नर्मदापुरम में नहर ओवरफ्लो से 40 एकड़ खेत बने तालाब, 10 से ज्यादा किसानों की मूंग फसल बर्बाद, एसडीओ ने मानी गलती

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नर्मदापुरम में नहर ओवरफ्लो से 40 एकड़ खेत बने तालाब, 10 से ज्यादा किसानों की मूंग फसल बर्बाद, एसडीओ ने मानी गलती


नर्मदापुरम, 18 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले की माखननगर तहसील के शुक्करवाड़ा कलां क्षेत्र में तवा नहर के ओवरफ्लो होने से बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। नहर से छोड़े गए अतिरिक्त पानी के कारण करीब 40 एकड़ खेत जलमग्न हो गए, जिससे 10 से अधिक किसानों की मूंग की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई।

बताया जा रहा है कि शुक्रवार रात नहर विभाग की लापरवाही और मॉनिटरिंग में कमी के चलते यह स्थिति बनी। खेतों में तेजी से पानी भरता गया और सुबह तक बड़े क्षेत्र में फसल डूब चुकी थी। वर्तमान में किसानों की शिकायत के बाद नहर विभाग के अधिकारी केवल पानी का फ्लो कम करवाने की बात कह रहे हैं। किसानों का कहना है कि पानी बंद नहीं हुआ तो यह दूसरे खेतों तक फैलेगा, जिससे अन्य किसानों की फसल खराब होने की संभावना है।

रात भर आश्वासन, सुबह तक डूब गए खेत

स्थानीय किसान अनिल गौर के अनुसार, “शुक्रवार रात से ही नहर का पानी ओवरफ्लो होकर खेतों में घुसने लगा था। हमने सब-इंजीनियर, एसडीओ और ईई को सूचना दी, लेकिन सिर्फ आश्वासन मिलता रहा। सुबह तक 30-35 एकड़ खेत पानी में डूब चुके थे और मूंग की फसल बर्बाद हो गई।” किसानों का कहना है कि महंगी फसल के नुकसान से वे आर्थिक संकट में आ गए हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी स्थिति को गंभीरता से नहीं ले रहे।

कई किसानों के खेत जलमग्न

जलभराव से पार्वती बाई, संतोष, शिशुपाल, दरयाव सिंह, सरस्वती, शैलेंद्र गौर, जुगल किशोर, विष्णु, ऋषि, चुनटीलाल, रविंद्र, अनिल गौर, रामकुमार, विजय शंकर और अन्य किसानों के खेत प्रभावित हुए हैं। किसानों का आरोप है कि पिछले साल भी इसी तरह ओवरफ्लो के कारण गेहूं की फसल बर्बाद हुई थी, लेकिन तब भी किसी जिम्मेदार पर कार्रवाई नहीं हुई।

एसडीओ पीएन दायमा ने माना कि सेमरी हरचंद क्षेत्र से अधिक पानी छोड़े जाने और मॉनिटरिंग में कमी के कारण यह स्थिति बनी। उन्होंने कहा कि पानी का स्तर कम किया जा रहा है और शनिवार दोपहर तक हालात सामान्य होने की उम्मीद है।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

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