दिव्यांगजनों को समान अधिकार और सम्मानजनक जीवन देने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध : मंत्री कुशवाह

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दिव्यांगजनों को समान अधिकार और सम्मानजनक जीवन देने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध : मंत्री कुशवाह


भोपाल, 20 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा कि प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों को समान अधिकार, समान अवसर और सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। दिव्यांगजन केवल शासकीय योजनाओं के लाभार्थी नहीं, बल्कि प्रदेश के विकास की मुख्यधारा के समान सहभागी हैं। एक समावेशी समाज का निर्माण ही हमारी प्राथमिकता है।

मंत्री कुशवाह ने यह बात गुरुवार को भोपाल स्थित होटल पलाश में न्यायालय आयुक्त दिव्यांगजन, मध्य प्रदेश, भोपाल एवं साइटसेवर्स इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राज्य स्तरीय परामर्श कार्यक्रम “एक समावेशी मध्य प्रदेश का निर्माण: आरपीडब्ल्यूडी एक्ट और राज्य विकलांगता नीति पर संवाद का एक दशक” के उद्घाटन सत्र में कही।

मंत्री कुशवाह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार अधिनियम के प्रावधानों को प्रभावी ढंग से धरातल पर लागू करने के लिए संकल्पित है। दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम (आरपीडब्ल्यूडी, एक्ट), 2016 के लागू होने के दस वर्ष पूरे होना देश के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में लागू इस ऐतिहासिक अधिनियम ने देश में दिव्यांगता के प्रति सोच और दृष्टिकोण को नई दिशा दी है। राज्य स्तरीय संवाद इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण और निर्णायक कदम है। कार्यक्रम में दिव्यांगजनों के अधिकारों, समान अवसर, समावेशी विकास तथा आरपीडब्ल्यूडी एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन सहित मध्य प्रदेश में दिव्यांगजनों के लिए नीतियों और व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाने पर सार्थक विचार-विमर्श किया गया।

‘सबका साथ, सबका विकास’ के संकल्प से आगे बढ़ेगा प्रदेश

मंत्री कुशवाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का “सबका साथ, सबका विकास” का आह्वान समावेशी विकास की मूल भावना को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि दिव्यांगजनों को शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा, सुगम्यता और अन्य क्षेत्रों में समान अवसर उपलब्ध हों तथा वे आत्मनिर्भर होकर समाज और प्रदेश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि “एक ऐसा मध्य प्रदेश, जहां दिव्यांगजन केवल योजनाओं के लाभार्थी नहीं, बल्कि समान अधिकारों के साथ विकास की मुख्यधारा के सहभागी हों—यही समावेशी समाज की सच्ची पहचान है।”

कार्यशाला के माध्यम से मध्य प्रदेश में दिव्यांगजन अधिकारों के संरक्षण, नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन और अधिक सुगम एवं समावेशी व्यवस्थाओं के निर्माण के लिए विभिन्न सुझावों एवं विचारों पर चर्चा की गई।

कार्यक्रम में ताशा महंता – एसपीएल, मध्य प्रदेश, साइटसेवर्स इंडिया, जतिन तिवारी – डीपीओ, साइटसेवर्स इंडिया, डॉ. अजय खेमरिया – राज्य दिव्यांगजन आयुक्त, मध्य प्रदेश, डॉ. भूषण पुनानी – सदस्य, सेंट्रल एडवाइजरी कमेटी एवं जनरल सेक्रेटरी, ब्लाइंड पीपल्स एसोसिएशन तथा प्रो. राजीव दीक्षित – वीसी, एआईजीजीपीए, भोपाल सहित विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि, सामाजिक क्षेत्र से जुड़े कार्यकर्ता एवं अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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