भोपाल में नर्सिंग छात्रों का प्रदर्शन, मुख्यमंत्री निवास घेराव के लिए निकले, पुलिस ने पॉलिटेक्निक चौराहे पर रोका
भोपाल, 19 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों से भोपाल पहुंचे नर्सिंग छात्र-छात्राओं का प्रदर्शन बुधवार को भी जारी है। अपनी मांगों को लेकर छात्र रैली के रूप में मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने निकले, लेकिन पुलिस ने उन्हें पॉलिटेक्निक चौराहे पर रोक दिया। छात्र सीएम हाउस जाने की अनुमति मांग रहे हैं, जबकि पुलिस उन्हें मौके से हटने के लिए कह रही है। प्रदर्शनकारी फिलहाल अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।
छात्रों का कहना है कि नर्सिंग शिक्षा से जुड़ी अनियमितताओं और न्यायिक प्रक्रिया के चलते उनका भविष्य करीब छह साल से प्रभावित है। समय पर परीक्षाएं नहीं होने, डिग्री और रजिस्ट्रेशन नंबर जारी नहीं किए जाने तथा छात्रवृत्ति में देरी के कारण विद्यार्थियों में नाराजगी है। प्रदर्शन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए बीएससी नर्सिंग और जीएनएम के विद्यार्थी शामिल हैं।
छात्रों का कहना है कि कॉलेजों की मान्यता से जुड़ी प्रक्रिया और उसकी वैधता सुनिश्चित करना विद्यार्थियों की जिम्मेदारी नहीं है। यदि किसी कॉलेज को गलत तरीके से मान्यता दी गई है, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित शासन-प्रशासन और कॉलेज प्रबंधन की तय की जानी चाहिए। विद्यार्थियों का आरोप है कि मान्यता और प्रशासनिक स्तर की गड़बड़ियों का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है। नर्सिंग की पढ़ाई पूरी करने के बावजूद कई छात्र परीक्षा, डिग्री और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया में फंसे हुए हैं। इसका असर उनकी आगे की पढ़ाई, नौकरी और करियर पर पड़ रहा है।
लिखित आश्वासन के बाद ही आंदोलन खत्म करने की बात
प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारी मनोज रजक ने कहा कि सरकार से छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए तत्काल ठोस निर्णय लेने की मांग की गई है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे केवल मौखिक आश्वासन पर आंदोलन खत्म नहीं करेंगे।
छात्रों की प्रमुख मांगें
नर्सिंग मामले की जल्द से जल्द स्पेशल बेंच के माध्यम से सुनवाई कराकर नर्सिंग छात्रों के हित में निर्णय लिया जाए।
बीएससी नर्सिंग और जीएनएम के सभी श्रेणियों के विद्यार्थियों की परीक्षाएं बिना विलंब एक साथ कराई जाएं। इसमें सुटेबल, अनसुटेबल और ग्वालियर क्षेत्र के 56 कॉलेजों के विद्यार्थी भी शामिल हैं।
बैच 2020-21 के विद्यार्थियों को दिसंबर 2026 तक डिग्री और रजिस्ट्रेशन नंबर उपलब्ध कराया जाए।
छात्रों की छात्रवृत्ति से जुड़ी समस्याओं का जल्द निराकरण किया जाए।
नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता और उससे जुड़ी अनियमितताओं की जिम्मेदारी तय कर विद्यार्थियों के भविष्य को सुरक्षित किया जाए।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

