सड़क सुरक्षा मामले में हाईकोर्ट का अहम आदेश, जनहित याचिका दायर करने की दी स्वतंत्रता

WhatsApp Channel Join Now
सड़क सुरक्षा मामले में हाईकोर्ट का अहम आदेश, जनहित याचिका दायर करने की दी स्वतंत्रता


नागदा, 25 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने सड़क सुरक्षा और सड़क निर्माण में सुरक्षा मानकों के कथित उल्लंघन से जुड़े मामले में दायर एक रिट याचिका का शनिवार को निराकरण करते हुए याचिकाकर्ता को जनहित याचिका (पीआईएल) दायर करने की स्वतंत्रता प्रदान की है। साथ ही सक्षम प्राधिकारी के समक्ष अभ्यावेदन प्रस्तुत करने की भी अनुमति दी है।

यह याचिका नागदा निवासी अभय चौपड़ा द्वारा दायर की गई थी। उन्होंने सड़क निर्माण कार्यों में आवश्यक सुरक्षा मानकों और तकनीकी प्रावधानों के कथित पालन न होने का मुद्दा उठाते हुए न्यायालय से हस्तक्षेप की मांग की थी।

सुनवाई के दौरान न्यायालय को बताया गया कि इसी विषय से संबंधित एक वाद पूर्व में दीवानी न्यायालय में भी प्रस्तुत किया जा चुका है, जिसका निराकरण हो चुका है।

खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा कि याचिका में उठाया गया विषय व्यापक जनहित और नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ा है। न्यायालय ने प्रथम दृष्टया मामले को विचारणीय मानते हुए कहा कि इस प्रकृति के विवाद का परीक्षण जनहित याचिका के माध्यम से अधिक उपयुक्त ढंग से किया जा सकता है।

न्यायालय ने याचिकाकर्ता को 15 दिनों के भीतर संबंधित सक्षम प्राधिकारी के समक्ष विस्तृत अभ्यावेदन प्रस्तुत करने की अनुमति दी है। साथ ही निर्देश दिए हैं कि अभ्यावेदन प्राप्त होने पर संबंधित अधिकारी उपलब्ध अभिलेखों और तथ्यों के आधार पर विधि के अनुरूप यथाशीघ्र निर्णय लेकर शिकायत के निराकरण का प्रयास करें। इन निर्देशों के साथ हाईकोर्ट ने रिट याचिका का निराकरण कर दिया। सड़क सुरक्षा और सार्वजनिक हित से जुड़े मामलों में इस आदेश को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / कैलाश सनोलिया

Share this story