उज्जैनः सम्राट् विक्रमादित्य विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय संगोष्ठी शुक्रवार से

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उज्जैनः सम्राट् विक्रमादित्य विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय संगोष्ठी शुक्रवार से


उज्जैन, 05 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय की हिंदी अध्ययनशाला द्वारा पीएम उषा योजना अंतर्गत 6 दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन शुक्रवार से होगा।

यह संगोष्ठी 12 मार्च तक विश्वविद्यालय परिसर के वाग्देवी भवन स्थित राष्ट्रभाषा सभागार में होगी। साहित्य, आलोचना, भाषा और तकनीक के समन्वय पर आधारित इस संगोष्ठी में देशभर के विद्वान अपने विचार साझा करेंगे।

समन्वयक प्रो. शैलेंद्र कुमार शर्मा ने गुरुवार को बताया कि आयोजन के प्रत्येक दिन अलग-अलग महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी। राष्ट्रभाषा सभागार में प्रतिदिन प्रात: 10.30 से सायं 5 बजे तक आयोजित संगोष्ठी में विभिन्न विषयों पर सत्र होंगे।

* शुक्रवार को आलोचना का स्वरूप, प्रमुख प्रवृत्तियां और आलोचक।

* 7 मार्च को हिंदी आलोचना की विविध धाराएं एवं उनका योगदान।

* 9 को भारत में शब्दकोशों की परंपरा और शब्दावली में परिवर्तन।

* 10 को वैज्ञानिक एवं तकनीकी शब्दावली एवं हिंदी में विज्ञान लेखन की नवीन संभावनाए।

* 11 को समकालीन लघुकथा: अंतर्वस्तु, भाषा और शिल्प।

* 12 को हिंदी नाटक और रंगमंच: विविध धाराएं और इतिहास।

शोध पत्र आमंत्रण एवं सहभागिता आयोजन समिति के मुख्य समन्वयक प्रो. जगदीशचंद्र शर्मा एवं समन्वयक डॉ. प्रतिष्ठा शर्मा ने बताया कि इच्छुक प्रतिभागी इन विषयों पर अपने शोध आलेख ईमेल के माध्यम से प्रेषित कर सकते हैं।

भारत अध्ययन केंद्र : सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के भारत अध्ययन केंद्र में प्रथम सत्र में 11 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया था। निर्धारित चार सेमेस्टर में शीतल माहवर ने प्रावीण्य सूची में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। 17 मार्च को आयोजित दीक्षांत समारोह में प्रदेश के राज्यपाल एवं कुलाधिपति मंगू भाई पटेल शीतल महावर को प्रमाण-पत्र एवं स्वर्ण पदक प्रदान करेंगे। यह जानकारी डॉ. सचिन राय ने दी।

दीक्षांत समारोह की तारीख परिवर्तित: सम्राट विक्रमादित्य विवि के कुलसचिव डॉ.अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि विवि का 30वां दीक्षांत समारोह 18 मार्च को सम्पन्न होने जा रहा था। अपरिहार्य कारणों से अब दीक्षांत समारोह 17 मार्च को होगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / ललित ज्‍वेल

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