विक्रम उत्सव 2026: नाट्य समारोह में चतुर्भाणी ने मोहा दर्शकों का मन

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विक्रम उत्सव 2026: नाट्य समारोह में चतुर्भाणी ने मोहा दर्शकों का मन


विक्रम उत्सव 2026: नाट्य समारोह में चतुर्भाणी ने मोहा दर्शकों का मन


उज्जैन, 21 फरवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उज्जैन में विक्रम उत्सव 2026 के अंतर्गत आयोजित विक्रम नाट्य समारोह में शनिवार की रात चतुर्भाणी नाटक की प्रभावशाली प्रस्तुति हुई। इस नाट्य की परिकल्पना एवं निर्देशन मध्य प्रदेश के राजकुमार कामले द्वारा किया गया। नाटक कर्णीपुत्र और देवदत्ता की प्रेम कथा पर आधारित रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत मां भारती की आराधना में प्रस्तुत नृत्य-नाटिका से हुई, जिसके बाद अतिथि राजेश सिंह कुशवाह वरिष्ठ कार्य परिषद सदस्य विक्रम विश्वविद्यालय, मुकेश जोशी निदेशक प्रेमचंद सर्जन पीठ, जगदीश पांचाल वरिष्ठ समाजसेवी, कमल बेरवा ने कलाकारों का सम्मान किया।

महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ, संस्कृति विभाग मप्र शासन एवं राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (भारंगम) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित नाट्य महोत्सव के छठवें दिन शनिवार को कालिदास अकादमी के संकुल भवन में शाम 7.30 बजे से नाट्य प्रस्तुति हुई। चतुर्भाणी के अंतर्गत ‘उभयाभिसारिका’ (वररुचि) एवं ‘पद्यप्राभृतकम’ (शूद्रक) पर आधारित इस नाटक का हिंदी अनुवाद मोतीचंद (प्रिंस ऑफ वेल्स म्यूजियम, मुंबई) द्वारा किया गया है।

नाटक में कर्णीपुत्र और देवदत्ता के प्रेम प्रसंग को मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया गया। गलतफहमी के कारण दोनों के बीच वियोग हो जाता है। मित्र उनके पुनर्मिलन के लिए यात्रा करता है और मार्ग में विभिन्न पात्रों से संवाद करते हुए आगे बढ़ता है। वसंत ऋतु, प्रकृति सौंदर्य, मणिकाओं के जीवन और उस समय की सामाजिक परिस्थितियों का जीवंत चित्रण नाट्य में देखने को मिला। अंततः दोनों का मिलन दर्शकों के लिए भावपूर्ण क्षण बना।

मंच पर वैशिकाचल सहित अन्य पात्रों एवं द्वितीय की भूमिका विक्की तिवारी ने निभाई, जबकि शश प्रथम के रूप में सिद्धार्थ श्रीवास्तव नजर आए। कर्णीपुत्र की भूमिका तरुण सिंह ठाकुर, दत्तकलशी के रूप में अश्वनी यादव, विपुलामात्य के रूप में आयुष्यमान शर्मा तथा पवित्रक एवं कवि की भूमिका साहिल ठाकुर ने निभाई। भावजरदगव एवं दर्दरक की भूमिका सत्यम प्रजापति ने सजीव की। देवसेना के रूप में राधा बर्मन और उनकी सखी के रूप में पलक तिवारी ने प्रभाव छोड़ा। नाट्य में कथक नृत्य की प्रस्तुति मुक्ति मिश्रा और हंसिका मिश्रा ने दी, वहीं लोकनृत्य में राधा बर्मन,पलक तिवारी, मुक्ति मिश्रा, हंसिका मिश्रा एवं विशाल विश्वकर्मा ने सहभागिता की।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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