शिवपुरीः करैरा में विद्युत संपर्क अभियान में पुराने और स्मार्ट मीटर के अंतर से उपभोक्ताओं को कराया अवगत

WhatsApp Channel Join Now
शिवपुरीः करैरा में विद्युत संपर्क अभियान में पुराने और स्मार्ट मीटर के अंतर से उपभोक्ताओं को कराया अवगत


शिवपुरीः करैरा में विद्युत संपर्क अभियान में पुराने और स्मार्ट मीटर के अंतर से उपभोक्ताओं को कराया अवगत


शिवपुरी, 10 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में विद्युत वितरण केंद्र करैरा अंतर्गत करैरा शहर में शनिवार को विद्युत उपभोक्ताओं की समस्याओं के निराकरण एवं स्मार्ट मीटर के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से संपर्क अभियान शिविर का आयोजन किया गया।

शिविर में विद्युत संबंधी विभिन्न समस्याएं प्राप्त हुईं, जिनमें से कुछ का मौके पर ही निराकरण किया गया। साथ ही उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर का डेमो दिखाकर इसकी कार्यप्रणाली, उपयोगिता और इससे मिलने वाले संभावित लाभों की जानकारी दी गई।

शिविर में विद्युत सप्लाई से संबंधित 8 शिकायतें, विद्युत बिल से संबंधित 4 शिकायतें, नवीन विद्युत कनेक्शन के लिए 2 आवेदन तथा नाम परिवर्तन के लिए 1 आवेदन प्राप्त हुआ। विद्युत विभाग के अधिकारियों ने उपभोक्ताओं की समस्याएं सुनीं और उनके निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई की।

पुराने मीटर और स्मार्ट मीटर में क्या है अंतर?

शिविर में उपभोक्ताओं को बताया गया कि पारंपरिक विद्युत मीटर में सामान्यतः मीटर रीडर द्वारा रीडिंग लेकर बिल तैयार किया जाता है, जबकि स्मार्ट मीटर में बिजली की खपत का विवरण डिजिटल रूप से दर्ज होता है और मीटर की संचार सुविधा उपलब्ध होने पर रीडिंग दूर से भी प्राप्त की जा सकती है। इससे मीटर रीडिंग की प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक बनती है तथा वास्तविक खपत के आधार पर बिल तैयार करने में मदद मिलती है।

स्मार्ट मीटर के माध्यम से उपभोक्ता बिजली की खपत पर बेहतर नजर रख सकते हैं। इससे यह समझने में मदद मिलती है कि किस अवधि में कितनी बिजली खर्च हो रही है और किन उपायों से खपत कम की जा सकती है।

स्मार्ट मीटर लगवाने से उपभोक्ताओं को क्या लाभ?

अधिकारियों ने स्मार्ट मीटर के प्रमुख लाभों की जानकारी देते हुए बताया कि इससे उपभोक्ताओं को कई तरह की सुविधाएं मिल सकती हैं।

रीडिंग में सुविधा:- संचार सुविधा उपलब्ध होने पर मीटर रीडर के बार-बार घर आने की आवश्यकता कम हो सकती है।

खपत की बेहतर जानकारी:- डिजिटल रीडिंग से बिजली की खपत पर निगरानी रखना आसान होता है।

बिलिंग में पारदर्शिता:- वास्तविक खपत के आधार पर बिल तैयार करने में मदद मिलती है, जिससे अनुमानित रीडिंग से जुड़ी समस्याएं कम हो सकती हैं।

बिजली बचाने में मदद:- खपत की जानकारी के आधार पर उपभोक्ता अनावश्यक बिजली खर्च पहचानकर अपने उपयोग में सुधार कर सकते हैं।

शिकायतों के निराकरण में सहायता:- मीटर से संबंधित डिजिटल आंकड़े उपलब्ध होने पर बिलिंग और खपत की जांच में मदद मिल सकती है।

स्मार्ट मीटर का डेमो देखकर उपभोक्ता हुए संतुष्ट- संपर्क अभियान के दौरान स्मार्ट मीटर का प्रदर्शन कर उसकी कार्यप्रणाली समझाई गई। अधिकारियों ने उपभोक्ताओं की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए मीटर के फायदे और सब्सिडी संबंधी जानकारी साझा की। विभाग के अनुसार, डेमो देखने के बाद उपस्थित उपभोक्ताओं ने संतुष्टि व्यक्त की तथा कुछ लोगों ने स्मार्ट मीटर लगवाने के लिए अपनी सहमति भी प्रदान की।

शिविर में विद्युत विभाग के उपमहाप्रबंधक संभाग शिवपुरी द्वितीय एमपी सिंह, सहायक प्रबंधक वितरण करैरा लोकेन्द्र सिंह सहित विभागीय कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, मीडिया कर्मी एवं विद्युत उपभोक्ता उपस्थित रहे।

विद्युत विभाग के इस संपर्क अभियान का उद्देश्य उपभोक्ताओं की समस्याओं को सुनना, उनका समाधान करना तथा आधुनिक मीटरिंग व्यवस्था के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / युगल किशोर शर्मा

Share this story