किसानों के परिश्रम के सम्मान के लिये राज्य सरकार प्रतिबद्ध : कृषि मंत्री कंषाना
- समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए अब तक 1 लाख 81 हजार से अधिक किसानों ने कराया पंजीयन
भोपाल, 21 फरवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि किसानों के परिश्रम के सम्मान के लिये राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए प्रदेशभर में किसानों का उत्साहपूर्ण प्रतिसाद मिल रहा है।
मंत्री कंषाना ने शनिवार को जानकारी देते हुए बताया कि अब तक 1 लाख 81 हजार से अधिक किसानों ने पंजीयन कराकर सरकार की किसान-हितैषी नीतियों पर विश्वास जताया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रस्तुत यह बजट किसानों की समृद्धि, उत्पादन क्षमता में वृद्धि और ग्रामीण विकास को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगा। यह बजट ‘समृद्ध किसान – विकसित मध्यप्रदेश’ के संकल्प को साकार करेगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पूरे प्रदेश में 3186 पंजीयन केन्द्र स्थापित किये गये है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को भी सहज और सुगम पंजीयन सुविधा उपलब्ध हुई है। कृषि मंत्री कंषाना ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के परिश्रम का सम्मान करने और उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन की प्रक्रिया पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित ढंग से संचालित की जा रही है।
कृषि मंत्री कंषाना ने किसानों से अपील की है कि वे 7 मार्च 2026 तक अनिवार्य रूप से अपना पंजीयन सुनिश्चित कर लें, जिससे उन्हें समर्थन मूल्य का पूरा लाभ मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को भी निर्देश दिए हैं कि पंजीयन प्रक्रिया को सरल, सुगम और समयबद्ध बनाया जाए। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक पात्र किसान को उसकी उपज का न्यायसंगत मूल्य प्राप्त हो और प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।
कृषक वर्ष किसान कल्याण के लिए समर्पित
कृषि मंत्री कंषाना ने मुरैना में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को किसानों, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि आधारित उद्योगों के लिए ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी बजट है। उन्होंने कहा कि यह बजट ज्ञानी सिद्धांत पर आधारित है। इसमें गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति के साथ अधोसंरचना एवं औद्योगिकीकरण को केंद्र में रखा गया है।
कृषि मंत्री कंषाना ने बताया कि बजट में कृषि विकास एवं किसान कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। कृषि पंपों के लिए निःशुल्क विद्युत प्रतिपूर्ति के लिए 5,276 करोड़ रुपए का प्रावधान किसानों को बड़ी राहत देगा। दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन के लिए 335 करोड़ तथा समर्थन मूल्य पर बोनस भुगतान के लिए 150 करोड़ रुपए का प्रावधान किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
कृषि मंत्री कंषाना ने कहा कि सहकारी बैंकों से आपातकालीन ऋण पर ब्याज अनुदान के लिए 720 करोड़ तथा ‘प्रधानमंत्री कृषक सूर्य मित्र योजना’ के अंतर्गत 3,000 करोड़ की लागत से एक लाख सोलर सिंचाई पंप उपलब्ध कराए जाने का लक्ष्य प्रदेश के किसानों को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाएगा।
उन्होंने बताया कि पशुपालन के क्षेत्र को सशक्त करने 2,364 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जिसमें गौ-संवर्धन एवं मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना शामिल है। इससे किसानों की आय के अतिरिक्त स्रोत सुदृढ़ होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। सिंचाई परियोजनाओं के लिए 14,742 करोड़ रुपए तथा ग्रामीण सड़क नेटवर्क विस्तार के लिए बड़े प्रावधान से कृषि उत्पादों के परिवहन एवं विपणन को गति मिलेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत

