विदिशा और आसपास के कैंसर मरीजों के लिए उनके घर के और करीब ला रहे हैं इलाजः उप मुख्यमंत्री शुक्ल
- विदिशा सहित आसपास के जिलों के लिए बड़ी सौगात, मेडिकल कॉलेज में कैंसर डे-केयर कीमोथेरेपी यूनिट का शुभारंभ
विदिशा, 08 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि आज विदिशा के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बहुत महत्वपूर्ण दिन है। आज हम केवल एक डे केयर कीमोथेरेपी सेंटर का उद्घाटन नहीं कर रहे हैं, बल्कि विदिशा और आसपास के क्षेत्र के कैंसर मरीजों के लिए इलाज को उनके घर के और करीब ला रहे हैं।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल मंगलवार को विदिशा के अटल बिहारी वाजपेई शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में आयोजित कैंसर डे-केयर कीमोथेरेपी यूनिट के उद्घाटन कार्यक्रम को वर्चुअल संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कैंसर का इलाज केवल एक बीमारी का इलाज नहीं है। यह मरीज और उसके पूरे परिवार के लिए एक लंबी और कठिन यात्रा होती है। बार-बार भोपाल या किसी बड़े शहर जाना, यात्रा का खर्च, समय और बीमारी के साथ होने वाली मानसिक परेशानी - इन सबको कम करना भी हमारी जिम्मेदारी है। हमारा प्रयास है कि जहां तक संभव हो, इलाज मरीज के पास पहुंचे, मरीज को इलाज के लिए दूर न जाना पड़े।
केंद्रीय किसान कल्याण तथा कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ.जितेन्द्र सिंह ने मंगलवार को विदिशा में अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, विदिशा में टाटा कैंसर अस्पताल, मुंबई के सहयोग से स्थापित की गई डे-केयर कीमोथेरेपी यूनिट का फीता काटकर उद्घाटन कर विदिशा सहित आसपास के अन्य जिलों को एक बड़ी सौगात दी।
इलाज बेहतर हो, समय पर हो और मरीज के घर के करीब हो यही हमारी प्रतिबद्धता: राजेन्द्र शुक्ल
उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि इसकी शुरुआत जून में हुई कैंसर स्क्रीनिंग कैंप से हुई। इस साल 5 से 7 जून के बीच आयोजित इस विशेष अभियान में लगभग 3,000 लोगों की कैंसर स्क्रीनिंग एवं जांच की गई। लगभग 600 मरीजों में कैंसर की पहचान हुई और लगभग 250 संभावित कैंसर मरीजों को चिन्हित किया गया। लेकिन हमारी जिम्मेदारी केवल बीमारी की पहचान तक सीमित नहीं रही। इन मरीजों के आगे के उपचार- सर्जरी, रेडियोथेरेपी और आवश्यक कैंसर उपचार के लिए भोपाल के कैंसर अस्पतालों तथा टाटा मेमोरियल सेंटर की मुंबई स्थित इकाई एसीटीआरईसी के सहयोग से उपचार की व्यवस्था की गई।
उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास केवल यह नहीं था कि हम मरीज को बता दें कि उसे कैंसर है। हमारा प्रयास था कि “कैंसर की पहचान से लेकर उसके उपचार तक, मरीज को अकेला न छोड़ा जाए। और आज उसी प्रयास का अगला चरण शुरू हो रहा है। अब कीमोथेरेपी के लिए विदिशा से बाहर जाने की आवश्यकता कम होगी। जिन मरीजों की कीमोथेरेपी किसी ऑन्कोलॉजिस्ट द्वारा निर्धारित की गई है, उन्हें निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार कीमोथेरेपी अब विदिशा मेडिकल कॉलेज में ही दी जा सकेंगी।
उन्होंने कहा कि चूंकि वर्तमान में मेडिकल कॉलेज में कैंसर विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए एम्स भोपाल और एसीटीआरईसी के विशेषज्ञों के समन्वय से बनाए गए उपचार प्रोटोकॉल के अनुसार ही मरीजों को कीमोथेरेपी दी जाएगी। इसके लिए मेडिसिन विभाग के 2 चिकित्सकों और 7 नर्सिंग अधिकारियों को एसीटीआरईसी , मुंबई में विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है। प्रदेश में कैंसर उपचार की पूरी श्रृंखला को मजबूत किया जा रहा है हमारा लक्ष्य केवल कीमोथेरेपी की सुविधा उपलब्ध कराना नहीं है।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि कैंसर के उपचार के लिए जांच से लेकर सर्जरी, कीमोथेरेपी और रेडिएशन तक पूरी उपचार श्रृंखला को मजबूत करना हमारी प्राथमिकता है। इसी दिशा में प्रदेश के पुराने पांच शासकीय मेडिकल कॉलेजों में उन्नत मशीनों के माध्यम से आधुनिक रेडिएशन थेरेपी की सुविधाएं शीघ्र प्रारंभ की जा रही है। इसके साथ ही कैंसर की बीमारी की सटीक जांच और स्टेजिंग के लिए पीईटी स्केन की सुविधा भी शीघ्र प्रारंभ होने जा रही है। इसका अर्थ है कि आने वाले समय में मरीजों को कैंसर के इलाज के लिए अलग-अलग सुविधाओं हेतु लगातार दूसरे शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। हमारी कोशिश है कि कैंसर की पहचान से लेकर उसकी सटीक स्टेजिंग, विशेषज्ञ परामर्श, सर्जरी, कीमोथेरेपी और रेडिएशन थेरेपी तक—एक मजबूत और समन्वित कैंसर केयर नेटवर्क प्रदेश में विकसित हो। आज की स्वास्थ्य व्यवस्था का लक्ष्य यही होना चाहिए कि आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहें। छोटे शहरों के मरीजों को भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उनके अपने शहर में मिलें- यही हमारी प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि आज विदिशा में शुरू हो रहा यह सेंटर इसी सोच का उदाहरण है। कैंसर के खिलाफ लड़ाई में हमारी सबसे बड़ी ताकत केवल मशीनें और दवाएं नहीं हैं। हमारी सबसे बड़ी ताकत है— समय पर बीमारी की पहचान, समय पर सही उपचार और मरीज के साथ खड़ा रहना। आज विदिशा में हम इसी संकल्प को आगे बढ़ा रहे हैं। इलाज बेहतर हो, इलाज समय पर हो और इलाज मरीज के घर के करीब हो—यही हमारी प्रतिबद्धता है।
कार्यक्रम में केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय परमाणु ऊर्जा राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह भी संबोधित किया। मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. मनीष निगम ने कीमोथैरेपी डे केयर सेंटर के संबंध में संक्षिप्त जानकारी से अवगत कराया।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

