उज्जैन के महाकाल मंदिर क्षेत्र में लागू हो गए हैं नए यातायात नियम
महाकाल मंदिर आने वाले श्रद्धालु रहें सावधान: चार मार्गों पर ऑटो, ई-रिक्शा और मैजिक की नो-एंट्री लागू
उज्जैन , 26 जून (हि.स.)। बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं के लिए जरूरी खबर है। महाकाल मंदिर क्षेत्र में बढ़ते ट्रैफिक दबाव और रोजाना लगने वाले जाम से राहत दिलाने के लिए यातायात पुलिस ने नई व्यवस्था लागू की है। इसके तहत महाकाल मंदिर से जुड़े चार प्रमुख मार्गों पर ऑटो रिक्शा, ई-रिक्शा और मैजिक वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।
यातायात थाना डीएसपी दिलीप सिंह परिहार और थाना प्रभारी इंद्रजीत सिंह ने बताया कि यह निर्णय जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में लिया गया था। इसका उद्देश्य महाकाल मंदिर क्षेत्र में यातायात को सुगम बनाना और श्रद्धालुओं के पैदल आवागमन को सुरक्षित करना है। नई व्यवस्था की जानकारी देने के लिए प्रतिबंधित मार्गों पर सूचना बोर्ड भी लगाए गए हैं।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आलोक शर्मा ने बताया कि महाकाल मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। विशेष अवसरों पर वाहनों की अधिकता के कारण जाम की स्थिति बन जाती थी। इसी को देखते हुए महाकाल घाटी और आसपास के मार्गों पर छोटे व्यावसायिक वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है।
इन चार मार्गों पर रहेगा प्रतिबंध:
हरिफाटक टी-पॉइंट से बेगमबाग मार्ग
लोहे के पुल से महाकाल घाटी मार्ग
गुदरी चौराहे से महाकाल घाटी मार्ग
चारधाम मंदिर से हरसिद्धि चौराहे की ओर जाने वाला मार्ग
यातायात पुलिस ने हरिफाटक ब्रिज पर विशेष अभियान चलाकर ऑटो, ई-रिक्शा और मैजिक चालकों को नए नियमों की जानकारी दी और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने के निर्देश दिए। पुलिस ने श्रद्धालुओं को भी सलाह दी है कि मंदिर क्षेत्र के लिए वाहन किराए पर लेने से पहले चालक से यह सुनिश्चित कर लें कि वह उन्हें किस स्थान तक छोड़ सकेगा। नई व्यवस्था की जानकारी नहीं होने पर कुछ चालक नो-एंट्री का हवाला देकर बीच रास्ते में उतार सकते हैं, जिससे यात्रियों को असुविधा हो सकती है।
यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधित मार्गों पर प्रवेश करने वाले ऑटो, ई-रिक्शा और मैजिक चालकों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य महाकाल मंदिर क्षेत्र को जाममुक्त बनाना और श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन उपलब्ध कराना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / ललित ज्वेल

