आज की नारी केवल मतदाता नहीं, बल्कि निर्णायक शक्ति बन चुकी है : केंद्रीय राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर

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आज की नारी केवल मतदाता नहीं, बल्कि निर्णायक शक्ति बन चुकी है : केंद्रीय राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर


धार, 23 अप्रैल (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी द्वारा गुरुवार को मध्‍य प्रदेश के धार जिला कार्यालय में प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री एवं धार-महू सांसद सावित्री ठाकुर ने संबोधित किया। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष महंत निलेश भारती, ग्रामीण जिलाध्यक्ष चंचल पाटीदार तथा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष कुसुम सोलंकी मौजूद रहीं।

सावित्री ठाकुर ने कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ देश की आधी आबादी के सम्मान, अधिकार और राजनीतिक भागीदारी से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि संसद में इस मुद्दे पर जो स्थिति बनी, वह महिलाओं की आकांक्षाओं को ठेस पहुंचाने वाली है।

उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर विपक्ष की मानसिकता उजागर हो गई है। भाजपा सरकार महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी देने के अपने संकल्प पर अडिग है और इसे किसी भी स्थिति में कमजोर नहीं होने दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उज्ज्वला योजना, जन-धन खाते, मातृत्व सुरक्षा योजनाएं और तीन तलाक जैसे फैसलों ने महिलाओं के जीवन में वास्तविक बदलाव लाया है, जबकि विपक्ष केवल बयानबाजी तक सीमित रहा।

सावित्री ठाकुर ने कहा कि आज की नारी केवल मतदाता नहीं, बल्कि निर्णायक शक्ति बन चुकी है। प्रदेश और देश में महिलाओं के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में जो कार्य हुए हैं, वे भाजपा की नीतियों का परिणाम हैं।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2001 की जनगणना के बाद पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में यह निर्णय लिया गया था कि 2026 के बाद पहली जनगणना तक परिसीमन स्थगित रहेगा, ताकि दक्षिणी राज्यों को संभावित नुकसान से बचाया जा सके। इसके बावजूद विपक्ष भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस, डीएमके और उनके सहयोगियों ने महिलाओं के अधिकारों और भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यह मुद्दा जन-जन तक जाएगा और महिलाएं स्वयं तय करेंगी कि उनके सशक्तिकरण के साथ कौन खड़ा है।

भाजपा नेताओं ने स्पष्ट किया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम का मुद्दा अब जन-आंदोलन का रूप लेगा। उनका कहना था कि देश की महिलाएं इस घटनाक्रम को समझ रही हैं और भविष्य में इसका असर चुनावों में भी दिखाई देगा।

हिन्दुस्थान समाचार / Gyanendra Tripathi

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