घर-घर जब व्यापार होगा, तभी देश उन्नत होगाः कलेक्टर राघवेंद्र सिंह

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घर-घर जब व्यापार होगा, तभी देश उन्नत होगाः कलेक्टर राघवेंद्र सिंह


- सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया द्वारा राष्ट्रव्यापी मेगा कृषि क्रेडिट आउटरीच कार्यक्रम संपन्न

जबलपुर, 06 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने कहा कि राष्ट्रीयकृत बैंकों के माध्यम से मिलने वाला ऋण बहुत सस्ती दरों पर उपलब्ध है। हितग्राही ऋण का उपयोग केवल उसी उत्पादक कार्य के लिए करें, जिसके लिए वह लिया गया है, ताकि वे न केवल स्वयं का, बल्कि अपने परिवार और जिले का नाम रोशन कर सकें। उन्होंने कहा कि घर-घर जब व्यापार होगा तो ही देश उन्नत होगा।

कलेक्टर राघवेंद्र सिंह शनिवार को सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया द्वारा संस्कृति थियेटर भंवरताल में आयोजित राष्ट्रव्यापी मेगा कृषि क्रेडिट आउटरीच कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया केन्‍द्रीय कार्यालय मुंबई के महाप्रबंधक वीरेंद्र मेहता और जबलपुर रीजनल हेड अविनाश कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में शासन की योजनाओं जैसे डॉ. अम्‍बेडकर कामधेनु योजना, स्व सहायता समूह ऋण, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना, प्रधानमंत्री सड़क सुरक्षा योजना, किसान वाहन स्कीम के तहत ऋण प्राप्त करने वाले विभिन्न क्षेत्रों से आए हितग्राहियों को प्रतीकात्मक चेक प्रदान किए गए।

कलेक्टर सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन वित्तीय साक्षरता को गति प्रदान करते हैं। प्रधानमंत्री जन-धन खातों के माध्यम से बैंकिंग प्रणाली से वंचित वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ा गया है। उन्होंने सोशल सिक्योरिटी स्कीमों, जैसे प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और जीवन ज्योति बीमा योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि मात्र मामूली वार्षिक प्रीमियम पर दो लाख रुपये का सुरक्षा कवच मिलता है, जो संकट के समय परिवारों के लिए बड़ा सहारा है।

उन्होंने एनआरएलएम और विभिन्न सरकारी योजनाओं का उदाहरण देते हुए महिलाओं से उद्यमी बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कृषि प्रधान जिला होने के नाते हमें कोदो-कुटकी, धान, गेहूं और मटर जैसे उत्पादों के 'फूड प्रोसेसिंग' की ओर बढ़ना चाहिए। उद्यानिकी विभाग की सहायता से डीपीआर तैयार करवाकर एक करोड़ रुपये तक के ऋण प्रोजेक्ट के आधार पर प्राप्त किए जा सकते हैं।

कलेक्टर ने लाड़ली बहना योजना की हितग्राही महिलाओं को 'अटल पेंशन योजना' में अनिवार्य रूप से जुड़ने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि भविष्य में स्वास्थ्य संबंधी खर्चों के लिए आत्मनिर्भर होना आवश्यक है। महाप्रबंधक श्री मेहता ने कहा कि सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया किसानों से लगातार जुड़े हुए हैं और बैंक द्वारा समय-समय पर उनको सहायता भी प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि सीबीआई द्वारा सरकार की योजनाओं को लोगों तक पहुंचाना ही हमारा लक्ष्य है।

महाप्रबंधक वीरेंद्र मेहता ने बताया कि बैंक द्वारा विभिन्न योजनाओं को लाभ पहुंचाकर उनको मार्गदर्शन भी देते हैं, साथ ही कृषि कृषि से जुड़ी सरकार की बहुत सारी योजनाएं जो चल रही हैं उनको पहुंचाने की कोशिश भी सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया द्वारा की जा रही है। उन्होंने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की भूमिका, राष्ट्र निर्माण मे योगदान वर्तमान एवं नवीनतम योजनाओं से जुडी जानकारिया एवं अवसरों को विस्तार से अवगत कराया।

कार्यक्रम में किसानों एवं ग्रामीण उद्यमियों को कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों से जुड़ी विभिन्न ऋण योजनाओं की जानकारी एवं लाभ उपलब्ध कराया गया। इनमें किसान क्रेडिट कार्ड, स्वयं सहायता समूह ऋण, मत्स्य पालन, पशुपालन, कृषि यंत्रीकरण, पीएमएफएमई, ग्रामीण उद्योग, एग्रो वितरण तथा सौर ऊर्जा प्लांट जैसी योजनाओ क अंतर्गत रुपये 28 करोड़ से अधिक के ऋण वितरित किए। इस अवसर पर सहायक कृषि उप संचालक रवि आम्रवंशी, एलडीएम, एनआरएलएम, कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, पशुपालन विभाग, एसआरएलएम के अधिकारी, बैंक प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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