कुबेरेश्वरधाम पर उमड़ा आस्था का सैलाब, हरिद्वार से गंगाजल लेकर पहुंचे 100 से अधिक कांवड़िए

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कुबेरेश्वरधाम पर उमड़ा आस्था का सैलाब, हरिद्वार से गंगाजल लेकर पहुंचे 100 से अधिक कांवड़िए


- 25 अगस्त को सुबह 9 बजे निकलेगी भव्य कांवड़ यात्रा, देशभर के श्रद्धालु होंगे शामिल

सीहोर, 23 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में स्थित कुबेरेश्वरधाम में सावन मास के अंतिम सोमवार को लेकर श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ रही है। रविवार को डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने धाम पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक और पूजा-अर्चना की। शहर के सीवन नदी के तट से लेकर कुबेरेश्वरधाम तक दिनभर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारे गूंजते रहे। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के चलते शहर सहित आसपास की होटल, धर्मशाला और होम स्टे भी फुल हो गए हैं।

कुबेरेश्वरधाम के प्रसिद्ध कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने श्रद्धालुओं को संदेश देते हुए कहा कि भगवान शिव के प्रति सच्ची आस्था और विश्वास रखना चाहिए। अडंबर और पाखंड में फंसने की जरूरत नहीं है। भगवान शिव बहुत भोले हैं और सच्चे भाव से की गई भक्ति से प्रसन्न होते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान शिव का निरंतर स्मरण करते हुए श्रद्धा और विश्वास के साथ एक लोटा जल अर्पित करना चाहिए। भक्ति में दिखावे से अधिक महत्व भाव का है। मन में सच्ची आस्था हो तो सरल तरीके से की गई पूजा भी सार्थक होती है।

25 अगस्त को निकलेगी भव्य कांवड़ यात्रा

सावन मास के दौरान प्रतिदिन सीवन नदी के तट से हजारों श्रद्धालु कांवड़ लेकर कुबेरेश्वरधाम पहुंच रहे हैं। वहीं 25 अगस्त को सुबह 9 बजे सीवन नदी के तट से कुबेरेश्वरधाम तक भव्य कांवड़ यात्रा निकाली जाएगी। यात्रा को लेकर विठलेश सेवा समिति और प्रशासन की ओर से तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पंडित प्रदीप मिश्रा ने कांवड़ यात्रा को शिव और शक्ति का प्रतीक बताते हुए कहा कि कांवड़ लेकर भगवान शिव की ओर जाने वाले श्रद्धालु और रास्ते में कांवड़ यात्रियों की सेवा करने वाले सेवादार, दोनों ही भगवान की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने सेवा कार्य में जुटे सामाजिक संगठनों और सेवादारों की सराहना करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की सेवा करना भी पुण्य का कार्य है।

हरिद्वार से गंगाजल लेकर पहुंचे कांवड़िए

विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि हरिद्वार से 100 से अधिक कांवड़ यात्री गंगाजल लेकर कुबेरेश्वरधाम पहुंचे। श्रद्धालुओं ने अपने वाहनों को शहर के बस स्टैंड पर पार्क किया और वहां से सीवन नदी के तट तक पहुंचकर भजन-कीर्तन करते हुए पैदल धाम की ओर प्रस्थान किया। भगवा वस्त्रों में सजे शिवभक्तों के जयकारों से पूरा कांवड़ मार्ग भक्तिमय नजर आया। डाक कांवड़ में शामिल युवाओं का उत्साह भी देखते ही बन रहा था। हरिद्वार से गंगाजल लेकर पहुंचे इन शिवभक्तों ने रविवार को भगवान शिव का जलाभिषेक किया। जगह-जगह सामाजिक संगठनों और सेवादारों ने कांवड़ यात्रियों का स्वागत कर चाय, नाश्ता, पेयजल और प्रसादी की व्यवस्था की।

अंतिम सोमवार को 200 क्विंटल खिचड़ी का भोग

सावन के अंतिम सोमवार को कुबेरेश्वरधाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष भंडारे की व्यवस्था की गई है। सोमवार को 200 क्विंटल से अधिक खिचड़ी का भोग लगाया जाएगा। इसके साथ ही रोटी-सब्जी सहित अन्य प्रसादी का वितरण भी किया जाएगा। धाम पर नियमित रूप से नुक्ती, खिचड़ी, रोटी, फलहारी नमकीन, मिठाई और सब्जी आदि का वितरण किया जा रहा है। अंतिम सोमवार और 25 अगस्त की कांवड़ यात्रा को देखते हुए सीवन नदी के तट से कुबेरेश्वरधाम तक श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में सेवा पंडालों, भोजन-प्रसादी, पेयजल और अन्य व्यवस्थाओं को भी विस्तार दिया गया है। पूरे क्षेत्र में सावन की भक्ति और कांवड़ यात्रा को लेकर उत्साह का माहौल बना हुआ है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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