हर गांव के प्रत्येक परिवार को आजीविका से जोड़कर गांवों को बनाएंगे गरीबी मुक्त: शिवराज सिंह चौहान

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हर गांव के प्रत्येक परिवार को आजीविका से जोड़कर गांवों को बनाएंगे गरीबी मुक्त: शिवराज सिंह चौहान


- महिला किसान दिवस के कार्यक्रम में शामिल हुए केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान, 46 ग्रामीण सड़कों का भी किया भूमिपूजन

रायसेन, 16 अक्टूबर (हि.स.)। केन्द्रीय कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस देश को गरीबी से मुक्ति केवल सहायता देने से नहीं, बल्कि परिवारों को रोजगार और कमाई के अवसर उपलब्ध कराने से मिलेगी। हमारी सरकार इस दिशा में काम कर रही है। हर गांव के प्रत्येक परिवार को आजीविका से जोड़कर गांवों को गरीबी मुक्त बनाया जाएगा।

केन्द्रीय कृषि मंत्री चौहान शुक्रवार को अपने संसदीय क्षेत्र सांची के प्रवास के दौरान महिला किसान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 46 सड़कों का भूमिपूजन किया। कार्यक्रम में सांची विधायक डॉ प्रभुराम चौधरी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधी भी उपस्थित रहे।

केन्द्रीय मंत्री चौहान ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि खेती-किसानी में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। खेतों में काम करने से लेकर पशुपालन, दूध उत्पादन, चारा प्रबंधन और पशुओं की देखभाल तक महिलाएं महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। इसके बावजूद उन्हें औपचारिक रूप से किसान की पहचान दिलाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जो बहनें अपने हाथों से खेती का काम करती हैं, वो महिला किसान हैं और उन्हें औपचारिक पहचान दिलाने के लिए पूरी ताकत से प्रयास किए जाएंगे।

खेती करने वाली बहनों को मिले महिला किसान की औपचारिक पहचान

केन्द्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि किसान की पहचान केवल जमीन के स्वामित्व से नहीं, बल्कि खेती में उसके वास्तविक योगदान से भी होनी चाहिए। जो व्यक्ति खेत का मालिक है, लेकिन खेती के काम में भागीदारी नहीं करता, उसकी तुलना उस व्यक्ति से नहीं की जा सकती जो अपने हाथों से खेत में मेहनत करता है।

उन्होंने कहा कि अनाज उत्पादन के साथ फल, सब्जियां, औषधीय पौधों की खेती, पशुपालन, मछली पालन और मुर्गी पालन भी कृषि से जुड़ी महत्वपूर्ण गतिविधियां हैं। इन सभी कार्यों में महिलाएं बड़ी भूमिका निभाती हैं। गाय-भैंस की सेवा, दूध निकालना, चारा काटना और पशुओं की देखभाल जैसे अनेक काम महिलाएं करती हैं। इसलिए महिला किसानों को उनकी मेहनत के अनुरूप पहचान और सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि कृषि मंत्री के रूप में वे इस विषय को संबंधित मंचों पर पूरी मजबूती से उठाएंगे।

रायसेन-विदिशा से शुरू होगा हर परिवार को आजीविका से जोड़ने का अभियान

केन्द्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि रायसेन और विदिशा से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में एक ऐसी योजना की शुरुआत की जा रही है, जिसका उद्देश्य हर गांव के हर परिवार को कम से कम एक आजीविका से जोड़ना है। इसका लक्ष्य गांवों को गरीबी मुक्त बनाना और परिवारों की आय के स्थायी साधन विकसित करना है। उन्होंने कहा कि खेती, कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन, प्रोसेसिंग, पशुपालन, बकरी पालन, मछली पालन और छोटे व्यवसायों के माध्यम से परिवारों को आजीविका से जोड़ा जाएगा। हर परिवार के पास आय का साधन होना चाहिए और इस अभियान में महिला किसानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।

महिला किसान अब छोटे उद्यमों से आगे बढ़कर बनेंगी उद्यमी

उन्होंने कहा कि महिलाओं को केवल पारंपरिक कार्यों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। बड़ी, पापड़, अचार बनाने, बकरी पालन, मुर्गी पालन और पशुपालन जैसे कार्यों के साथ अब उन्हें कृषि आधारित छोटे उद्योगों की दिशा में भी आगे बढ़ना होगा। यदि किसी क्षेत्र में दलहन का उत्पादन अधिक होता है, तो वहां छोटी दाल मिल स्थापित की जा सकती है। इसी तरह तेल उत्पादन, टमाटर से केचप बनाने और अन्य कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग के छोटे उद्योग शुरू किए जा सकते हैं। इसके लिए महिलाओं को प्रशिक्षण, मशीनें और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे। महिलाओं में उद्यमिता की अपार संभावनाएं हैं। जरूरत उन्हें सही मार्गदर्शन, संसाधन और अवसर उपलब्ध कराने की है।

महिला उद्यमिता के लिए वित्तीय और तकनीकी सहायता पर होगा काम

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि महिला किसानों और महिला उद्यमियों को आगे बढ़ाने के लिए वित्तीय सेवाएं, तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण, मार्गदर्शन, लाइसेंस और दस्तावेजीकरण जैसी सुविधाएं महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को ऐसे ऋण उपलब्ध कराने के लिए भी प्रयास किए जाएंगे, जिनमें गारंटी की आवश्यकता कम हो या न हो, ताकि आर्थिक संसाधनों की कमी उनके उद्यम शुरू करने में बाधा न बने। महिलाओं को छोटे उद्योग स्थापित करने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक सहयोग मिलना चाहिए। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

महिला किसान मंच बनेगा सहयोग और मार्गदर्शन का माध्यम

शिवराज सिंह चौहान ने महिला किसान मंच की पहल का स्वागत करते हुए कहा कि महिलाओं को ऐसा मंच मिलना चाहिए, जहां वे एक-दूसरे से सीख सकें, अपने अनुभव साझा कर सकें और मिलकर आगे बढ़ने के रास्ते तलाश सकें। इस मंच पर केवल महिलाएं ही नहीं, बल्कि पुरुष भी सहभागी बनेंगे। महिला सशक्तिकरण सामूहिक प्रयास से ही संभव है। उन्होंने कहा कि आधी आबादी पीछे रह जाएगी तो देश भी पूरी प्रगति नहीं कर सकता। महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक और शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाना आवश्यक है। महिलाएं अपने परिवार को बेहतर बनाने, बच्चों को अच्छे संस्कार देने और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में सक्षम हैं। जरूरत उन्हें अवसर, सम्मान और सहयोग देने की है।

बहनों को सम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर देना हमारा संकल्प

केन्द्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि महिलाओं को केवल आर्थिक रूप से ही नहीं, बल्कि सामाजिक, राजनीतिक और शैक्षणिक रूप से भी सशक्त बनाना जरूरी है। महिलाओं को अपने परिवार और समाज में सम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि बहनों और बेटियों को कठिनाइयों से मुक्त कर आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने के अवसर उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है। महिला किसान जब आर्थिक रूप से मजबूत होंगी, तो उनके परिवार भी समृद्ध होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ताकत मिलेगी। महिला किसानों की मेहनत, उद्यमिता और सहभागिता से गांव आत्मनिर्भर बनेंगे, परिवारों की आय बढ़ेगी और विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की भूमिका और मजबूत होगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

Livevns.news Desk
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