कई दोनों से लहरा रहा है 71 मीटर ऊंचा खण्डित राष्ट्रध्वज, जिम्मेदारों की खामोशी पर उठे सवाल

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कई दोनों से लहरा रहा है 71 मीटर ऊंचा खण्डित राष्ट्रध्वज, जिम्मेदारों की खामोशी पर उठे सवाल


जबलपुर, 22 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के जबलपुर में राष्ट्रीय ध्वज को लेकर एक बड़ी चूक सामने आ रही है। त्रिपुरी स्मारक तिलवारा के पास लगा हुआ राष्ट्रध्वज, जो अपनी ऊंचाई एवं विशालता को लेकर दूर से देखा जा सकता है, पिछले कुछ दिनों से इस समय खंडित अवस्था में लहरा रहा है।

जिन लोगों ने इस राष्ट्रध्वज को स्थापित किया था उनमे शहर के प्रथम नागरिक से लेकर जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों का समूह शामिल था। वह सब इतने दिनों से इसके अपमान पर चुप हैं। इस राष्ट्र ध्वज के खण्डित होने की खबर वायरल हो रही है। मानना है कि इस खण्डित राष्ट्रीय ध्वज की खबर न केवल शहर बल्कि संपूर्ण भारत में जा रही होगी। इसका मुख्य कारण है यहां से गुजर रहा राष्ट्रीय राजमार्ग, जिससे न केवल दक्षिण बल्कि पश्चिम एवं पूर्व भारत के यात्री गुजरते हैं। इस मार्ग से वे वीआईपी जिन्हें प्रोटोकॉल मिलता है वह भी गुजरते हैं।

इस खंडित राष्ट्रध्वज के अपमान के लिए न केवल स्थानीय प्रशासन जिसमें वहां का पुलिस थाना भी शामिल है, बल्कि वे जनप्रतिनिधि भी जिम्मेदार हैं जिन्होंने इसको स्थापित किया और जो यहां पर नित्य नर्मदा दर्शन करने के लिए आते हैं।

रविवार को इस खंडित राष्ट्रध्वज के मामले में जब जिला कलेक्टर राघवेंद्र सिंह को जानकारी दी गयी तो उन्होंने इस बात को तुरंत संज्ञान में लेते हुए उसको बदलवाने के आदेश दिए, कलेक्टर सिंह का कहना था कि मेरे जानकारी में यह बात भी आई है की वहां पर राष्ट्रीय ध्वज बार-बार अपने आप फट जाता है, जिसको बचाने के लिए उपाय किये जायेंगे।

इस बात को लेकर नगर निगम के सचेतक पार्षद अयोध्या तिवारी ने गंभीर प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय ध्वज का सारासर अपमान है। आज से 3 वर्ष पूर्व जब इस ध्वज को लगाने का प्रस्ताव सदन में आया था तब उस समय इसकी गरिमा के अनुरूप सारी बातें निर्धारित की गई थी। झंडे के संविधान में नियम है उसके तहत इसके रखरखाव को लेकर तय किया गया था। परंतु दुख का विषय है कि पिछले कुछ दिनों से यह राष्ट्रध्वज खंडित अवस्था में लहरा रहा है। इसके लिए न केवल शहर के प्रथम नागरिक महापौर बल्कि वह प्रशासनिक अधिकारी जिम्मेदार हैं, जो इस मामले में लापरवाह हैं।

जब इस संबंध में शहर के जनप्रतिनिधियों जिनमें तमाम भाजपा नेता शामिल है, से बात करना चाहा तो उन्होंने इस बाबत चुप्पी साध ली एवं सवालों से बचते रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक

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