मप्र में महिला आयोग ने शुरू की टोल-फ्री हेल्पलाइन

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मप्र में महिला आयोग ने शुरू की टोल-फ्री हेल्पलाइन


- अब एक कॉल पर मिलेगी सहायता, शिकायतों के त्वरित निराकरण की होगी प्रभावी व्यवस्था

भोपाल, 10 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में मप्र राज्य महिला आयोग ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए महिलाओं के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-233-6112 का शुभारंभ किया। हेल्पलाइन के माध्यम से प्रदेश की महिलाएं सीधे आयोग से संपर्क कर अपनी शिकायतें, समस्याएं और सुझाव दर्ज करा सकेंगी।

भोपाल स्थित राज्य महिला आयोग कार्यालय में बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में आयोग की अध्यक्ष रेखा यादव, सदस्य साधना स्थापक तथा आयोग के सचिव सुरेश तोमर ने हेल्पलाइन का विधिवत विमोचन किया। इस अवसर पर आयोग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर आयोग की अध्यक्ष रेखा यादव ने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल योजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को न्याय और सहायता तक सहज पहुंच उपलब्ध कराना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नई टोल-फ्री हेल्पलाइन महिलाओं और आयोग के बीच सीधा संवाद स्थापित करेगी, जिससे उनकी समस्याओं का त्वरित संज्ञान लेकर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी। यह व्यवस्था विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए उपयोगी होगी जो किसी कारणवश सीधे आयोग तक नहीं पहुंच पाती हैं।

उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश राज्य महिला आयोग द्वारा शुरू की गई यह टोल-फ्री हेल्पलाइन महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने, उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने तथा न्याय तक उनकी पहुंच को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। रेखा यादव प्रदेश की सभी महिलाओं से अपील की है कि आवश्यकता पड़ने पर वे निःसंकोच टोल-फ्री नंबर 1800-233-6112 पर संपर्क कर अपनी समस्याएं दर्ज कराएं और उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाएं।

आयोग की सदस्य साधना स्थापक ने कहा कि आयोग का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित, सम्मानजनक और न्यायपूर्ण वातावरण उपलब्ध कराना है। हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त प्रत्येक शिकायत पर संवेदनशीलता, गंभीरता और प्राथमिकता के साथ कार्रवाई की जाएगी, जिससे पीड़ित महिलाओं को शीघ्र राहत मिल सके।

आयोग के सचिव सुरेश तोमर ने बताया कि हेल्पलाइन महिलाओं की शिकायतों के पंजीयन, मार्गदर्शन, परामर्श तथा संबंधित मामलों के फॉलोअप के लिए एक प्रभावी माध्यम के रूप में कार्य करेगी। इससे शिकायत निवारण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और सुलभ बनेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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