नागदाः कर्नाटक राज्यपाल को भेंट किया युगवार्ता आपातकाल विशेषांक

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नागदाः कर्नाटक राज्यपाल को भेंट किया युगवार्ता आपातकाल विशेषांक


नागदाः कर्नाटक राज्यपाल को भेंट किया युगवार्ता आपातकाल विशेषांक


नागदा, 09 अगस्त (हि.स.)। कर्नाटक के राज्यपाल डॉ. थावरचंद गेहलोत शनिवार देर शाम अपने गृह नगर नागदा के अल्प प्रवास के दौरान हिंदुस्थान समाचार के संवाददात के निवास पर पहुंचे। इस अवसर पर संवाददाता ने महामहिम को आपातकाल के 50 वर्ष विषय पर प्रकाशित युगवार्ता विशेषांक की प्रति भेंट की। विशेषांक की विषयवस्तु और प्रमुख विशेषताओं के बारे में भी उन्हें जानकारी दी गई।

गौरतलब है कि डॉ. गेहलोत स्वयं मीसाबंदी रहे हैं और आपातकाल के दौरान जेल गए थे। इस अवसर पर उन्होंने हाल ही में प्रकाशित अपने चुनिंदा भाषणों के आठ पुस्तकों के संग्रह का सेट संवाददाता को भेंट किया। ‘राजभवन से लोकभवन तक’ शीर्षक से प्रकाशित इस संग्रह में वर्ष 2021 से 2025 तक देश के विभिन्न कार्यक्रमों में दिए गए उनके संबोधनों को संकलित किया गया है। इन पुस्तकों का प्रकाशन लोकभवन बेंगलुरू के माध्यम से किया गया है।

युगवार्ता विशेषांक में राष्ट्रीय व्यक्तित्वों के आलेख

राज्यपाल डॉ. गेहलोत को बताया गया कि युगवार्ता विशेषांक हिंदुस्थान समाचार एजेंसी के माध्यम से प्रकाशित हुआ है, जिसके समूह संपादक पद्मश्री रामबहादुर राय हैं। विशेषांक में केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े प्रमुख व्यक्तियों के आलेख प्रकाशित किए गए हैं।

आपातकाल के 50 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर इस विशेषांक का लोकार्पण गत 19 फरवरी को भोपाल में हुआ था। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला एवं पूर्व राज्यसभा सदस्य कैलाश सोनी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य सुरेश जोशी (उपाख्य भैयाजी जोशी) ने मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित किया था। आयोजन एजेंसी के प्रदेश प्रभारी डॉ. मयंक चतुर्वेदी के संयोजन में हुआ था।

विविध विषयों पर केंद्रित हैं राज्यपाल के भाषण

डॉ. गेहलोत द्वारा भेंट किए गए भाषणों के संग्रह में कर्नाटक के साथ मध्यप्रदेश सहित विभिन्न राज्यों में आयोजित कार्यक्रमों में दिए गए संबोधनों को शामिल किया गया है। इनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, खेल, भारतीय संस्कृति, कृषि, समाज उत्थान, सरकार की कल्याणकारी योजनाओं, आत्मनिर्भर भारत, आजादी का अमृत महोत्सव और राष्ट्र निर्माण सहित विभिन्न विषयों पर उनके विचार शामिल हैं। कर्तव्य, संविधान और राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों पर उनका चिंतन भी संग्रह का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

हिन्दुस्थान समाचार / कैलाश सनोलिया

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