मप्र: स्वच्छ सर्वेक्षण को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल, केंद्रीय मंत्री खट्टर को भेजी शिकायत
भोपाल नगर निगम पर वास्तविक स्थिति छिपाने का आरोप
भोपाल, 28 मई (हि.स.)। स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 को लेकर कांग्रेस ने भोपाल नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहरलाल खट्टर को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि नगर निगम स्वच्छ सर्वेक्षण टीम के समक्ष शहर की वास्तविक स्थिति प्रस्तुत करने के बजाय केवल बाहरी सौंदर्यीकरण पर ध्यान दे रहा है।
विवेक त्रिपाठी ने गुरुवार काे मीडिया से कहा कि स्वच्छ भारत मिशन-शहरी के अंतर्गत शुरू किए गए “स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26” का उद्देश्य शहरों की स्वच्छता व्यवस्था का निष्पक्ष मूल्यांकन करना है, लेकिन भोपाल में यह प्रक्रिया दिखावटी रंगरोगन तक सीमित होती दिखाई दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम द्वारा निरीक्षण से पहले विभिन्न स्थानों पर पुताई और सजावट कर वास्तविक समस्याओं को छिपाने का प्रयास किया जा रहा है।
अरेरा कॉलोनी के सुलभ शौचालय का मामला उठाया
कांग्रेस प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने अरेरा कॉलोनी स्थित 10 नंबर मार्केट के सुलभ शौचालय का उदाहरण देते हुए कहा कि बाहर से रंगाई-पुताई कर उसे आकर्षक बनाया गया है, लेकिन अंदर की स्थिति खराब बनी हुई है। उनके अनुसार शौचालयों की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हैं, नियमित सफाई व्यवस्था प्रभावित है और दुर्गंध के कारण आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं, बुजुर्गों और बाजार आने वाले लोगों को विशेष रूप से कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। त्रिपाठी ने यह भी कहा कि जिन क्षेत्रों से नगर निगम को सर्वाधिक कर और राजस्व प्राप्त होता है, वहां भी मूलभूत सुविधाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि अरेरा कॉलोनी जैसे क्षेत्रों के साथ लगातार उपेक्षापूर्ण व्यवहार किया जा रहा है।
“रैंकिंग से ज्यादा जरूरी जमीनी व्यवस्था”
विवेक त्रिपाठी ने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण का उद्देश्य केवल शहरों की रैंकिंग बढ़ाना नहीं, बल्कि नागरिकों को स्वच्छ और सम्मानजनक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि यदि केवल बाहरी सौंदर्यीकरण के जरिए वास्तविक समस्याओं को छिपाया जाएगा, तो यह सर्वेक्षण की मूल भावना के विपरीत होगा। उन्होंने इंदौर में हाल ही में दूषित पानी की शिकायतों और उससे हुई जनहानि का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वच्छता और पेयजल व्यवस्था जैसे मुद्दों पर केवल रैंकिंग नहीं, बल्कि जमीनी सुधार आवश्यक हैं।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
1. भोपाल के सभी सार्वजनिक सुलभ शौचालयों का स्वतंत्र एवं निष्पक्ष निरीक्षण कराया जाए।
2. संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।
3. अस्थायी रंगरोगन के बजाय स्थायी स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
4. स्वच्छ सर्वेक्षण टीम को शहर की वास्तविक स्थिति से अवगत कराया जाए।
5. पेयजल व्यवस्था की व्यापक जांच कर सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।
विवेक त्रिपाठी ने कहा कि यदि समस्याओं के समाधान की दिशा में जल्द कदम नहीं उठाए गए, तो कांग्रेस पार्टी नागरिकों के साथ मिलकर जनहित में आंदोलन करने पर विचार करेगी। वहीं, नगर निगम की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

