अनूपपुर: एनसीसी का ऑल इंडिया अमरकंटक ट्रेक कैंप में 6 राज्यों के 510 कैडेटों का प्राकृतिक एवं धार्मिक धरोहरों से हुआ परिचय

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अनूपपुर: एनसीसी का ऑल इंडिया अमरकंटक ट्रेक कैंप में 6 राज्यों के 510 कैडेटों का प्राकृतिक एवं धार्मिक धरोहरों से हुआ परिचय


अनूपपुर: एनसीसी का ऑल इंडिया अमरकंटक ट्रेक कैंप में 6 राज्यों के 510 कैडेटों का प्राकृतिक एवं धार्मिक धरोहरों से हुआ परिचय


अनूपपुर, 05 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में स्थित पवित्र एवं प्राकृतिक सौंदर्य से समृद्ध अमरकंटक की वादियों में आयोजित ऑल इंडिया अमरकंटक ट्रेक कैंप 2026 के पांचवें दिन शुक्रवार को प्राकृतिक एवं धार्मिक धरोहरों से परिचय करते हुए पर्यावरण संरक्षण एवं ऐतिहासिक धरोहरों के संवर्धन का संकल्प भी लिया।

ट्रेक कैंप एक माह में तीन चरणों में आयोजित जा रहा हैं। प्रथम चरण 1 से 8 जून 2026, द्वितीय चरण 9 से 16 जून 2026 तथा तृतीय चरण 17 से 24 जून 2026 तक संचालित होगा। प्रथम चरण में 6 राज्यों के 510 एनसीसी कैडेटों तथा 15 एनसीसी अधिकारियों ने सहभागिता कर रहें हैं।

ऑल इंडिया अमरकंटक ट्रेक कैंप 2026 का आयोजन मैकल पर्वत श्रृंखला पर स्थित अमरकंटक, जहां विंध्य और सतपुड़ा पर्वतमालाओं का अद्भुत संगम होता है तथा जहां से जीवनदायिनी मां नर्मदा का उद्गम होता है, इस राष्ट्रीय शिविर ने देश के विभिन्न राज्यों से आए युवाओं को एकता, अनुशासन, साहस और सांस्कृतिक समन्वय का अनूठा अनुभव प्रदान किया। शिविर ब्रिगेडियर रितेश बहल (ग्रुप कमांडर, जबलपुर) के मार्गदर्शन तथा लेफ्टिनेंट कर्नल ए. के. शर्मा (ऑफिसर कमांडिंग, 7 एमपीओ (ई) कंपनी एनसीसी शहडोल) एवं लेफ्टिनेंट कर्नल अमन प्रीत सिंह (ऑफिसर कमांडिंग, 24 एमपी बटालियन एनसीसी छिंदवाड़ा) के नेतृत्व एवं देखरेख में किया गया।

शिविर के प्रथम चरण में मध्यप्रदेश सहित उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, राजस्थान एवं छत्तीसगढ़ से आए लगभग 510 एनसीसी कैडेटों तथा 15 एनसीसी अधिकारियों ने सहभागिता कर रहें हैं। इस दौरान लेफ्टिनेंट कर्नल ए. के. शर्मा ने अपने उद्बोधन में राष्ट्र सेवा, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता के महत्व पर प्रकाश डाला तथा उन्हें शिविर के उद्देश्यों से अवगत कराया।

प्राकृतिक एवं धार्मिक धरोहरों से हुआ परिचय

शिविर के दौरान कैडेटों ने अमरकंटक की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक धरोहरों का भ्रमण किया। उन्होंने नर्मदा उद्गम मंदिर, जैन मंदिर, यंत्र मंदिर, माई की बगिया, सोनमुड़ा, दुर्गा धारा, कबीर चबूतरा, कपिल धारा, दूध धारा तथा शंभू धारा जैसे प्रमुख स्थलों का अवलोकन किया। ट्रेकिंग गतिविधियों के माध्यम से युवाओं ने न केवल प्रकृति की अनुपम छटा का आनंद लिया, बल्कि पर्यावरण संरक्षण एवं ऐतिहासिक धरोहरों के संवर्धन का संकल्प भी लिया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बढ़ाया आपसी सौहार्द

प्रतिदिन सायंकाल आयोजित सांस्कृतिक संध्याओं में विभिन्न राज्यों से आए कैडेटों ने अपने-अपने प्रदेशों की लोक संस्कृति, लोकगीत, नृत्य, नाटक एवं रंगारंग प्रस्तुतियों के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक विविधता का परिचय कराया। इन कार्यक्रमों ने युवाओं को विभिन्न राज्यों की परंपराओं, रीति-रिवाजों और जीवन शैली को निकट से समझने का अवसर प्रदान किया।

शिविर में सहभागी कैडेटों के बीच राष्ट्रीय एकता, अखंडता, भाईचारे और पारस्परिक सम्मान की भावना को सुदृढ़ करने पर विशेष बल दिया गया। विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना को आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया गया।

युवाओं में जागृत हुआ राष्ट्र निर्माण का संकल्प

कैंप के समापन अवसर पर अधिकारियों ने कैडेटों को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे राष्ट्रीय शिविर युवाओं के व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और राष्ट्रप्रेम को नई दिशा प्रदान करते हैं। अमरकंटक की पावन धरती पर आयोजित यह ट्रेक कैंप न केवल साहसिक गतिविधियों का केंद्र रहा, बल्कि राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक समरसता और पर्यावरण संरक्षण का सशक्त संदेश देने वाला आयोजन भी सिद्ध हुआ। ऑल इंडिया अमरकंटक ट्रेक कैंप 2026 ने देश के विभिन्न राज्यों से आए युवाओं को एक सूत्र में पिरोते हुए यह सिद्ध कर दिया कि विविधताओं से भरे भारत की सबसे बड़ी शक्ति उसकी एकता, सांस्कृतिक समृद्धि और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

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