रीवा हादसे के बाद जैन साध्वियों के विहार मार्गों पर विशेष प्रोटोकॉल लागू करने की अपील
नागदा, 23 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के रीवा में जैन साध्वियों के साथ हुए दर्दनाक सड़क हादसे के बाद नागदा में जैन समाज ने संतों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। जैन नारी शक्ति मंच नागदा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से जैन संतों एवं साध्वियों के विहार मार्गों पर विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने की मांग की है।
मंच के संस्थापक अध्यक्ष राजेश सकलेचा ने शनिवार को कहा कि देशभर में पदयात्रा और विहार करने वाले जैन संत एवं साध्वियां अहिंसा, त्याग और भारतीय संस्कृति के प्रतीक हैं। उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन और समाज दोनों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि विहार मार्गों पर पुलिस सहायता, ट्रैफिक नियंत्रण, सुरक्षा दल और चेतावनी संकेतकों की स्थायी व्यवस्था अब अत्यंत आवश्यक हो गई है।
उन्होंने बताया कि रीवा में विहार के दौरान तेज रफ्तार कार की टक्कर से आचार्य विद्यासागर महाराज की शिष्या आर्यिका 105 श्रुतमति माताजी एवं उपशममति माताजी का दुखद निधन हो गया, जबकि एक अन्य माताजी गंभीर रूप से घायल हैं। इस घटना से जैन समाज में गहरा शोक और आक्रोश है।
राजेश सकलेचा ने कहा कि संत समाज केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि राष्ट्र की नैतिक चेतना और संस्कारों का आधार है। यदि सड़कों पर विहार कर रहे संत भी सुरक्षित नहीं हैं, तो यह प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
जैन नारी शक्ति मंच ने प्रशासन से मांग की कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस और स्थायी सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाए। मंच की ओर से दिवंगत माताजी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए घायल साध्वी के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना भी की गई।
इस दौरान आशा जैन पालरेचा, चंचल जैन चोरड़िया, प्रभा बेन संघवी, चित्रा बेन जैन, हेमा बेन कावड़िया, रेखा बेन गांधी, मयूरी बेन जैन, शकुन्तला बेन खेमेसरा, प्रीति जैन, सीमा चोपड़ा और जीवनलाल जैन सहित अन्य सदस्यों ने भी संत सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की मांग का समर्थन किया।
हिन्दुस्थान समाचार / कैलाश सनोलिया

