंग से बांधी हुई मिलती हैं।

नागरिक इस सर्वेक्षण का हिस्सा बनने के लिए स्वयं गूगल प्ले स्टोर से 'ज्ञान भारतम ऐप' डाउनलोड कर जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, वे जिला पुरातत्व, पर्यटन एवं संस्कृति परिषद् के पर्यटन प्रबंधक अजय अग्रवाल से मोबाइल नंबर 8085770275 पर सीधा संपर्क कर सकते हैं, जिसके बाद विशेषज्ञों की टीम संबंधित स्थान पर पहुंचकर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करेगी।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

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