मप्र के दो वनरक्षक को मानव-हाथी संघर्ष प्रबंधन में उत्कृष्ट योगदान के लिए मिला ‘गज गौरव’ अवार्ड

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मप्र के दो वनरक्षक को मानव-हाथी संघर्ष प्रबंधन में उत्कृष्ट योगदान के लिए मिला ‘गज गौरव’ अवार्ड


भोपाल, 14 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के शहडोल दक्षिण वन मंडल के बुढ़ार रेंज में पदस्थ दो वनरक्षकों समहरूदीन बैगा और राकेश बैगा को मानव-हाथी संघर्ष प्रबंधन में उल्लेखनीय योगदान के लिए गज गौरव अवार्ड की श्रेणी-I में संयुक्त रूप से सम्मानित किया गया है।

जनसम्पर्क अधिकारी केके जोशी ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए बताया कि वनरक्षकों को यह सम्मान शहडोल परिक्षेत्र में हाथियों की गतिविधियों की निगरानी, मानव-हाथी संघर्ष की रोकथाम और हाथियों और स्थानीय समुदायों की सुरक्षा के लिए उत्कृष्ट समर्पण, साहस और व्यावसायिक दक्षता का परिचय देने के लिये दिया गया है।

उन्होंने बताया कि गज गौरव अवार्ड के अंतर्गत विभिन्न राज्यों के वनकर्मियों और हाथी संरक्षण से जुड़े कर्मियों को हाथी संरक्षण, मानव-हाथी संघर्ष प्रबंधन और हाथियों की सुरक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया है। मध्य प्रदेश के वन रक्षकों को मिला यह संयुक्त सम्मान प्रदेश में मानव-हाथी संघर्ष के प्रभावी प्रबंधन और वन्यजीव संरक्षण के प्रति मैदानी अमले की प्रतिबद्धता को सिद्ध करता है।

समहरूदीन बैगा और राकेश बैगा ने वर्ष 2025-26 के दौरान बुढ़ार रेंज में हाथियों के झुंडों के आवागमन और लंबे समय तक उनकी मौजूदगी के दौरान दिन-रात लगातार निगरानी और गहन रात्रि गश्त की। उन्होंने स्थानीय समुदायों के साथ निकट समन्वय स्थापित कर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा हाथियों के सुरक्षित आवागमन को सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

दोनों वनरक्षकों ने ग्रामीणों के बीच जागरूकता गतिविधियां संचालित कीं और हाथियों की गतिविधियों की समय पर जानकारी साझा की। उन्होंने संवेदनशील परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में सहयोग किया तथा प्रभावित परिवारों को शीघ्र मुआवजा दिलाने के लिए राजस्व विभाग के साथ समन्वय किया।

वन रक्षकों के समयबद्ध हस्तक्षेप और निरंतर मैदानी उपस्थिति से हाथियों को सुरक्षित रूप से अनूपपुर परिक्षेत्र की ओर बढ़ने में मदद मिली। इस दौरान किसी भी व्यक्ति की मृत्यु अथवा घायल होने की घटना को रोकने के साथ ही हाथियों को भी चोट से बचाने और आवासीय संपत्तियों को होने वाले नुकसान को न्यूनतम करने में सफलता मिली। दोनों वनरक्षकों की प्रतिबद्धता, साहस, व्यावसायिकता और प्रभावी संघर्ष न्यूनीकरण प्रयासों ने हाथी संरक्षण को मजबूत करने के साथ ही मानव और हाथियों के बीच शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व को बढ़ावा दिया है। उनके उल्लेखनीय कार्य को मान्यता देते हुए उन्हें गज गौरव अवार्ड के लिए चुना गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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