भोपालः वन विहार में प्रकृति संरक्षण विषय पर दो दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला संपन्न
भोपाल, 11 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के राष्ट्रीय उद्यान वन विहार में डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया, मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ राज्य कार्यालय तथा पीसीपीसी (प्रोजेक्ट कंसलटेंट एंड प्रोजेक्ट कन्वीनर) आर. श्रीनिवास मूर्ति (सेवानिवृत्त आई.एफ.एस.) द्वारा संयुक्त रूप इस शिक्षण सत्र में 8 प्रशिक्षण कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में द्वितीय कार्यशाला का आयोजन 10 एवं 11 जनवरी को विद्यालय एवं महाविद्यालय के शिक्षकों के लिए किया गया, जो प्रकृति संरक्षण पर आधारित था। कार्यशाला में मध्य प्रदेश के 18 जिलों के 42 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
कार्यशाला का शुभारंभ कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्य प्राणी अभिरक्षक, वन विभाग वन्य प्राणी शाखा भोपाल, शुभंजन सेन द्वारा किया गया। कार्यक्रम के विशेष अतिथि डॉ. सुहास कुमार सेवानिवृत्त, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं परियोजना संरक्षक थे। कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में आर श्रीनिवास मूर्ति, सेवानिवृत्त अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं इस परियोजना के संयोजक भी उपस्थित थे।
मुख्य वन संरक्षक अतिथि सेन ने कहा कि समाज में यदि हमें कोई परिवर्तन लाना हो उसके लिए विद्यार्थियों का साथ आना बहुत जरूरी है और अगर विद्यार्थियों के मानस में परिवर्तन करना हो उसके लिए शिक्षक ही सबसे उपयोगी साबित हो सकता है यदि शिक्षक प्रकृति एवं पर्यावरण के प्रति जागरूक हो जाए तो निश्चित ही वह अपने विद्यार्थियों को भी अवश्य इस अभियान में जुड़ने के लिए प्रेरित कर पाएंगे।
विशेष अतिथि डॉ. सुहास कुमार ने कहा कि यदि हमें आने वाली पीढ़ियों लिए रहने योग्य पृथ्वी देना है तो हमें आज ही से प्रकृति संरक्षण को अपने दैनिक जीवन में अपनाना पड़ेगा यदि इसमें और देर हुई तो शायद हम फिर एक स्वस्थ प्राकृतिक वातावरण को न पा सकें।
कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर परियोजना के सलाहकार एवं संयोजक श्रीनिवास मूर्ति ने कहा कि समाज को आज प्रकृति संरक्षण के लिए प्रेरित करने की सबसे ज्यादा आवश्यकता है शायद हमारे समाज में प्रकृति संरक्षण हमारी प्राथमिकताओं में बहुत पीछे की श्रेणी में शामिल है आज आवश्यकता है की प्रकृति संरक्षण और प्रकृति के विभिन्न आयामों एवं उनसे होने वाली समस्याओं से निपटने के लिए हमें आने वाली पीढ़ी, जो विद्यार्थियों के रूप में हमारे सामने है, को सचेत करते हुए उन्हें प्रकृति संरक्षण के लिए प्रेरित करना चाहिए जिसके लिए शिक्षक सबसे ज्यादा उपयोगी है।
कार्यशाला के उद्घाटन अवसर पर वन विहार राष्ट्रीय उद्यान एवं जु, भोपाल के निदेशक विजय कुमार द्वारा स्वागत भाषण प्रस्तुत किया गया एवं संचालक, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया, मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ राज्य कार्यालय, भोपाल, डॉ. स्वाति मोघे द्वारा शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा गया कि शिक्षक पहां से प्रशिक्षण प्राप्त करने के पश्चात अपने विद्यालय एवं अपने आसपास के अन्य विद्यालयों के शिक्षकों को भी इस अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित करें। उद्द्घाटन कार्यक्रम एवं दो दिवसीय संपूर्ण सत्र के दौरान इस परियोजना के मुख्य प्रशिक्षक एवं विषय विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

