मप्र में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी आज से, मुख्यमंत्री कार्यालय से रहेगी संपूर्ण व्यवस्था पर नजर

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मप्र में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी आज से, मुख्यमंत्री कार्यालय से रहेगी संपूर्ण व्यवस्था पर नजर


भोपाल, 09 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में आज गुरुवार से रबी विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन का कार्य शुरू हो रहा है। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पहले लघु और सीमांत किसानों से गेहूं खरीदा जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए सहज-सुगम व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश जिला कलेक्टर्स और एसडीएम को दिए गए हैं। उपार्जन केन्द्रों पर किसानों के लिए पेयजल और छायादार स्थान की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था है। उपार्जन केंद्रों पर हेल्प डेस्क स्थापित किए जा रहे हैं, जिला स्तर पर कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम से संपूर्ण व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जाएगी।

रिकॉर्ड 19 लाख 4 हजार किसानों ने पंजीयन कराया

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि प्रदेश में गेहूं उपार्जन के लिये इस वर्ष रिकॉर्ड 19 लाख 4 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3 लाख 60 हजार अधिक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन की सभी व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित की जा रही हैं। किसानों को इस वर्ष 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य के साथ ही 40 रुपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष किसानों का पंजीकृत रकबा 41.58 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया है, जो विगत वर्ष से 6.65 लाख हेक्टेयर अधिक है।

78 लाख मीट्रिक टन उपार्जन का लक्ष्य

खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया कि राजस्व विभाग द्वारा किसानों के पंजीकृत रकबे के सत्यापन के बाद स्लॉट बुकिंग प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है, जिससे किसान अपनी उपज बिना किसी असुविधा के उपार्जन केन्द्रों पर बेच सकें। पिछले वर्ष समर्थन मूल्य पर लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष वैश्विक परिस्थितियों और पश्चिम एशिया में युद्ध जैसी चुनौतियों के बावजूद किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं उपार्जन का लक्ष्य निर्धारित किया है।

50 हजार जूट की गठानों का अतिरिक्त आवंटन

मंत्री राजपूत ने बताया कि बारदानों की कमी नहीं आएगी। भारत सरकार ने मध्य प्रदेश को 50 हजार जूट की गठानों का अतिरिक्त आवंटन किया है। साथ ही गेहूं उपार्जन के लिए HDP/PP बैग और एक बार उपयोग होने वाले जूट बारदाने के उपयोग की अनुमति भी दी गई है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार लगातार बारदाना उपलब्धता और अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा कर राज्य सरकार को सहयोग प्रदान कर रही है। प्रदेश में निर्धारित लक्ष्य के अनुसार समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए आवश्यक बारदानों की व्यवस्था उपार्जन प्रारंभ होने से पूर्व पूरी कर ली जाएगी।

मंत्री राजपूत ने बताया कि जिन जिलों में भंडारण क्षमता सीमित है, वहां संयुक्त भागीदारी योजना के तहत गोदाम की क्षमता के 120 प्रतिशत तक भंडारण की व्यवस्था का प्रावधान किया गया है। साथ ही केंद्र सरकार के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत मार्च-अप्रैल तथा मई-जून 2026 का खाद्यान्न एक साथ वितरित किया जाएगा, जिससे लगभग 10 लाख मीट्रिक टन से अधिक अतिरिक्त भंडारण क्षमता उपलब्ध हो सकेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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