मुरैनाः श्रद्धाभक्ति व कन्या पूजन के साथ नवरात्र का हुआ समापन, मैया के नौ दिनों तक रहा धार्मिक वातावरण
मुरैना, 27 मार्च (हि.स.)। श्रद्वा एवं भक्ति का पर्व चौत्र नवरात्र 19 मार्च गुरूवार को आरंभ हो गये जो आज 27 मार्च शुक्रवार को समापन हो गये। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में इसी दौरान मैया के 9 दिनों तक मैया के मंदिरों में व चारों ओर धार्मिक वातावरण बना रहा।
भक्तगण महिला, पुरुष, बच्चे मंदिरों में सुबह मैया को जल, दूध, रोली, चावल, मिष्ठान आदि से मां का अभिषेक कर पूजा अर्चना की जाती। महिला भक्तगण शाम को मंदिरों में देर रात्रि तक गीत, लांगुरिया, मैया की भेंट गाती। आज 27 मार्च को नवमी के अवसर पर हैं मैया के भक्तगणों द्वारा पूजन कर व कन्यापूजन के साथ भोज का आयोजन किया गया। रात्रि से ही मंदिरों पर मां के पाठ भजन कीर्तन आदि के भी आयोजन किये गये। शहर के बीस किलोमीटर की दूरी पर स्थित प्रसिद्ध माता बसैया मंदिर, हरिसिद्धि देवी, यहां नौ दिनों तक विशाल मेले का आयोजन किया गया।
शहर के बड़ौखर माता मंदिर, महामाया मंदिर, माँ मंशादेवी मंदिर, ज्ञानज्ञानेश्वरी माता मंदिर, केशव कालौनी स्थित माता मंदिर के अलावा बैहरारे वाली माता, निरारे वाली माता पर भी भक्तजनों की भारी भीड़ देखी गई।
वहीं जौरा अलापुर स्थित मुटमुटो माता मंदिर पर भी भक्तगणों की भारी भीड़ देखी गई। आज नवमी के अवसर पर मैया के भक्तगणों द्वारा कन्यापूजन कर भण्डारे का आयोजन भी किया। जिसमें सर्वप्रथम कन्याभोज कराया गया व 9 कन्याओं को चुनरी जोढ़ाई गई। कन्याओं को भेंट रूप के रूप में रूपये भी दिये गये। जिससे कन्याओं खुशी-खुशी अपने घर चली गई।
छोटी-छोटी कन्याओं को खोजते नजर आये भक्तगण-
सुबह से ही मैया के भक्तगण गली-मोहल्लों में कन्याओं को घर-घर जाकर भोजन के लिये न्योता देने पहुंचे। कुछ भक्तगण गली चौराहे पर ही बैठकर कन्याओं का इंतजार करते कहीं कोई कन्या दिख जाती तो उसने भोजन के लिये निवेदन करते देखे गये। कन्यायें भी उनकी बात मानकर भोजन के लिये बैठ जाती।
चैत्र नवरात्र की धूमः मंदिरों में भक्तों का उमड़ा जनसैलाब -
शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक हर ओर “जय माता दी” के जयकारे गूंज रहे हैं। देवी मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लग रही हैं, जहां श्रद्धालु माता के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं। शुक्रवार को नवमी के अवसर पर जिले के सभी देवी मंदिरों में भारी भीड़ उमड़ी। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर माता को नेजे चढ़ाए। मंदिर परिसरों में भजन-कीर्तन और लांगुरिया के आयोजन रात्रि चलते रहे, जिससे वातावरण भक्तिमय बन गया। अष्टमी की शाम के समय एक विशेष धार्मिक आयोजन देखने को मिला, जब बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने श्री महामाया मंदिर से बड़ोखर माता मंदिर तक कनक दंडवत परिक्रमा लगाई। इस दौरान भक्तों की आस्था और श्रद्धा का अनूठा दृश्य देखने को मिला। जिला मुख्यालय सहित पूरे मुरैना में नवरात्रि की धूम चरम पर है। गुरुवार शाम से ही घरों और मंदिरों में हवन-यज्ञ का आयोजन प्रारंभ हुये। जिसकी पूर्णाहुति आज शुक्रवार सुबह दी गई।
माता मंदिरों पर मेलों में उमड़े श्रद्धालु
जिले के प्रसिद्ध देवी मंदिरों बहरारा माता मंदिर, आसलपुर माता मंदिर, निरारा वाली माता, माता बसैया मंदिर और हरसिद्धि देवी मंदिर पर विशेष मेले आयोजित किए गए हैं। इन मेलों में दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती रही, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बन गया।
मेले के दौरान सुरक्षा के रहे पुख्ता प्रबंध
प्रशासन एवं पुलिस द्वारा भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ साफ-सफाई और पेयजल की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। चैत्र नवरात्र और रामनवमी के इस पावन अवसर पर मुरैना जिला पूरी तरह भक्ति और आस्था में सराबोर नजर आया।
भगवान के भक्तों ने रामनवमी पर मंदिरों में किये आयोजन
रामनवमी का पर्व जिले भर में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। भगवान श्रीराम के भक्तगण सुबह से ही मंदिरों पर पहुंचना शुरू हो गये। जगह-जगह भण्डारे के आयोजन हुये। मंदिरों में कीर्तन, सुन्दरकाण्ड पाठ जैसे आयोजन होते रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजू विश्वकर्मा

