नीट पेपर लीक पर कांग्रेस छात्रों को कर रही गुमराह, दोषियों को नहीं बख्शा जाएगा : हेमंत खण्डेलवाल
दतिया में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने प्रेसवार्ता कर कांग्रेस और राहुल गांधी पर साधा निशाना
दतिया/भोपाल, 23 जुलाई (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने गुरुवार को दतिया में आयोजित पत्रकार वार्ता में नीट पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी संसद में इस गंभीर विषय पर सार्थक चर्चा करने के बजाय छात्रों को भ्रमित कर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को नहीं छोड़ेगी और सभी मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराई जाएगी।
हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि नीट पेपर लीक के आरोपियों पर सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत मुकदमा चलाया जाएगा। इस कानून का उद्देश्य पेपर लीक, नकल, सॉल्वर गैंग, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के दुरुपयोग और अन्य अनुचित तरीकों पर प्रभावी रोक लगाना है। दोषी पाए जाने पर कठोर सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि बॉम्बे, कलकत्ता, दिल्ली और मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के अधिकार क्षेत्र में फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जा रहे हैं, जहां नीट पेपर लीक से जुड़े मामलों की प्रतिदिन सुनवाई होगी, ताकि जांच और ट्रायल में देरी न हो तथा दोषियों को शीघ्र सजा मिल सके। उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच लगभग पूरी कर चुकी है और जल्द ही गिरफ्तार 13 आरोपियों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
संसद में चर्चा से क्यों भाग रही है कांग्रेस?
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार नीट सहित हर विषय पर संसद में विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन कांग्रेस और राहुल गांधी चर्चा के बजाय सदन की कार्यवाही बाधित करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार चर्चा के लिए तैयार है तो विपक्ष इससे क्यों बच रहा है। उन्होंने कहा कि छात्रों से जुड़े संवेदनशील मुद्दों का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। यदि विपक्ष के पास कोई सुझाव हैं तो उन्हें संसद में रखना चाहिए, न कि भ्रम फैलाकर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास करना चाहिए।
परीक्षाओं को लीक-प्रूफ बनाने के लिए सरकार के कड़े कदम
प्रदेश अध्यक्ष खण्डेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने परीक्षाओं को पारदर्शी और लीक-प्रूफ बनाने के लिए कई कानूनी और प्रशासनिक कदम उठाए हैं। सरकार ने पेपर लीक के मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए अनेक गिरफ्तारियां कराई हैं तथा एक महीने के भीतर तीन लीक-प्रूफ परीक्षाओं का सफल आयोजन भी कराया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार निवेश बढ़ा रही है। कांग्रेस शासनकाल में शिक्षा का बजट 8,225 करोड़ रुपये था, जो वर्तमान में बढ़कर 1.39 लाख करोड़ रुपये हो गया है। इसके साथ ही एम्स, आईआईटी, तकनीकी संस्थानों और अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों में सीटों की संख्या भी बढ़ाई गई है, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिल सके।
हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि केंद्र सरकार पेपर लीक जैसी घटनाओं के स्थायी समाधान के लिए प्रतिबद्ध है और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को किसी भी परिस्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

