मप्रः मैहर में शारदा माता मंदिर की पहाड़ी के पीछे मिले तीन नर कंकालों की गुत्थी सुलझी
पांच महीने पहले सीधी से मैहर गए मां-बेटों ने की थी आत्महत्या
सतना/मैहर, 18 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मैहर जिले में प्रसिद्ध देवीधाम शारदा माता मंदिर की पहाड़ी के पीछे बीते रविवार को मिले तीन नर कंकालों की पुलिस ने शिनाख्त कर ली है। तीनों ने करीब पांच महीने पहले सामूहिक रूप से आत्महत्या कर ली थी। कंकालों पर मिले कपड़ों और एक ज्वैलर का नाम-पता लिखे पर्स से पुलिस ने मृतकों के परिजनों को तलाश लिया और मंगलवार को मामले का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने बताया कि सीधी जिले के रामगढ़ की रहने वाली 56 साल की छुटकी और उसके 28 साल के बेटे दीपक साकेत और 30 साल के राजकुमार साकेत ने पांच महीने पहले पेड़ से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। घटनास्थल से पूजा-पाठ की सामग्री भी बरामद हुई है। लिहाजा, प्रथमदृष्टया मामला अंधविश्वास और तंत्र साधना से जुड़ा नजर आ रहा है। पुलिस अभी मामले की जांच में जुटी हुई है।
दरअसल, बीते रविवार को पुलिस ने शारदा माता मंदिर की पहाड़ी के पीछे जंगल में तीन शव मिले थे। तीनों शव काफी पुराने थे और नर कंकाल में तब्दील हो चुके थे। पुलिस जांच-पड़ताल करते हुए जब जब मृतकों के घर का पता लगाते हुए रामगढ़ पहुंची, तो वहां छुटकी का पति शेषमणि साकेत मिला। उसने बताया कि करीब पांच माह पहले तीनों मैहर गए थे। अक्सर 10 से 20 दिन वहां रुकने के बाद घर लौट आते थे। मगर, इस बार जब 30 जनवरी को घर से गए, तो फिर वापस लौटे ही नहीं। शेषमणि ने बताया कि उसे अस्थमा है, इसलिए वह अपने गांव रामगढ़ में ही रहता था। शेषमणि ने बताया कि छुटकी और दोनों बेटे को ढूंढ़ने के लिए साले और दामाद को तीन बार मैहर भेजा। मगर, उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। मुझे लगा कि कहीं बैठकर माता का ध्यान कर रहे होंगे। इसी वजह से मैहर और सीधी के किसी थाने में हमने इसकी शिकायत भी दर्ज नहीं कराई। किसी दूसरी जगह भी उन्हें ढूंढने के लिए इसलिए नहीं गए, क्योंकि वो कभी कहीं नहीं जाते थे।
शेषमणि ने पुलिस को बताया कि परिवार के सभी सदस्य घर में मां शारदा की पूजा कई वर्षों से करते रहे हैं। छुटकी और राजकुमार को मां शारदा की सवारी आती थी। यह घर में पूजा करते समय समस्या का समाधान करते रहे। यह सिलसिला पिछले 12 वर्ष से चलता आ रहा है। मैं शुरुआत के तीन साल तक दोनों बच्चों और पत्नी के साथ मैहर जाता था। उस समय करीब दस दिन तक वहां रहकर सभी वहां पूजा करते थे। हमने कभी नहीं सोचा था कि ऐसी घटना होगी। पांच महीनों से यही सोच रहे थे कि वे भक्ति में लीन होंगे। हर रोज सुबह सोचता था कि आज शायद वे लौट आएंगे, मगर अब उनके कंकाल मिलने के बाद ये आस भी टूट गई है।
मैहर के सीएसपी राजीव पाठक ने बताया कि कंकाल में तब्दील हो चुके शवों की शिनाख्त में महिला के पास सीधी के एक ज्वेलर्स का नाम-पता लिखा पर्स जरिया बन गया। उस ज्वैलर से बात करने के बाद महिला के बारे में जानकारी मिली। इसके साथ ही मैहर देवी मंदिर के पास प्रसाद की दुकान चलाने वाले एक दुकानदार ने भी पुलिस को एक मोबाइल नंबर दिया था। पुलिस ने जब उस नंबर पर संपर्क किया, तो महिला के पति के बारे में जानकारी मिल गई। उससे जब महिला और उसके बेटों की फोटो मंगवाई गई, तो तीनों उन्हीं कपड़ों में दिखे, जिनमें उनके कंकाल मिले थे। कंकालों से शरीर के कई अंग भी गायब थे। पुलिस ने शवों को रात में मॉर्चुरी में रखवा दिया था। उनका पोस्टमॉर्टम मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों की टीम से कराया जा रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश/नेहा
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