प्रौद्योगिकी, स्टार्टअप और नवाचार आधारित विकास में अंतर-राज्यीय सहयोग को मिलेगा बढ़ावा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
- विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की सिल्वर स्टेट पार्टनर के रूप में होगी सशक्त भागीदारी, राज्य का तकनीकी और निवेश दृष्टिकोण होगा प्रस्तुत
भोपाल, 03 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि संरचित साझेदारियों के माध्यम से प्रौद्योगिकी, स्टार्टअप और नवाचार-आधारित विकास में अंतर-राज्यीय सहयोग को बढ़ाया जाएगा। इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रदेश सरकार का विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग 4 से 6 जनवरी 2026 तक जयपुर में आयोजित राजस्थान डिजीफेस्ट-टीआईई ग्लोबल समिट 2026 के 10वें संस्करण में सिल्वर स्टेट पार्टनर के रूप में शामिल होगा। यह भागीदारी 27 नवंबर 2025 को आयोजित एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 के दौरान द इंडस एंटरप्रेन्योर्स (टीआईई) राजस्थान के साथ हस्ताक्षरित समझौते के अनुरूप होगी।
जनसम्पर्क अधिकारी जूही श्रीवास्तव ने शनिवार को जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्य प्रदेश प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे, जो उभरते और उच्च विकास वाले क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करते हुए राज्य के प्रौद्योगिकी एवं निवेश संबंधी दृष्टिकोण को प्रस्तुत करेंगे। राज्य की प्रस्तुति 5 जनवरी 2026 को जयपुर प्रदर्शनी एवं सम्मेलन केंद्र में आयोजित होगी, जहां मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्राथमिकता प्राप्त प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में वैश्विक निवेशकों तथा उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के समक्ष अवसरों की विस्तृत रूपरेखा रखेंगे। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संजय दुबे उच्च स्तरीय राज्य प्रस्तुति देंगे।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव इनोवेशन एक्सपो का भ्रमण करेंगे और मध्यप्रदेश पवेलियन का दौरा कर स्टार्टअप्स, इनोवेटर्स एवं उद्योग प्रतिनिधियों से प्रत्यक्ष संवाद करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सीईओ, निवेशकों तथा वैश्विक उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ व्यक्तिगत बैठक कर मध्यप्रदेश में रणनीतिक निवेश के अवसरों एवं दीर्घकालिक सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा भी करेंगे।
जनसम्पर्क अधिकारी के अनुसार, टीआईई ग्लोबल समिट-2026 में मध्य प्रदेश अपनी नवस्थापित एवं प्रगतिशील नीतिगत व्यवस्था का प्रभावी प्रदर्शन करेगा, जिसमें आईटी एवं आईटी-सक्षम सेवाएं, स्टार्टअप्स, इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिज़ाइन एवं विनिर्माण (ईएसडीएम), एवीजीसी-एक्सआर, ड्रोन, वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी) तथा अन्य सहायक ढांचे शामिल हैं। ये नीतियां राज्य को अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकियों, डिजिटल नवाचार तथा उच्च-मूल्य वाले रोजगार सृजन के लिए पसंदीदा गंतव्य बनाने और भारत के टियर-2 शहरों के प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप हैं।
उन्होंने बताया कि समिट में टीआईई ग्लोबल के गणमान्य व्यक्ति तथा राजस्थान के प्रमुख उद्योगपति शामिल होंगे जो उद्यमिता, निवेश एवं क्षेत्रीय सहयोग पर अपने विचार साझा करेंगे। मध्यप्रदेश की उद्योग शक्ति का मजबूत प्रतिनिधित्व राज्य में मुख्यालय या परिचालन वाली विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त कंपनियों द्वारा किया जाएगा। यश टेक्नोलॉजीज के सह-संस्थापक धर्मेन्द्र जैन, इंफोबीन्स टेक्नोलॉजीज के सह-संस्थापक सिद्धार्थ सेठी, इम्पेटस टेक्नोलॉजीज के सीईओ संजीव अग्रवाल तथा क्लिनिसप्लाइज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की निदेशक (जीसीसी) प्रेरिता बाहेती मध्य प्रदेश की प्रौद्योगिकी सफलता का प्रतिनिधित्व करेंगे और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी उद्यमों को सक्षम बनाने में राज्य की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालेंगे।
इसके साथ ही हॉल 2 में स्टॉल नंबर P11 पर मध्यप्रदेश के लिए एक विशेष एमपी पवेलियन स्थापित किया जाएगा, जिसमें राज्य के प्रमुख स्टार्टअप्स एवं कंपनियों को प्रदर्शित किया जाएगा। इस पवेलियन में किंट्सुगी बिजनेस लैब्स प्राइवेट लिमिटेड, थ्रीवे स्टूडियो प्राइवेट लिमिटेड, कॉमन स्कूल (कॉमनफाई वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड), एसए डिजिटल (ग्रोबोट्स), यंगोवेटर एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड, Gradyn.ai और ज़ांगोह सहित कई प्रदर्शक शामिल होंगे। ये प्रदर्शक प्रौद्योगिकी, शिक्षा, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स एवं उभरते क्षेत्रों में अपने अभिनव समाधानों का प्रदर्शन करेंगे, जिससे मध्यप्रदेश के तेजी से विकसित हो रहे स्टार्टअप एवं नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को और मजबूती मिलेगी।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने कहा कि “सिल्वर स्टेट पार्टनर के रूप में टीआईई ग्लोबल समिट के साथ साझेदारी कर हम प्रसन्न हैं। भारत का प्रौद्योगिकी एवं उद्यमिता परिदृश्य अब महानगरों से आगे बढ़ रहा है। प्रगतिशील नीतियों, मजबूत डिजिटल बुनियादी ढांचे तथा प्रतिभाओं की प्रचुरता के कारण मध्यप्रदेश स्टार्टअप्स, वैश्विक उद्यमों और भविष्य की प्रौद्योगिकियों के लिए पसंदीदा गंतव्य बनकर उभर रहा है। टीआईई जैसे मंच सार्थक वैश्विक जुड़ाव को बढ़ावा देते हैं। यह साझेदारी अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करेगी, विस्तारयोग्य उद्यमिता को समर्थन देगी तथा मध्य प्रदेश के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को वैश्विक बाजारों और निवेशकों से जोड़ेगी।”
मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की 10वें टीआईई ग्लोबल समिट 2026 में भागीदारी राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर खुद को भविष्य के लिए तैयार, नवाचार-आधारित और निवेशक-अनुकूल प्रौद्योगिकी गंतव्य के रूप में स्थापित करने पर राज्य के निरंतर ध्यान को दर्शाती है। बैठक की चर्चा के इच्छुक हितधारक मध्यप्रदेश सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग में निवेश प्रोत्साहन अधिकारी अवंतिका वर्मा से ipcell-mp@mpsedc.com पर संपर्क कर सकते हैं, जो शिखर सम्मेलन के लिए निवेशकों तक पहुंच और उनसे जुड़ाव का समन्वय कर रही हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

