मप्र के उज्जैन में प्राचीन परंपरा के अनुसार हुई नगर पूजा, 40 मंदिरों में लगाया गया मदिरा का भोग

WhatsApp Channel Join Now
मप्र के उज्जैन में प्राचीन परंपरा के अनुसार हुई नगर पूजा, 40 मंदिरों में लगाया गया मदिरा का भोग


उज्जैन, 18 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उज्जैन में शारदीय नवरात्रि की महाअष्टमी पर सोमवार को सदियों पुरानी परम्परा के अनुसार नगर पूजा संपन्न हुई। सुबह चौबीस खंबा माता मंदिर में महामाया और महालया माता की पूजा-अर्चना कर मदिरा का भोग लगाया गया। इसके बाद ढोल-नगाड़ों के साथ शासकीय नगर पूजा दल 26 किलोमीटर की यात्रा पर निकला।

कोटवार और पटवारी मिट्टी की हांडी से मदिरा की धार चढ़ाते हुए शहर के करीब 40 देवी, भैरव और हनुमान मंदिरों में पहुंचे। यात्रा का समापन रात 8 बजे अंकपात क्षेत्र स्थित हांडी फोड़ भैरव मंदिर में पूजन के बाद हुआ। इस तरह करीब 12 घंटे तक चली नगर पूजा की परंपरा पूरी की गई। मान्यता है कि यह पूजा नगर को अनिष्ट, महामारी और प्राकृतिक आपदाओं से बचाने तथा नागरिकों की सुख-समृद्धि की कामना के लिए की जाती है।

चौबीस खम्बा माता मंदिर पर कलेक्टर-एसपी ने किया माता महामाया-महालया का पूजन

परम्परा के मुताबिक शारदीय नवरात्रि की अष्टमी तिथि पर सोमवार को नगर की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना के लिए चौबीस खम्बा माता मंदिर पर शासकीय नगर पूजा का आयोजन किया गया। कलेक्टर रौशन कुमार सिंह और एसपी प्रदीप शर्मा द्वारा विधि-विधान से माता महामाया महालया का पूजन अर्चन कर नगर पूजा की पारंपरिक यात्रा प्रारंभ की।

नवरात्रि पर्व की महाअष्टमी तिथि पर कलेक्टर- एसपी ने चौबीस खम्बा माता मंदिर पहुंचकर पूजन अर्चन किया। माता को सोलह सिंगार, चुनरी अर्पित कर बलबाकल का भोग लगाया गया। कलेक्टर ने कहा कि नवरात्रि के पावन पर्व पर महाअष्टमी के अवसर पर चौबीस खम्बा माता मंदिर पर माता महामाया और महालया का परंपरा अनुसार विधि विधान से पूजन संपन्न किया गया। नगर वासियों के सुख शांति के लिए यात्रा निकाली गई।

पूजन के बाद शासकीय दल यात्रा पर रवाना हुआ। दल में शामिल सदस्य निर्धारित मार्ग पर चलते हुए मंदिरों में पूजा करते हैं। नगर पूजा के दौरान नगर के 40 छोटे-बड़े मंदिरों में पूजन-अर्चन कर देवी देवताओं को बलबाकल का भोग अर्पित किया गया। इसके बाद रात्रि में हांडी फोड़ भैरव मंदिर पर पहुंचकर नगर पूजा संपन्न हुई। इसे तांत्रिक स्वरूप की पूजा माना जाता है। शासकीय नगर पूजा उज्जैन की प्राचीन धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह आयोजन नगर की सुख-समृद्धि, शांति एवं जनकल्याण की मंगलकामना के साथ प्रतिवर्ष श्रद्धा और परंपरागत विधि-विधान से संपन्न किया जाता है। नगर पूजा की यात्रा सुबह करीब 8 बजे शुरू होकर शाम से रात 8 बजे तक चली।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

Livevns.news Desk
Livevns.news Desk

763724 Articles

Share this story