अनूपपुर: रपटा पर डेढ़ फीट पानी, राजेंद्रग्राम-अमरकंटक मार्ग पर आवागमन अवरूध

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अनूपपुर: रपटा पर डेढ़ फीट पानी, राजेंद्रग्राम-अमरकंटक मार्ग पर आवागमन अवरूध


अनूपपुर: रपटा पर डेढ़ फीट पानी, राजेंद्रग्राम-अमरकंटक मार्ग पर आवागमन अवरूध


अनूपपुर: रपटा पर डेढ़ फीट पानी, राजेंद्रग्राम-अमरकंटक मार्ग पर आवागमन अवरूध


अनूपपुर, 16 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में पिछले 24 घंटों के दौरान औसतन 38.9 मिमी यानी करीब डेढ़ इंच बारिश दर्ज की गई। शनिवार-रविवार की रात से रविवार सुबह तक तक रुक-रुककर हुई बारिश के कारण राजेंद्रग्राम-अमरकंटक मुख्य मार्ग पर गायत्री मंदिर के पास स्थित पुराने रपटा पर पानी का बहाव बढ़ गया। इससे दोनों दिशाओं में वाहनों की आवाजाही रोकनी पड़ी।

डेढ़ फीट से अधिक पानी, पुलिस बल तैनात

राजेंद्रग्राम थाना प्रभारी वीरेंद्र बरकडे ने बताया कि रपटा पर डेढ़ फीट से अधिक पानी बह रहा था। एहतियात के तौर पर बैरिकेडिंग कर वाहनों और पैदल यात्रियों को रोक दिया गया। दोनों दिशाओं में पुलिस बल भी तैनात किया गया। उन्होंने बताया कि रातभर बारिश होने के बाद यह रपटा अक्सर ओवरफ्लो हो जाता है। सुबह पानी का स्तर कम होकर घुटनों तक रह गया था। पुलिस के अनुसार, शाम तक पानी उतरने की संभावना है।

रविवार को राजेंद्रग्राम में साप्ताहिक बाजार लगता है। इसमें आसपास के दर्जनों गांवों से ग्रामीण खरीदारी के लिए पहुंचते हैं। रपटा पर पानी भरने से उनकी आवाजाही प्रभावित हुई। अमरकंटक जाने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों और भारी वाहनों को भी इस मार्ग पर रोकना पड़ा।

जिले में 28.44 इंच बारिश

अधीक्षक भू-अभिलेख विभाग के अधिकारी प्रदीप मोगरे के अनुसार, 1 जून से 16 अगस्त तक जिले में औसतन 722.4 मिमी बारिश दर्ज की गई है। पिछले वर्ष इसी अवधि में 720.1 मिमी बारिश हुई थी। इस तरह इस वर्ष अब तक 2.3 मिमी अधिक बारिश दर्ज हुई है। वहीं, जिले की मानक औसत वर्षा 697.0 मिमी मानी गई है। इस लिहाज से अब तक जिले में औसत से अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है।

पिछले 24 घंटों में वर्षामापी केंद्रों के अनुसार अनूपपुर में 43.7 मिमी, कोतमा में 45.0 मिमी, बिजुरी में 25.3 मिमी, जैतहरी में 45.4 मिमी, वेंकटनगर में 42.8 मिमी, पुष्पराजगढ़ में 48.2 मिमी, अमरकंटक में 8.1 मिमी और बेनीबारी में 46.4 मिमी बारिश दर्ज की गई।

कृषि विभाग के अनुसार, बारिश किसानों के लिए राहतभरी है। लगातार बारिश से खेतों में जलभराव की स्थिति बनी है, हालांकि इससे धान की फसल के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनने की उम्मीद है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

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