उज्जैनः सिंहस्थ के निर्माण कार्यों में देरी पर दो एजेंसियों पर पांच लाख की पेनाल्टी

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उज्जैनः सिंहस्थ के निर्माण कार्यों में देरी पर दो एजेंसियों पर पांच लाख की पेनाल्टी


- संभाग आयुक्त बोले- निर्माण कार्यों में अब कोताही बर्दाश्त नहीं, इंजीनियर रोस्टर बनाकर मौके पर रहकर करें मॉनिटरिंग

उज्जैन, 27 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उज्जैन में सिंहस्थ -2028 की तैयारियों के तहत शहर में चल रहे निर्माण एवं विकास कार्यों में गति लाने के लिए संभाग आयुक्त-सह-सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह ने मंगलवार को निर्माण कार्यों के नियमित निरीक्षण के दौरान मार्ग चौड़ीकरण कार्य में देरी पाए जाने पर दो निर्माण एजेंसियों पर कुल 5 लाख रुपये की पेनाल्टी लगाने के निर्देश दिए।

हनुमान नाका से हरिफाटक मार्ग के कार्य में देरी पर ब्राइट इंफ्रा पर तीन लाख रुपये तथा मंछामन चौराहा से रेलवे कॉलोनी होते हुए हरिफाटक चौराहा मार्ग के कार्य में धीमी प्रगति पर जिंदल प्राइवेट लिमिटेड पर दो लाख रुपए की पेनाल्टी लगाई गई।

संभाग आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि सिंहस्थ के निर्माण कार्यों में अब किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी निर्माण एजेंसियां श्रमिकों की संख्या एवं आवश्यक संसाधन बढ़ाकर कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करें। उन्होंने निर्माण कार्यों से जुड़े विभागों के इंजीनियरों को निर्देश दिए कि वे निर्माण स्थल पर उपस्थित रहकर प्रतिदिन कार्यों की मॉनिटरिंग करें और यह सुनिश्चित करें कि प्रतिदिन निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कितना कार्य पूरा हुआ है। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर रौशन कुमार सिंह भी मौजूद रहे।

संभाग आयुक्त आशीष सिंह एवं कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने हरीफाटक ओवरब्रिज के नीचे प्रस्तावित अंडरपास निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। संभाग आयुक्त ने निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बनाए जा रहे अंडरपास के एलाइनमेंट को शीघ्र अंतिम रूप दिया जाए। इसके लिए एमपीआरडीसी, नगर निगम और लोक निर्माण विभाग संयुक्त रूप से ड्राइंग तैयार कर समन्वित कार्ययोजना प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी तालमेल एवं समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करें, ताकि सिंहस्थ के दौरान श्रद्धालुओं को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

संभाग आयुक्त ने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य कराने वाले विभागों के इंजीनियर निर्माण स्थल पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहकर कार्यों की निगरानी करें। उन्होंने कहा कि केवल कागजी मॉनिटरिंग से काम नहीं चलेगा, बल्कि मौके पर रहकर प्रतिदिन की प्रगति का आंकलन किया जाए और आवश्यकता के अनुसार निर्माण एजेंसियों को संसाधन बढ़ाने के निर्देश दिए जाएं।

600 मीटर लंबा होगा हरिफाटक अंडरपास

कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने बताया कि सिंहस्थ महापर्व के अंतर्गत प्रचलित निर्माण कार्यों का प्रतिदिन मौके पर निरीक्षण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार सभी निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाने है। इसी क्रम में हरिफाटक अंडरपास एवं ओवरब्रिज के कार्यों का निरीक्षण कर विभिन्न विभागों एवं एजेंसियों के बीच समन्वय के संबंध में कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया गया है। उन्होंने बताया कि हरिफाटक क्षेत्र में करीब 600 मीटर लंबे अंडरपास का कार्य प्रारंभ हो चुका है। अंडरपास के माध्यम से बाहर से आने वाले श्रद्धालु मन्नत गार्डन से सीधे श्री महाकालेश्वर मंदिर दर्शन के लिए पहुंच सकेंगे। अंडरपास का निर्माण रेलवे लाइन के नीचे से किया जा रहा है और इसके लिए रेलवे के साथ भी समन्वय बनाया गया है। नगर निगम की सड़क को भी अंडरपास से जोड़ा जाएगा, ताकि निर्माण के बाद यातायात व्यवस्था सुगम एवं व्यवस्थित बनी रहे।

कलेक्टर सिंह ने बताया कि नीलगंगा चौराहा से जुड़ी तीन प्रमुख सड़कों हरिफाटक से हनुमान नाका, हनुमान नाका से नीलगंगा चौराहा तथा नीलगंगा चौराहा से केटीएम शोरूम तक के निर्माण कार्यों का भी निरीक्षण किया गया। निर्धारित समय-सीमा के अनुसार आवश्यक संसाधन मौके पर उपलब्ध है या नही, इसकी भी लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि सभी निर्माण कार्य तय समय-सीमा में पूर्ण कराए जाएंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

Livevns.news Desk
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